ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास हिरासत में लिए गए नेपाली नागरिक को किया रिहा
सारांश
Key Takeaways
- अमृत झा की रिहाई ने नेपाल और ईरान के संबंधों में सुधार का संकेत दिया है।
- नेपाल सरकार ने रिहाई के लिए सक्रिय कदम उठाए।
- संयुक्त अरब अमीरात द्वारा नेपाली कैदियों को माफी देने का निर्णय मानवता की दृष्टि से सराहनीय है।
काठमांडू, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ईरान के सुरक्षा बलों द्वारा हिरासत में लिए गए नेपाली नागरिक अमृत झा को अब रिहा कर दिया गया है। नेपाल सरकार ने इस बात की पुष्टि की है।
विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि तेहरान में नेपाल के मानद महावाणिज्य दूत के माध्यम से जानकारी प्राप्त हुई है कि स्थानीय अदालत ने अमृत झा की रिहाई का आदेश दिया है।
मंत्रालय ने आगे कहा, "तेहरान में हमारे मानद महावाणिज्य दूत और दोहा स्थित नेपाली दूतावास के माध्यम से रिहाई के आदेश की विस्तृत जानकारी प्राप्त करने और उनकी नेपाल वापसी की प्रक्रिया को पूरा करने के प्रयास जारी हैं।"
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने भी इस घटनाक्रम की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि नेपाली अधिकारी अमृत झा के संपर्क में हैं और उनकी सुरक्षित वापसी के लिए प्रयासरत हैं।
उन्होंने एक्स पर लिखा, "ईरान में हिरासत में रहे अमृत झा को रिहा कर दिया गया है। हमारा मानद वाणिज्य दूतावास और कतर स्थित दूतावास उनके संपर्क में हैं। हमारी टीम उन्हें ईरान से बाहर निकालने के लिए कार्यरत है।"
अधिकारियों के अनुसार, अमृत झा को क़ेश्म द्वीप से हिरासत में लिया गया था, जो होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट स्थित है। हालांकि, गिरफ्तारी की तारीख और कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं की गई है। ऐसा बताया जा रहा है कि वह इस क्षेत्र में एक जहाज पर नाविक के रूप में कार्यरत थे। यह जलडमरूमध्य ईरान और ओमान के बीच स्थित एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जहां से दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल की आवाजाही होती है।
इस बीच, नेपाल सरकार ने संयुक्त अरब अमीरात द्वारा रमजान के पवित्र महीने के अवसर पर 128 नेपाली कैदियों को माफी देने के फैसले की सराहना की है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह कदम मानवीय दृष्टिकोण से उठाया गया एक सराहनीय निर्णय है और इससे नेपाल तथा संयुक्त अरब अमीरात के बीच सौहार्दपूर्ण संबंधों का पता चलता है। यह माफी नेपाल सरकार के अनुरोध पर अबू धाबी स्थित नेपाली दूतावास के माध्यम से दी गई।