झारखंड में कमर्शियल एलपीजी की कमी पर मंत्री इरफान अंसारी का केंद्र को पत्र
सारांश
Key Takeaways
- कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति में रुकावट
- राज्य सरकार ने केंद्र से हस्तक्षेप की मांग की
- औद्योगिक गतिविधियों पर संकट का खतरा
- होटल व्यवसाय और श्रमिकों की आजीविका पर प्रभाव
- मंत्री इरफान अंसारी का पत्र केंद्रीय मंत्री को प्रेषित
रांची, ११ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड में कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर की सप्लाई में आई रुकावट के कारण उत्पन्न संकट पर राज्य सरकार ने केंद्र से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है।
राज्य के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, परिवार कल्याण, खाद्य-आपूर्ति और आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इस विषय पर केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को एक पत्र प्रेषित किया है।
डॉ. अंसारी ने पत्र में उल्लेख किया है कि यदि औद्योगिक संस्थानों और होटलों को कमर्शियल गैस की आपूर्ति तुरंत बहाल नहीं की गई, तो राज्य की औद्योगिक गतिविधियाँ गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती हैं, जिससे हजारों श्रमिकों का जीवन संकट में पड़ जाएगा।
पत्र में उन्होंने राज्य स्तरीय समीक्षा का उल्लेख करते हुए कहा कि विभिन्न समाचार पत्रों और माध्यमों से ज्ञात हुआ है कि झारखंड में एलपीजी सिलिंडर की उपलब्धता में गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं। समीक्षा में यह पाया गया कि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने अस्पतालों और स्कूलों को छोड़कर अन्य सभी व्यावसायिक क्षेत्रों के लिए कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति रोक दी है।
मंत्री ने लिखा है कि उषा मार्टिन लिमिटेड, रांची सहित कई अन्य औद्योगिक संस्थानों ने सरकार से अनुरोध किया है कि उनकी कैंटीन के संचालन के लिए गैस की आपूर्ति नहीं हो रही है। पत्र में उन्होंने राज्य के होटल व्यवसाय और उससे जुड़े लोगों की आजीविका पर पड़ने वाले खतरे की ओर भी केंद्र का ध्यान आकृष्ट किया है।
डॉ. अंसारी ने बताया कि कई होटल अस्पतालों को भी भोजन की आपूर्ति करते हैं, जो अब संकट में हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से निवेदन किया है कि वे संबंधित प्राधिकारियों को निर्देशित करें ताकि झारखंड के औद्योगिक संस्थानों और होटलों में कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति तत्काल प्रभाव से बहाल की जा सके।