बद्रीनाथ धाम में कैलाश खेर की भक्ति: 'जोगी' एल्बम के बाद नारायण जाप से झूमे श्रद्धालु

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बद्रीनाथ धाम में कैलाश खेर की भक्ति: 'जोगी' एल्बम के बाद नारायण जाप से झूमे श्रद्धालु

सारांश

पद्मश्री गायक कैलाश खेर की आध्यात्मिक यात्रा हरिद्वार से होते हुए बद्रीनाथ धाम तक पहुँची, जहाँ उनके नारायण जाप ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। 'जोगी' एल्बम के साथ वे भक्ति संगीत को तीर्थस्थलों की पवित्रता से जोड़ रहे हैं — एक कलाकार की आस्था की सच्ची अभिव्यक्ति।

Key Takeaways

कैलाश खेर बुधवार को बद्रीनाथ धाम पहुँचे और पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने पीले वस्त्र और तुलसी माला धारण कर श्रीमन नारायण नारायण हरि हरि का जाप किया। नया आध्यात्मिक एल्बम 'जोगी' ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन में स्वामी चिदानंद सरस्वती के सानिध्य में लॉन्च हुआ। एल्बम में आदि शंकराचार्य के संन्यास, हिंदू शास्त्रार्थ और भारत के आध्यात्मिक क्षेत्रों की शक्ति को शब्दों में पिरोया गया है। बद्रीनाथ धाम के कपाट इस वर्ष 23 अप्रैल को खोले गए; यह धाम 6 माह बर्फबारी के कारण बंद रहता है।

पद्मश्री से सम्मानित प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर बुधवार को बद्रीनाथ धाम पहुँचे और वहाँ श्रीमन नारायण नारायण हरि हरि के जाप से समस्त श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके हालिया आध्यात्मिक एल्बम 'जोगी' के लॉन्च के बाद से वे एक धार्मिक यात्रा पर हैं और अपने हर पड़ाव की झलक प्रशंसकों के साथ सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं।

बद्रीनाथ में भक्ति का अनूठा नज़ारा

कैलाश खेर ने बद्रीनाथ धाम में पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर वे पीले वस्त्र धारण किए हुए थे और माथे पर तुलसी की माला सुशोभित थी। उन्होंने एक वीडियो साझा किया है जिसमें वे भक्तों के सामने पूरी तन्मयता के साथ नारायण नाम का जाप करते दिख रहे हैं, और उपस्थित श्रद्धालु भी उनके साथ भक्ति में डूब गए।

'जोगी' एल्बम और आध्यात्मिक यात्रा का संदर्भ

गायक ने इससे पहले ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती के सानिध्य में अपना नया एल्बम 'जोगी' लॉन्च किया था। इस भक्ति एल्बम में आदि शंकराचार्य के संन्यास से लेकर हिंदू शास्त्रार्थ, धर्म पुनर्जागरण और भारत के आध्यात्मिक क्षेत्रों की शक्ति को शब्दों में पिरोया गया है। यह एल्बम सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से सराहा जा रहा है।

हरिद्वार से बद्रीनाथ तक की धार्मिक डगर

यह ऐसे समय में आया है जब कैलाश खेर की धार्मिक यात्रा का सिलसिला हरिद्वार के गंगा घाट से शुरू हुआ था, जहाँ उन्हें गंगा आरती के दौरान भक्ति गीत गाते हुए देखा गया था। गौरतलब है कि वे इस पूरी यात्रा को एक सुसंगत आध्यात्मिक अनुभव के रूप में जी रहे हैं, न कि महज एक प्रचार अभियान के तौर पर।

बद्रीनाथ धाम: चार धाम यात्रा का अहम पड़ाव

बद्रीनाथ धाम के कपाट इस वर्ष 23 अप्रैल को भव्य पूजा-अर्चना के साथ खोले गए। छोटी चार धाम यात्रा में यह धाम विशेष महत्व रखता है — श्रद्धालु गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन के बाद केदारनाथ और बद्रीनाथ पहुँचते हैं। भारी बर्फबारी के कारण यह धाम लगभग 6 माह तक बंद रहता है और प्रतिवर्ष अप्रैल में इसके कपाट खुलते हैं। कैलाश खेर की इस यात्रा ने लाखों भक्तों के मन में बद्रीनाथ के प्रति आस्था और उत्साह को और प्रगाढ़ किया है।

Point of View

बल्कि भक्ति संगीत को उसके मूल स्रोत — तीर्थस्थलों — से जोड़ने का सचेत प्रयास लगती है। ऐसे दौर में जब बॉलीवुड और पॉप संगीत का बोलबाला है, एक पद्मश्री गायक का हरिद्वार से बद्रीनाथ तक की धार्मिक डगर पर चलना यह संदेश देता है कि आध्यात्मिक संगीत की जड़ें अभी भी गहरी हैं। 'जोगी' जैसे एल्बम की सफलता यह भी दर्शाती है कि श्रोताओं में भक्ति और दर्शन से जुड़े गहरे विषयों की माँग बनी हुई है।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

कैलाश खेर का नया एल्बम 'जोगी' किस विषय पर आधारित है?
'जोगी' एक आध्यात्मिक भक्ति एल्बम है जिसमें आदि शंकराचार्य के संन्यास, हिंदू शास्त्रार्थ, धर्म पुनर्जागरण और भारत के आध्यात्मिक क्षेत्रों की शक्ति को शब्दों में पिरोया गया है। यह एल्बम सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से सराहा जा रहा है।
कैलाश खेर बद्रीनाथ धाम कब पहुँचे?
कैलाश खेर बुधवार को बद्रीनाथ धाम दर्शन के लिए पहुँचे। उन्होंने पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की और श्रद्धालुओं के साथ नारायण जाप किया।
बद्रीनाथ धाम के कपाट 2025 में कब खुले?
बद्रीनाथ धाम के कपाट इस वर्ष 23 अप्रैल को भव्य पूजा-अर्चना के साथ खोले गए। भारी बर्फबारी के कारण यह धाम प्रतिवर्ष लगभग 6 माह तक बंद रहता है।
'जोगी' एल्बम का लॉन्च कहाँ और किसके सानिध्य में हुआ?
'जोगी' एल्बम ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन में स्वामी चिदानंद सरस्वती के सानिध्य में लॉन्च किया गया। यह लॉन्च कार्यक्रम धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष रहा।
कैलाश खेर की धार्मिक यात्रा में और कौन-से स्थान शामिल हैं?
कैलाश खेर की धार्मिक यात्रा हरिद्वार के गंगा घाट से शुरू हुई, जहाँ उन्हें गंगा आरती के दौरान भक्ति गीत गाते देखा गया। इसके बाद वे ऋषिकेश और फिर बद्रीनाथ धाम पहुँचे।
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