बद्रीनाथ धाम में कैलाश खेर की भक्ति: 'जोगी' एल्बम के बाद नारायण जाप से झूमे श्रद्धालु
सारांश
Key Takeaways
पद्मश्री से सम्मानित प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर बुधवार को बद्रीनाथ धाम पहुँचे और वहाँ श्रीमन नारायण नारायण हरि हरि के जाप से समस्त श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके हालिया आध्यात्मिक एल्बम 'जोगी' के लॉन्च के बाद से वे एक धार्मिक यात्रा पर हैं और अपने हर पड़ाव की झलक प्रशंसकों के साथ सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं।
बद्रीनाथ में भक्ति का अनूठा नज़ारा
कैलाश खेर ने बद्रीनाथ धाम में पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर वे पीले वस्त्र धारण किए हुए थे और माथे पर तुलसी की माला सुशोभित थी। उन्होंने एक वीडियो साझा किया है जिसमें वे भक्तों के सामने पूरी तन्मयता के साथ नारायण नाम का जाप करते दिख रहे हैं, और उपस्थित श्रद्धालु भी उनके साथ भक्ति में डूब गए।
'जोगी' एल्बम और आध्यात्मिक यात्रा का संदर्भ
गायक ने इससे पहले ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती के सानिध्य में अपना नया एल्बम 'जोगी' लॉन्च किया था। इस भक्ति एल्बम में आदि शंकराचार्य के संन्यास से लेकर हिंदू शास्त्रार्थ, धर्म पुनर्जागरण और भारत के आध्यात्मिक क्षेत्रों की शक्ति को शब्दों में पिरोया गया है। यह एल्बम सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से सराहा जा रहा है।
हरिद्वार से बद्रीनाथ तक की धार्मिक डगर
यह ऐसे समय में आया है जब कैलाश खेर की धार्मिक यात्रा का सिलसिला हरिद्वार के गंगा घाट से शुरू हुआ था, जहाँ उन्हें गंगा आरती के दौरान भक्ति गीत गाते हुए देखा गया था। गौरतलब है कि वे इस पूरी यात्रा को एक सुसंगत आध्यात्मिक अनुभव के रूप में जी रहे हैं, न कि महज एक प्रचार अभियान के तौर पर।
बद्रीनाथ धाम: चार धाम यात्रा का अहम पड़ाव
बद्रीनाथ धाम के कपाट इस वर्ष 23 अप्रैल को भव्य पूजा-अर्चना के साथ खोले गए। छोटी चार धाम यात्रा में यह धाम विशेष महत्व रखता है — श्रद्धालु गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन के बाद केदारनाथ और बद्रीनाथ पहुँचते हैं। भारी बर्फबारी के कारण यह धाम लगभग 6 माह तक बंद रहता है और प्रतिवर्ष अप्रैल में इसके कपाट खुलते हैं। कैलाश खेर की इस यात्रा ने लाखों भक्तों के मन में बद्रीनाथ के प्रति आस्था और उत्साह को और प्रगाढ़ किया है।