केटीआर ने एलपीजी सिलेंडर संकट के समाधान के लिए केंद्र से तुरंत कार्रवाई की मांग की

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केटीआर ने एलपीजी सिलेंडर संकट के समाधान के लिए केंद्र से तुरंत कार्रवाई की मांग की

सारांश

हैदराबाद के केटीआर ने केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखकर एलपीजी सिलेंडरों की कमी की ओर ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है, जिससे हजारों व्यवसायों और लाखों श्रमिकों को राहत मिल सके।

मुख्य बातें

केटीआर ने केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखा है।
एलपीजी सिलेंडरों की गंभीर कमी का मुद्दा उठाया गया है।
छोटे व्यवसायों को आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सुझाव दिए गए हैं।
कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
संकट से निपटने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है।

हैदराबाद, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव (केटीआर) ने गुरुवार को केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को एक पत्र भेजकर व्यावसायिक और घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की गंभीर कमी को दूर करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

अपने पत्र में रामाराव ने बताया कि एलपीजी आपूर्ति में व्यवधान ने होटल, भोजनालय, पीजी हॉस्टल और छोटे खाद्य व्यवसायों को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आपूर्ति को जल्द बहाल नहीं किया गया, तो हजारों प्रतिष्ठान बंद होने के लिए मजबूर हो सकते हैं। इससे इन प्रतिष्ठानों और सेवाओं पर निर्भर लाखों श्रमिकों और छात्रों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।

इस संकट का समाधान करने के लिए, बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष ने केंद्र सरकार को कुछ व्यावहारिक उपायों का सुझाव दिया।

उन्होंने छोटे विक्रेताओं और कमजोर व्यवसायों को प्राथमिकता के आधार पर एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक स्तरीय आवंटन प्रणाली का प्रस्ताव दिया।

उन्होंने जिलों में एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता की पारदर्शी जानकारी प्रदान करने के लिए एक रियल टाइम पब्लिक डैशबोर्ड बनाने का सुझाव भी दिया।

बीआरएस नेता ने केंद्र सरकार से इस संकट के दौरान छोटे व्यवसायों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ को रोकने के लिए व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों पर अस्थायी रोक लगाने की भी मांग की।

उन्होंने कालाबाजारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी मांग की, जहाँ घरेलू एलपीजी सिलेंडरों को अवैध रूप से व्यावसायिक उपयोग के लिए डायवर्ट कर ऊंची कीमतों पर बेचा जा रहा है।

इसके अतिरिक्त, केटीआर ने अनुरोध किया कि आईटी कॉरिडोर क्षेत्रों में स्थित पीजी हॉस्टलों को निर्बाध एलपीजी आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विशेष सुरक्षा श्रेणी में रखा जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि गैस आधारित श्मशान घाटों को आवश्यक सेवाओं की श्रेणी में रखा जाना चाहिए ताकि एलपीजी सिलेंडरों की कमी के कारण उनका संचालन न रुके।

उन्होंने यह भी बताया कि यदि रसोईघर बंद करने के लिए मजबूर किया जाता है तो होटल और खाद्य क्षेत्र पर निर्भर लाखों दिहाड़ी मजदूर अपनी आजीविका खो सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

ताकि संकट का समाधान किया जा सके।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केटीआर ने किस मुद्दे पर केंद्र से हस्तक्षेप की मांग की?
केटीआर ने एलपीजी सिलेंडरों की गंभीर कमी के समाधान के लिए केंद्र से हस्तक्षेप की मांग की।
एलपीजी आपूर्ति में कमी से कौन प्रभावित हो रहा है?
होटल, भोजनालय, पीजी हॉस्टल और छोटे खाद्य व्यवसाय इस कमी से प्रभावित हो रहे हैं।
केटीआर ने केंद्र सरकार को क्या सुझाव दिए?
उन्होंने एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक स्तरीय आवंटन प्रणाली और रियल टाइम पब्लिक डैशबोर्ड बनाने का सुझाव दिया।
क्या कालाबाजारी के खिलाफ कोई कदम उठाने की मांग की गई?
जी हां, केटीआर ने कालाबाजारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
इस संकट में छोटे व्यवसायों की स्थिति क्या है?
यदि आपूर्ति जल्द बहाल नहीं होती, तो हजारों छोटे व्यवसाय बंद होने के लिए मजबूर हो सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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