28 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या पिताजी के साथ यह ऐतिहासिक मिलन तेज प्रताप यादव को और ऊर्जावान करेगा?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या पिताजी के साथ यह ऐतिहासिक मिलन तेज प्रताप यादव को और ऊर्जावान करेगा?

सारांश

तेज प्रताप यादव ने मकर संक्रांति पर अपने पिता लालू प्रसाद यादव के साथ दही चूड़ा भोज आयोजित किया, जिसमें उनकी मुलाकात को ऐतिहासिक बताया गया। इस दिन का महत्व और पिता-पुत्र के संबंध को उजागर करते हुए तेजप्रताप ने इसे अपनी ऊर्जा का स्रोत बताया।

मुख्य बातें

तेज प्रताप यादव ने अपने पिता के साथ ऐतिहासिक मिलन का अनुभव साझा किया।
दही चूड़ा भोज मकर संक्रांति के अवसर पर पारंपरिक रूप से मनाया जाता है।
पिता-पुत्र की जोड़ी ने सामाजिक एकता का संदेश दिया।
राज्यपाल का भोज में शामिल होना महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत है।
दावत में कई प्रमुख व्यक्तियों की उपस्थिति रही।

नई दिल्ली, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने बुधवार को मकर संक्रांति के अवसर पर अपने निवास पर दही चूड़ा भोज का आयोजन किया। इस भोज में तेजप्रताप के पिता लालू प्रसाद यादव भी उपस्थित रहे। पिता-पुत्र की यह जोड़ी पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रही। तेजप्रताप ने इस खास दिन अपने पिता के साथ मुलाकात को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि पिताजी के साथ यह ऐतिहासिक मिलन मुझे और अधिक ऊर्जावान करेगा।

तेजप्रताप ने एक पोस्ट में कहा कि मकर संक्रांति के पावन अवसर पर आयोजित इस ऐतिहासिक दही-चूड़ा भोज में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री हमारे पिताजी का आगमन हुआ। मैंने अपने पिताजी को अंगवस्त्र भेंट कर दही-चूड़ा भोज में उनका भव्य स्वागत किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। यह मुलाकात मेरे लिए किसी आशीर्वाद से कम नहीं है। मैं इस दही-चूड़ा भोज के लिए पिताजी के आगमन के लिए दिल से धन्यवाद एवं आभार व्यक्त करता हूं। यह ऐतिहासिक मिलन मुझे और अधिक ऊर्जावान करेगा।

तेजप्रताप ने आगे लिखा कि बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां का भी इस भोज में आगमन हुआ, जिनका स्वागत मैंने अंगवस्त्र देकर किया। राज्यपाल को इस ऐतिहासिक दही-चूड़ा भोज में शामिल होने के लिए दिल से धन्यवाद एवं आभार प्रकट करते हैं।

पूर्व सांसद सुभाष प्रसाद यादव ने इस दावत में भाग लेते हुए कहा कि मैं कल भी आया था, और आज भी आया हूं। मैं चाहता हूं कि तेज प्रताप यादव इसी लगन और समर्पण के साथ कार्य करते रहें, और सभी को एकजुट रखें।

पूर्व सांसद साधु यादव ने भी भोज में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि हम हमेशा एकता में विश्वास रखते हैं, और अब भी हम यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि सभी लोग एक साथ आएं। सभी को एकजुट रहना चाहिए।

गौरतलब है कि तेजप्रताप यादव ने दही चूड़ा भोज के लिए बिहार सरकार में मंत्री तेजस्वी यादव को भी निमंत्रण दिया था।

तेजप्रताप के निमंत्रण पर बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी भी इस भोज में शामिल हुए।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि राजनीतिक दृष्टिकोण से भी एक सकारात्मक संकेत है। यह एकता और सहयोग के महत्व को दर्शाता है जो समाज में आवश्यक है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेज प्रताप यादव का दही चूड़ा भोज कब आयोजित हुआ?
दही चूड़ा भोज 14 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित किया गया।
इस भोज में कौन-कौन शामिल हुए?
इस भोज में तेज प्रताप यादव के पिता लालू प्रसाद यादव, बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां, और पूर्व सांसद सुभाष प्रसाद यादव शामिल हुए।
तेज प्रताप यादव ने अपने पिता के साथ मुलाकात को कैसे बताया?
तेज प्रताप ने इसे ऐतिहासिक और ऊर्जा देने वाला बताया।
दही चूड़ा भोज का महत्व क्या है?
दही चूड़ा भोज मकर संक्रांति के अवसर पर पारंपरिक रूप से मनाया जाता है और यह एकता और सामुदायिक भावना का प्रतीक है।
क्या तेज प्रताप ने अन्य नेताओं को भी आमंत्रित किया था?
जी हां, उन्होंने बिहार सरकार में मंत्री तेजस्वी यादव और अशोक चौधरी को भी आमंत्रित किया था।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 महीने पहले
  2. 6 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले