केंद्र सरकार का बिहार और पश्चिम बंगाल के जिलों को केंद्र शासित प्रदेश बनाने का कोई इरादा नहीं: नित्यानंद राय
सारांश
Key Takeaways
- केंद्र सरकार की कोई योजना नहीं है बिहार और पश्चिम बंगाल के जिलों को मिलाकर केंद्र शासित प्रदेश बनाने की।
- पप्पू यादव की बातें अफवाह हैं और जनता को गुमराह करने के लिए हैं।
- लोगों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
पटना, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने शनिवार को यह स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार का बिहार और पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों को मिलाकर केंद्र शासित प्रदेश बनाने का कोई विचार नहीं है और यह पूरी तरह से गलत है।
पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के द्वारा सोशल नेटवर्किंग साइट पर किए गए एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि पप्पू यादव लोगों को गुमराह करने के उद्देश्य से ऐसी अफवाहें फैला रहे हैं, और उनकी बातें तथ्य से बिल्कुल परे हैं।
नित्यानंद राय ने इस बात को गंभीरता से न लेते हुए कहा कि पप्पू यादव को ऐसी बातें नहीं करनी चाहिए। उन्होंने जनता से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने पप्पू यादव के सोशल नेटवर्किंग पोस्ट को भ्रामक बताते हुए कहा, "बिहार और पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों को मिलाकर केंद्र शासित प्रदेश बनाने की कोई योजना नहीं है।"
दरअसल, पप्पू यादव ने शुक्रवार को सोशल नेटवर्किंग साइट एक्स पर एक पोस्ट में लिखा था, "पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू कर बिहार विधानसभा से प्रस्ताव पारित कर सीमांचल और मालदा, मुर्शिदाबाद, रायगंज, दिनाजपुर आदि जिलों को मिलाकर एक केंद्र शासित प्रदेश बनाने का खेल भाजपा करने वाली है। नीतीश कुमार को हटाने और सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल को राज्यपाल बना कर लाने का यह खेल है।"
पप्पू यादव के इस पोस्ट के बाद बिहार में इस पर कई तरह के कयास लगाए जाने लगे थे।