क्या महाराष्ट्र ने नीति आयोग के निर्यात तैयारी सूचकांक 2024 में शीर्ष स्थान प्राप्त किया?
सारांश
Key Takeaways
- महाराष्ट्र ने नीति आयोग में शीर्ष स्थान प्राप्त किया।
- कुल निर्यात: 5.63 लाख करोड़ रुपए।
- प्रमुख क्षेत्र: रत्न, फार्मास्यूटिकल्स, रसायन।
- अवसंरचना: 50 बंदरगाह और 13 एयर कार्गो टर्मिनल।
- राज्य की विकास गाथा में प्रधानमंत्री का योगदान महत्वपूर्ण है।
मुंबई, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की है कि महाराष्ट्र ने नीति आयोग के निर्यात तैयारी सूचकांक (ईपीआई) 2024 में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र ने तमिलनाडु और गुजरात को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की है। यह राज्य भारत की विकास यात्रा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "निर्यात के लिए तैयार, भविष्य के लिए तैयार महाराष्ट्र ने नेतृत्व किया। यह बताते हुए मुझे अत्यंत गर्व हो रहा है कि महाराष्ट्र ने नीति आयोग के निर्यात तैयारी सूचकांक (ईपीआई) 2024 में तमिलनाडु और गुजरात को पीछे छोड़ते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया है। हम विकास की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। महाराष्ट्र की प्रमुख उपलब्धियां इस प्रकार हैं: समग्र स्कोर: 68.01 (भारत में उच्चतम), कुल निर्यात (वित्त वर्ष 2024): 5.63 लाख करोड़ रुपए, वर्गीकरण: 'अग्रणी' राज्य के रूप में मान्यता प्राप्त।"
उन्होंने आगे कहा, "प्रमुख क्षेत्र: रत्न और आभूषण (भारत के निर्यात का 47 प्रतिशत), फार्मास्यूटिकल्स (भारत में सबसे अधिक क्लस्टर) और रसायन (भारत के सकल बाजार मूल्य का 19 प्रतिशत) में सबसे मजबूत प्रदर्शन। अवसंरचना: 50 चालू बंदरगाहों और 13 एयर कार्गो टर्मिनलों के द्वारा समर्थित। यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व को दर्शाती है।"
नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने कहा कि भारत की निर्यात दिशा राज्यों और जिलों की तैयारियों पर निर्भर कर रही है। निर्यात अवसंरचना को मजबूत करने, लागत प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार करने, सुदृढ़ संस्थाओं का निर्माण करने और पारदर्शी नीतियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। वैश्विक अस्थिरता के बीच दीर्घकालिक विकास को बनाए रखने और रोजगार सृजन के लिए निर्यात तत्परता बढ़ाना आवश्यक है।
सदस्य डॉ. अरविंद विरमानी ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी ताकत की पहचान करने और नए व्यापार अवसरों का लाभ उठाने के लिए रणनीतियां तैयार करने की आवश्यकता है।
सरकार द्वारा जारी बयान के अनुसार, 2024 संस्करण में नए आयामों को शामिल करके विश्लेषणात्मक गहराई को बढ़ाया गया है, जबकि मौजूदा संकेतकों को परिष्कृत किया गया है।