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क्या बीजेडी ने सरकारी कार्यालयों में पार्टी की बैठक करने को लेकर भाजपा की आलोचना की?

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क्या बीजेडी ने सरकारी कार्यालयों में पार्टी की बैठक करने को लेकर भाजपा की आलोचना की?

सारांश

बीजेडी ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि पार्टी ने सरकारी कार्यालयों का दुरुपयोग कर उन्हें अपने हितों के लिए उपयोग किया है। क्या इससे प्रशासनिक संकट और हताशा बढ़ रही है? जानिए इस खबर की पूरी जानकारी।

मुख्य बातें

बीजेडी ने भाजपा पर सरकारी कार्यालयों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।
सत्तारूढ़ भाजपा पर प्रशासनिक व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप है।
कलेक्टर की बैठक में सरकारी अधिकारियों की उपस्थिति को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
बीजेडी ने चेतावनी दी है कि वे सड़कों पर उतर सकते हैं।
राज्य की जनता में हताशा बढ़ रही है।

भुवनेश्वर, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। विपक्षी बीजू जनता दल (बीजेडी) ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा के शासन में राज्य में प्रशासनिक ढांचा कमजोर हो गया है।

पार्टी ने अपने वक्तव्य में सत्तारूढ़ भाजपा पर सरकारी कार्यालयों को पार्टी के कार्यालयों में बदलने का आरोप लगाया। क्षेत्रीय पार्टी ने भाजपा द्वारा सरकारी कार्यालयों के कथित दुरुपयोग की कड़ी आलोचना की है।

पार्टी प्रवक्ता और मीडिया समन्वयक डॉ. लेनिन मोहंती ने कहा कि भाजपा की पार्टी प्रभारी बैठक, जो 15 जनवरी को होने वाली थी, को राज्य के खाद्य आपूर्ति मंत्री कृष्ण चंद्र पात्रा के संबलपुर जिले के दौरे के कार्यक्रम में शामिल किया गया है।

पार्टी ने यह भी बताया कि मंत्री की संबलपुर यात्रा के दौरान कलेक्टर के सम्मेलन कक्ष में पार्टी प्रभारी की बैठक आयोजित की जाने वाली है।

बीजेडी ने आरोप लगाया कि कलेक्टर को निर्देश दिए गए हैं कि वे जिले के सभी सरकारी अधिकारियों को इस बैठक में शामिल होने के लिए कहें।

मोहंती ने कहा, "यहां गंभीर प्रश्न उठते हैं कि भाजपा के पार्टी प्रभारी और अन्य पदाधिकारी कलेक्टर के सम्मेलन हॉल में बैठक कैसे कर सकते हैं, और सरकारी अधिकारियों को इसमें शामिल होने की आवश्यकता क्यों है? इससे स्पष्ट होता है कि भाजपा सरकारी कार्यालयों को अपने पार्टी कार्यालयों में बदलने की कोशिश कर रही है।"

बीजेडी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि राज्य भर में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा सरकारी कार्यालयों में उपद्रव करना और सरकारी अधिकारियों पर हमले करना भाजपा शासन में आम बात बन गई है। उन्होंने भाजपा पर सरकारी कार्यालयों के अंदर पार्टी पदाधिकारियों की बैठकें आयोजित करने का आरोप लगाया, जिससे सरकारी अधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा है।

मोहंती ने कहा कि शासन की व्यवस्था पूरी तरह से कमजोर हो गई है, जिससे राज्य की जनता हताश है। इसलिए, भाजपा को सरकारी कार्यालयों को पार्टी कार्यालयों में बदलने का प्रयास नहीं करना चाहिए; अन्यथा, बीजू जनता दल को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह जरूरी है कि हम राजनीतिक दलों के बीच की प्रतिस्पर्धा को समझें। बीजेडी का यह आरोप भाजपा को कठघरे में खड़ा करता है, लेकिन क्या ये आरोप वास्तविकता पर आधारित हैं? महत्वपूर्ण यह है कि हम इस विवाद को गंभीरता से लें और किसी भी पार्टी के प्रभाव का सही मूल्यांकन करें।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीजेडी ने भाजपा पर क्या आरोप लगाया?
बीजेडी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकारी कार्यालयों का दुरुपयोग कर उन्हें पार्टी के कार्यालयों में बदलने की कोशिश कर रही है।
इस विवाद का मुख्य मुद्दा क्या है?
मुख्य मुद्दा सरकारी कार्यालयों में पार्टी की बैठकें आयोजित करने का है, जो प्रशासनिक व्यवस्था को कमजोर कर सकता है।
क्या बीजेडी ने कोई कार्रवाई की है?
बीजेडी ने चेतावनी दी है कि अगर भाजपा सरकारी कार्यालयों को पार्टी कार्यालयों में बदलने का प्रयास करती है, तो वे सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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