श्रीनगर में एलजी मनोज सिन्हा ने 'महसूस-स्टोरीज ऑफ सोशल ट्रांसफॉर्मेशन' पुस्तक का विमोचन किया

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श्रीनगर में एलजी मनोज सिन्हा ने 'महसूस-स्टोरीज ऑफ सोशल ट्रांसफॉर्मेशन' पुस्तक का विमोचन किया

सारांश

श्रीनगर में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 'महसूस' पुस्तक का विमोचन करते हुए समाज में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और बेहतर भविष्य के लिए प्रयासरत रहना चाहिए।

मुख्य बातें

सामाजिक प्रगति में सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता है।
हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
जम्मू-कश्मीर के उज्ज्वल भविष्य के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
पुस्तक में प्रेरणादायक कहानियां शामिल हैं।
पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझना चाहिए।

श्रीनगर, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने नागरिकों से सामाजिक प्रगति में सक्रिय रूप से भाग लेने और अपने योगदान पर विचार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को यह सोचना चाहिए कि वह अपने समाज के लिए क्या कर रहा है और आने वाली पीढ़ियों के लिए कौन सी विरासत छोड़ना चाहता है।

उपराज्यपाल श्रीनगर के डीआईपीआर ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में 'महसूस–स्टोरीज ऑफ सोशल ट्रांसफॉर्मेशन' नामक पुस्तक का विमोचन कर रहे थे। इस पुस्तक में सेवा भारती जम्मू-कश्मीर और एकल विद्यालय फाउंडेशन ऑफ इंडिया के स्वयंसेवकों द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों और बदलावों की प्रेरणादायक कहानियां सम्मिलित हैं।

एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि यह पुस्तक लोगों के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने इच्छा जताई कि सेवा भारती के त्याग, एकल विद्यालय की समर्पित भावना और सकारात्मक बदलाव की ये कहानियां जम्मू-कश्मीर के बाहर भी पूरे देश में फैलें, ताकि और अधिक लोग सेवा के लिए प्रेरित हों।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पास एक उज्ज्वल भविष्य बनाने की अपार संभावनाएं हैं। यहां की प्राकृतिक संसाधन और ऊर्जावान युवा इसे और भी खास बनाते हैं। उन्होंने कहा कि एक महान भविष्य केवल दृढ़ संकल्प और सामूहिक प्रयास से ही संभव है। समृद्ध जम्मू-कश्मीर केवल आर्थिक विकास से नहीं, बल्कि हर नागरिक के बेहतर जीवन स्तर से पहचाना जाएगा।

इस अवसर पर उपराज्यपाल ने जम्मू-कश्मीर को एक आदर्श केंद्र शासित प्रदेश बनाने के लिए पांच संकल्पों पर जोर दिया। इनमें सामाजिक सद्भाव, परिवार जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य, और आत्मनिर्भरता शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि सामाजिक सद्भाव के लिए समाज के सभी वर्गों को एकजुट होना चाहिए और आपसी सम्मान के साथ पीढ़ियों, संस्कृतियों और विचारों के बीच की दूरी को कम करना चाहिए। परिवारों को भी अपने मूल्यों को मजबूत करना होगा ताकि नई पीढ़ी के लिए बेहतर भविष्य तैयार किया जा सके।

पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर प्रकृति का अनमोल उपहार है। यहां की नदियों, पहाड़ों और जंगलों की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है। सतत विकास ही भविष्य की सही दिशा है।

नागरिक कर्तव्य के बारे में उन्होंने कहा कि एक मजबूत लोकतंत्र वही है जहां नागरिक जागरूक और जिम्मेदार हों। आत्मनिर्भरता के लिए उन्होंने लोगों से अपनी क्षमताओं को विकसित करने और आर्थिक रूप से मजबूत बनने की अपील की।

उपराज्यपाल ने कहा कि ये पांच संकल्प केवल विचार नहीं हैं, बल्कि जम्मू-कश्मीर के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए सामूहिक जिम्मेदारी हैं।

इस कार्यक्रम में सेवा भारती जम्मू-कश्मीर के अध्यक्ष प्रो. राकेश कुमार झा, एकल विद्यालय फाउंडेशन के अध्यक्ष सुमन धीर, डॉ. फारूक डार, प्रदीप कपूर, अजय टकू, फैयाज अहमद मीर सहित कई पदाधिकारी और स्वयंसेवक उपस्थित थे।

इसके अलावा, डीआईजी सीकेआर राजीव पांडे, डिप्टी कमिश्नर श्रीनगर अक्षय लाबरू, और समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख नागरिक भी कार्यक्रम में मौजूद थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक सकारात्मक संदेश देता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस पुस्तक का मुख्य उद्देश्य क्या है?
यह पुस्तक जम्मू-कश्मीर में सामाजिक कार्यों और बदलाव की प्रेरणादायक कहानियों को दर्शाती है।
एलजी मनोज सिन्हा ने किस विषय पर जोर दिया?
उन्होंने समाज में सक्रिय भागीदारी और सामाजिक सद्भाव पर जोर दिया।
कार्यक्रम में कौन-कौन उपस्थित थे?
कार्यक्रम में सेवा भारती जम्मू-कश्मीर के अध्यक्ष, एकल विद्यालय फाउंडेशन के अध्यक्ष और कई अन्य प्रमुख नागरिक उपस्थित थे।
जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए उपराज्यपाल ने क्या संकल्प लिए?
उन्हें सामाजिक सद्भाव, परिवार जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य, और आत्मनिर्भरता के संकल्पों पर जोर दिया।
इस पुस्तक का विमोचन कब हुआ?
यह पुस्तक 14 मार्च को श्रीनगर में विमोचित की गई।
राष्ट्र प्रेस
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