क्या एलजी मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प दोहराया?

Click to start listening
क्या एलजी मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प दोहराया?

सारांश

क्या जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 77वें गणतंत्र दिवस पर विकास के नए लक्ष्यों का संकल्प लिया? जानें उनके संदेश में क्या है विशेष, और कैसे सुरक्षा बलों की बहादुरी को सराहा गया। यह लेख जम्मू-कश्मीर की प्रगति और चुनौतियों पर एक नजर डालता है।

Key Takeaways

  • मनोज सिन्हा ने 77वें गणतंत्र दिवस पर विकास का संकल्प लिया।
  • ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ता का प्रतीक है।
  • सुरक्षा बलों की बहादुरी की सराहना की गई।
  • जम्मू-कश्मीर को विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों पर ले जाने का लक्ष्य।
  • गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अवसर हर नागरिक को मिलना चाहिए।

श्रीनगर/जम्मू, २५ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर केंद्र शासित प्रदेश के नागरिकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। अपने संदेश में उन्होंने संविधान के आदर्शों की रक्षा, विकास के नए लक्ष्यों और सुरक्षा बलों की बहादुरी की सराहना की। साथ ही उन्होंने हाल के ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र कर आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ता को रेखांकित किया।

उपराज्यपाल ने कहा, "हमारे प्यारे देश के 77वें गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर मैं जम्मू-कश्मीर के हर नागरिक को दिल से बधाई देता हूं।" उन्होंने संविधान निर्माताओं को नमन करते हुए कहा कि उनकी बुद्धिमत्ता, साहस और बलिदान ने न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे के शाश्वत मूल्यों पर आधारित संविधान दिया, जो लोकतंत्र और समाजवाद की पहचान है।

सिन्हा ने विभिन्न वर्गों, श्रमिकों, किसानों, डॉक्टरों, इंजीनियरों, इनोवेटर्स, उद्यमियों, शिक्षकों, छात्रों, युवाओं, महिलाओं, व्यापारियों, कलाकारों और नागरिक समाज के स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इनकी अटूट प्रतिबद्धता से लोकतंत्र मजबूत हो रहा है और प्रदेश में सर्वांगीण प्रगति हो रही है।

सुरक्षा बलों को विशेष बधाई देते हुए उपराज्यपाल ने सशस्त्र बलों, अर्धसैनिक बलों और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवानों की अटूट सतर्कता, साहस और बलिदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि ये लोग शांति, सुरक्षा और सद्भाव का ढाल बनकर खड़े हैं।

सिन्हा ने ऑपरेशन सिंदूर का विशेष उल्लेख किया, जो पहलगाम में हुए क्रूर आतंकवादी हमले के बाद शुरू हुआ था। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन ने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सिद्धांत में निर्णायक क्षण साबित किया। भारत ने स्पष्ट किया कि उसकी धरती पर किसी आतंकवादी हमले को युद्ध का कार्य माना जाएगा। ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि रणनीतिक संकल्प की घोषणा थी। भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों ने अनुकरणीय साहस और व्यावसायिकता दिखाई। ऑपरेशन महादेव के तहत तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों को खत्म कर न्याय दिलाया गया।

उन्होंने जम्मू-कश्मीर पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने पिछले अक्टूबर-नवंबर में देशव्यापी आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश किया और कई हमलों को रोका। उपराज्यपाल ने कहा, "वे भारत के सच्चे हीरो हैं। मुझे उन पर गर्व है।"

विकास पर जोर देते हुए सिन्हा ने कहा कि नए उद्देश्य और सामूहिक संकल्प से जम्मू-कश्मीर को विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। आर्थिक प्रगति में तेजी लाने, उत्कृष्टता वाले क्षेत्रों को मजबूत करने, जम्मू में भविष्योन्मुखी बुनियादी ढांचा बनाने और नए विकास इंजनों पर ध्यान देने की जरूरत है। उच्च शिक्षा संस्थानों को इनोवेशन, तकनीकी दक्षता और उद्यमी भावना के साथ तैयार करना होगा।

ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था और आईटी में नेतृत्व की भूमिका पर फोकस करें। हर नागरिक, खासकर युवाओं और महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य, और समान अवसर मिलें। अंत में उन्होंने कहा, "ईश्वर करे कि हम ईमानदारी और निस्वार्थ भाव से जिम्मेदारियां निभाएं। साथ मिलकर मजबूत, समृद्ध और विकसित भारत बनाएं।"

Point of View

बल्कि यह भारत की एकता और अखंडता को भी दर्शाता है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा का दृष्टिकोण यह स्पष्ट करता है कि जब हम मिलकर काम करते हैं, तो हम हर चुनौती का सामना कर सकते हैं।
NationPress
04/02/2026

Frequently Asked Questions

ऑपरेशन सिंदूर क्या है?
ऑपरेशन सिंदूर एक सैन्य कार्रवाई है जो जम्मू-कश्मीर में हाल के आतंकवादी हमले के बाद शुरू किया गया था।
मनोज सिन्हा का संदेश क्या था?
उन्होंने जम्मू-कश्मीर के विकास और संविधान के आदर्शों की रक्षा पर जोर दिया।
जम्मू-कश्मीर में विकास के क्या लक्ष्य हैं?
आर्थिक प्रगति, बुनियादी ढांचे का विकास और शिक्षा में सुधार के लक्ष्य हैं।
Nation Press