क्या जम्मू-कश्मीर में गांधी जयंती पर उपराज्यपाल का संदेश हमें प्रेरित करेगा?

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क्या जम्मू-कश्मीर में गांधी जयंती पर उपराज्यपाल का संदेश हमें प्रेरित करेगा?

सारांश

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर लोगों को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने बापू के आदर्शों को आत्मसात करने और समाज के उत्थान के लिए कदम उठाने की अपील की। क्या यह संदेश हमें प्रेरित करेगा?

मुख्य बातें

गांधी जयंती पर उपराज्यपाल का संदेश महत्वपूर्ण है।
शांति और अहिंसा के मार्ग पर चलने की आवश्यकता है।
स्वदेशी उत्पादों को खरीदने से स्थानीय उद्योग को बल मिलता है।
समाज में एकजुटता और सहयोग की आवश्यकता है।
प्राकृतिक आपदाओं से बचने के लिए नैतिक जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

श्रीनगर, १ अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर प्रदेशवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश जारी किया।

उपराज्यपाल ने अपने संदेश में कहा कि वह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी 156वीं जयंती पर अपनी गहरी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के लोगों को गांधी जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह समय है जब हम सभी बापू के शांति, अहिंसा, सत्य, सहिष्णुता, करुणा और निस्वार्थ सेवा के आदर्शों को आत्मसात करें और विकसित भारत के निर्माण में योगदान दें।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि बापू ने अपना सम्पूर्ण जीवन देश की स्वतंत्रता, सामाजिक समानता और हमारे गांवों के विकास के लिए समर्पित किया। स्वदेशी की उनकी अवधारणा भारत को आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय उत्पादन को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित थी। इस अवसर पर, वह सभी से स्वदेशी उत्पाद खरीदने और स्थानीय कारीगरों तथा कुटीर उद्योगों को सशक्त बनाने की अपील करते हैं।

उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण दिन पर, आइए हम सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने का संकल्प लें और शांति को बढ़ावा देने और इसके लिए काम करने के लिए खुद को समर्पित करें।

इससे पहले उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा कि अगस्त में जम्मू-कश्मीर में भयंकर आपदा आई, जिससे बड़ी मात्रा में जानमाल का नुकसान हुआ। उन्होंने उन परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और सरकार की टीम ने नुकसान का आकलन किया है। भारत सरकार जम्मू-कश्मीर को पुनः स्थापित करने में मदद करेगी। हमारा प्रयास है कि जल्द ही अधिक लोगों की जिंदगी को पटरी पर लाया जाए।

सरकार के प्रयासों के साथ-साथ समाज के लोगों से अपील है कि सामाजिक जुड़ाव भी ऐसे समय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हमें एक-दूसरे की मदद के लिए आगे आना चाहिए। नागरिकों की भी एक नैतिक जिम्मेदारी है। नदियों के किनारे अतिक्रमण कर जब घर बनाते हैं तो तात्कालिक लाभ तो मिलता है, लेकिन इस तरह की प्राकृतिक आपदा में अपने लोगों को हम खो देते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक प्रेरणा है कि हम सभी को मिलकर अपने समाज के विकास में योगदान देना चाहिए।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गांधी जयंती का महत्व क्या है?
गांधी जयंती पर हम महात्मा गांधी के सिद्धांतों को याद करते हैं, जो सत्य और अहिंसा के प्रतीक हैं।
उपराज्यपाल ने क्या संदेश दिया?
उपराज्यपाल ने समाज में शांति, सहिष्णुता और निस्वार्थ सेवा के आदर्शों को अपनाने का संदेश दिया।
स्वदेशी उत्पादों का महत्व क्या है?
स्वदेशी उत्पादों को खरीदने से स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन मिलता है और यह आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ता है।
राष्ट्र प्रेस
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