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क्या केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने दिल्ली-एनसीआर के लिए 'ग्रीनिंग स्ट्रेटेजी' की समीक्षा की?

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क्या केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने दिल्ली-एनसीआर के लिए 'ग्रीनिंग स्ट्रेटेजी' की समीक्षा की?

सारांश

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने दिल्ली-एनसीआर की हरित योजना को सशक्त बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में पौधरोपण की निगरानी और सभी राज्यों की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया गया। क्या यह कदम दिल्ली के वायु गुणवत्ता को सुधारने में सहायक होगा?

मुख्य बातें

पौधरोपण गतिविधियों की समीक्षा की गई।
इको-क्लबों की पहचान की जाएगी।
पंचवर्षीय योजनाओं का मसौदा तैयार करने का निर्देश दिया गया।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए एक हरित योजना बनाई जाएगी।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा निगरानी की जाएगी।

नई दिल्ली, 27 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने बुधवार को नई दिल्ली में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र को हरित बनाने के लिए पौधरोपण प्रयासों की चल रही तैयारियों की समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने 2026-27 के लिए निर्धारित पौधरोपण गतिविधियों की चल रही तैयारियों का आकलन किया और सभी एनसीआर राज्यों को वन भूमि, बंजर भूमि, सार्वजनिक स्थलों, आर्द्रभूमि, जलग्रहण क्षेत्रों, सामुदायिक वनों, नगर वन/नमो पार्कों और प्रस्तावित या मौजूदा चिड़ियाघरों का विस्तृत जिलावार मानचित्रण करने का निर्देश दिया।

मंत्रालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि एनसीआर के सभी इको-क्लबों की पहचान की जानी चाहिए और जागरूकता पैदा करने के साथ-साथ पौधरोपण और रखरखाव गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी के लिए उनका मानचित्रण किया जाना चाहिए।

केंद्रीय मंत्री ने राज्यों को पंचवर्षीय जिला-स्तरीय सूक्ष्म योजनाओं का मसौदा तैयार करने का निर्देश दिया, जिसमें वार्षिक पौधरोपण लक्ष्य, कार्यान्वयन एजेंसियां, सामुदायिक सहभागिता के अवसर, नर्सरी क्षमता और हरित भारत मिशन, नगर वन योजना, प्रतिपूरक वनरोपण कोष, हरित ऋण कार्यक्रम (जीसीपी), मनरेगा और नदी पुनरुद्धार योजनाओं सहित वित्त पोषण स्रोतों की रूपरेखा प्रस्तुत की जाए।

केंद्रीय मंत्री ने मंत्रालय के अधिकारियों से राज्यों द्वारा तैयार की गई जिलावार सूक्ष्म योजनाओं को समेकित करके राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए एक पंचवर्षीय हरित योजना तैयार करने को भी कहा।

मंत्रालय ने कहा कि इस एकीकृत योजना के आधार पर आवश्यक सुविधा सुनिश्चित करने के लिए समन्वित कार्रवाई शुरू की जाएगी, जो अन्य लाभों के साथ-साथ वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) द्वारा निगरानी किए जा रहे हरित पौधरोपण प्रयासों को पूरा करने में भी सहायक होगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस संबंध में अगली बैठक शीघ्र ही आयोजित की जाएगी, जिसमें राज्य सरकारों और दिल्ली सरकार द्वारा की गई कार्रवाई की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह स्थानीय समुदायों को भी पर्यावरण संरक्षण में शामिल करती है। यह कदम वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए महत्वपूर्ण है, और सभी राज्यों को इस दिशा में संगठित होकर काम करना होगा।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने इस बैठक में क्या मुख्य बिंदु उठाए?
उन्होंने पौधरोपण गतिविधियों की समीक्षा की और राज्यों से इको-क्लबों की पहचान करने के लिए कहा।
एनसीआर के लिए हरित योजना का क्या महत्व है?
यह योजना वायु गुणवत्ता में सुधार और पर्यावरण संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है।
राष्ट्र प्रेस
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