तमिलनाडु के होटल अब इलेक्ट्रिक स्टोव से 2 रुपए प्रति यूनिट बिजली सब्सिडी का लाभ उठा सकेंगे
सारांश
Key Takeaways
- तमिलनाडु में होटल और चाय की दुकानें अब इलेक्ट्रिक स्टोव का उपयोग कर सकती हैं।
- सरकार द्वारा 2 रुपए प्रति यूनिट बिजली सब्सिडी दी जाएगी।
- यह सब्सिडी एलपीजी की कमी के कारण दी जा रही है।
- किसानों को अपनी उपज बेचने की बिना रोक-टोक अनुमति है।
- छोटे व्यवसायों को ऋण सुविधा का लाभ मिलेगा।
चेन्नई, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण एलपीजी की आपूर्ति में बाधाएं उत्पन्न होने लगी हैं। इस समस्या का समाधान करने के लिए तमिलनाडु सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
सरकार ने यह घोषणा की है कि जो होटल, चाय की दुकानें और क्लाउड किचन एलपीजी गैस सिलेंडर की जगह इलेक्ट्रिक स्टोव का उपयोग करेंगे, उन्हें बिजली पर 2 रुपए प्रति यूनिट की सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
यह निर्णय मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया। बैठक में एलपीजी आपूर्ति में आ रही समस्याओं और उसके होटल एवं छोटे व्यापारों पर पड़ने वाले प्रभाव की समीक्षा की गई।
सरकार के आधिकारिक बयान के अनुसार, जब तक एलपीजी सिलेंडर पर लगी पाबंदियां समाप्त नहीं होतीं, यह बिजली सब्सिडी जारी रहेगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि होटल और छोटे व्यवसाय अस्थायी रूप से इलेक्ट्रिक स्टोव पर खाना बना सकें और उनकी लागत में वृद्धि न हो।
आम लोगों को राहत देने के लिए, सरकार ने 3,228 किलोलीटर केरोसिन भी राशन कार्ड धारकों में वितरित करने का निर्णय लिया है।
छोटे उद्योगों और व्यापारियों की सहायता के लिए, सरकार ने इलेक्ट्रिक स्टोव और हीटर खरीदने के लिए ऋण सुविधा भी देने की घोषणा की है।
बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार सृजन कार्यक्रम (यूवाईईजीपी) योजना के तहत उद्यमियों को 25 प्रतिशत पूंजी सब्सिडी या अधिकतम 3.75 लाख रुपए की सहायता मिलेगी। इसी प्रकार, तमिलनाडु महिला उद्यमी सशक्तिकरण योजना (टीडब्ल्यूईईएस) के तहत 25 प्रतिशत सब्सिडी या अधिकतम 2 लाख रुपए की मदद प्रदान की जाएगी।
इसके अलावा, अन्नल अंबेडकर बिजनेस चैंपियंस योजना (एएबीसीएस) के तहत 35 प्रतिशत सब्सिडी या अधिकतम 1 करोड़ रुपए तक की सहायता दी जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य में 60,698 फैक्ट्रियां विभिन्न ईंधनों जैसे एलपीजी, सीएनजी, डीजल, फर्नेस ऑयल और लकड़ी का उपयोग करती हैं।
अब इन उद्योगों को अस्थायी रूप से केरोसिन, आरडीएफ, हाई-स्पीड डीजल और बायोमास जैसे वैकल्पिक ईंधनों का उपयोग करने की अनुमति दी गई है। इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से नई अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी।
सरकार ने किसानों के हितों का भी ध्यान रखा है। यदि ईंधन की कमी के कारण होटल कम काम करते हैं, तो किसानों को नुकसान न हो, इसके लिए उन्हें राज्य के 194 उझावर संधई (किसान बाजार) में बिना किसी रुकावट के अपनी उपज बेचने की अनुमति दी गई है।
एलपीजी की सप्लाई की निगरानी के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तर की समिति बनाई गई है। वहीं, जिलों में जिला कलेक्टर की अगुवाई में समितियां सप्लाई की निगरानी करेंगी।
तमिलनाडु होटल्स एसोसिएशन ने इस फैसले का स्वागत किया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष एम. वेंकदासुब्बु ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह मदद होटल उद्योग के लिए काफी लाभकारी होगी। उन्होंने सरकार से होटल सेक्टर के लिए प्रॉपर्टी टैक्स में छूट और सस्ती औद्योगिक बिजली दरों पर विचार करने की मांग की।
साथ ही, उन्होंने होटलों को सौर और पवन ऊर्जा का उपयोग करने की अनुमति देने और रूफटॉप सोलर से बनने वाली बिजली पर पूरी नेट मीटरिंग क्रेडिट देने की नीति बनाने का सुझाव भी दिया।