ईरान का स्पष्ट संदेश: अमेरिकी कंपनियों के ठिकानों को निशाना बनाएंगे हमले पर

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ईरान का स्पष्ट संदेश: अमेरिकी कंपनियों के ठिकानों को निशाना बनाएंगे हमले पर

सारांश

ईरान के विदेश मंत्री ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमला हुआ, तो अमेरिकी कंपनियों से जुड़े ठिकानों पर प्रतिक्रिया दी जाएगी। जानिए इस गंभीर स्थिति का क्या अर्थ है।

Key Takeaways

  • ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमले का जवाब अमेरिकी कंपनियों से जुड़े ठिकानों पर दिया जाएगा।
  • खारग द्वीप पर कोई हताहत नहीं हुआ है, लेकिन सैन्य सुविधाएं प्रभावित हुई हैं।
  • ईरान की सशस्त्र सेनाएं जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार हैं।
  • हमले के बावजूद तेल निर्यात जारी है।
  • खारग द्वीप की सुरक्षा स्थिति लगातार जांची जा रही है।

तेहरान, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान के तेल और ऊर्जा संरचना पर हमला किया गया, तो इसका जवाब स्थानीय स्तर पर अमेरिकी कंपनियों से जुड़े ठिकानों पर हमले के रूप में दिया जाएगा।

अमेरिकी समाचार चैनल एमएस नाउ को दिए गए एक साक्षात्कार में, अराघची ने शुक्रवार को ईरान के दक्षिणी रणनीतिक तेल टर्मिनल, खारग द्वीप पर हुए अमेरिकी हमले और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस धमकी पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य से शिपिंग बाधित होती है, तो वे द्वीप के तेल ढांचे को निशाना बनाएंगे।

अराघची ने कहा कि हमारी सशस्त्र सेनाएं पहले ही स्पष्ट कर चुकी हैं कि यदि हमारे तेल और ऊर्जा ढांचे पर हमला होता है, तो वे जवाबी कार्रवाई करेंगी। वे क्षेत्र में किसी भी ऊर्जा संयंत्र पर हमला करेंगी जो किसी अमेरिकी कंपनी के स्वामित्व में है या आंशिक रूप से उसके स्वामित्व में है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शुक्रवार को हुए अमेरिकी हमले संयुक्त अरब अमीरात के दो स्थलों से किए गए थे। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान पर हमले के लिए घनी आबादी वाले क्षेत्रों का उपयोग करना अत्यंत खतरनाक है। उन्होंने कहा कि हम निश्चित रूप से जवाबी कार्रवाई करेंगे, लेकिन हम जनसंख्या वाले क्षेत्रों को निशाना बनाने से बचने की कोशिश करेंगे।

इस चेतावनी को दोहराते हुए, ईरान के प्रमुख सैन्य कमान, खातम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय ने कहा कि ईरान के तेल, आर्थिक या ऊर्जा ढांचे पर किसी भी हमले का जवाब अमेरिकी कंपनियों से जुड़े क्षेत्रीय ठिकानों पर तुरंत हमले के रूप में दिया जाएगा। प्रवक्ता इब्राहिम ज़ोल्फागरी ने आधिकारिक आईआरएनए समाचार एजेंसी को बताया कि अमेरिकी हितों से जुड़े सभी तेल, आर्थिक और ऊर्जा बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दिया जाएगा और इसे राख में बदल दिया जाएगा।

अराघची ने कहा कि ईरान के दुश्मनों और उनके सहयोगियों के जहाजों को छोड़कर, होर्मुज जलडमरूमध्य जहाजों के लिए खुला है। हालांकि कुछ जहाज सुरक्षा चिंताओं के कारण जलमार्ग से बच रहे हैं, लेकिन कई टैंकर अभी भी वहाँ से गुजर रहे हैं।

हमले के बावजूद, खारग द्वीप से तेल निर्यात जारी है। बुशहर प्रांत के उप राज्यपाल एहसान जहानियन ने अर्ध-सरकारी तसनीम समाचार एजेंसी को बताया कि खारग पर सैन्य सुविधाओं और हवाई अड्डे को नुकसान पहुंचा है, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ है और व्यावसायिक परिचालन जारी है।

गौरतलब है कि 28 फरवरी को, इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका ने तेहरान और अन्य ईरानी शहरों पर संयुक्त हमले किए थे, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई, वरिष्ठ सैन्य कमांडर और 1,300 से अधिक नागरिक मारे गए थे। ईरान ने मध्य पूर्व में इजरायली और अमेरिकी ठिकानों और संपत्तियों को निशाना बनाते हुए मिसाइलों और ड्रोन से जवाबी कार्रवाई की।

Point of View

बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए भी महत्वपूर्ण है। ईरान की प्रतिक्रिया संभावित रूप से क्षेत्र में तनाव को बढ़ा सकती है, जिससे वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है।
NationPress
15/03/2026

Frequently Asked Questions

ईरान ने अमेरिकी हमले पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
ईरान ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी कंपनियों से जुड़े ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की जाएगी।
खारग द्वीप पर क्या हुआ?
खारग द्वीप पर अमेरिकी हमले के बाद कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन सैन्य सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है।
ईरान की सशस्त्र सेनाओं ने क्या कहा है?
उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि उनके ऊर्जा ढांचे पर हमला होता है, तो वे जवाबी कार्रवाई करेंगी।
क्या होर्मुज जलडमरूमध्य सुरक्षित है?
यह जलडमरूमध्य अधिकांश जहाजों के लिए खुला है, लेकिन कुछ जहाज सुरक्षा चिंताओं के कारण वहाँ से बच रहे हैं।
खारग द्वीप से तेल निर्यात कैसे प्रभावित हुआ है?
हमले के बावजूद, खारग द्वीप से तेल निर्यात जारी है।
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