लेबनान ने इजरायली सेना के एम्बुलेंस के सैन्य उपयोग के दावों को किया नकार

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लेबनान ने इजरायली सेना के एम्बुलेंस के सैन्य उपयोग के दावों को किया नकार

सारांश

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इजरायली सेना के दावों को खारिज करते हुए कहा है कि एम्बुलेंस का सैन्य कार्रवाई में उपयोग नहीं किया गया। यह आरोप मानवता के खिलाफ अपराध को सही ठहराने का प्रयास है।

मुख्य बातें

लेबनान ने इजरायली सेना के दावों को खारिज किया।
इजरायली हमलों में 26 पैरामेडिक्स मारे गए हैं।
हिजबुल्लाह ने रॉकेट दागने की घोषणा की।
अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हो रहा है।
12 चिकित्साकर्मी इस हमले में मारे गए।

बेरुत, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इजरायली सेना के इस दावे को खारिज कर दिया है कि एम्बुलेंस का उपयोग सैन्य कार्यों के लिए किया गया था। मंत्रालय ने इन आरोपों को "मानवता के खिलाफ अपराध" को सही ठहराने का प्रयास बताया है।

मंत्रालय ने कहा कि लेबनान पर हमले के आरंभ के बाद से इजरायली सेना ने बचाव अभियानों के दौरान एम्बुलेंस टीमों को बार-बार निशाना बनाया है, जिसमें शनिवार की सुबह दक्षिणी गांव बुर्ज कलाउइयेह में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर हमला भी शामिल है।

बयान के अनुसार, इस हमले में डॉक्टरों, नर्सों और बचाव कर्मियों सहित 12 चिकित्साकर्मी मारे गए, जबकि एक स्वास्थ्यकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गया और चार अन्य लापता हैं।

मंत्रालय ने आगे कहा कि 2 मार्च से अब तक इजरायली हमलों में 26 पैरामेडिक्स मारे गए हैं और 51 अन्य घायल हुए हैं। मंत्रालय ने इस संख्या को चिकित्सा टीमों पर लगातार हो रहे हमलों का सबूत बताया है, जो अक्टूबर 2023 के बाद पहली बार लेबनानी रेड क्रॉस तक भी पहुंच गए हैं।

इजरायल का यह दावा कि एम्बुलेंस का उपयोग सैन्य अभियानों के लिए किया जा रहा है, अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और चिकित्सा कर्मियों तथा सुविधाओं की सुरक्षा करने वाले जिनेवा कन्वेंशन के उल्लंघन को सही ठहराने का प्रयास है।

शनिवार को इससे पहले, इजरायली सेना के एक प्रवक्ता ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि हिजबुल्लाह बड़े पैमाने पर एम्बुलेंस का उपयोग "सैन्य उद्देश्यों" के लिए कर रहा है, इसके साथ ही चेतावनी दी कि चिकित्सा सुविधाओं और एम्बुलेंस का सैन्य उपयोग तुरंत बंद होना चाहिए।

27 नवंबर, 2024 को युद्धविराम लागू होने के बाद पहली बार हिजबुल्लाह ने 2 मार्च को लेबनान से इजरायल की ओर रॉकेट दागने की घोषणा की। इसके बाद इजरायल ने समूह के खिलाफ आक्रामक सैन्य अभियान शुरू किया और दक्षिणी और पूर्वी लेबनान के कई क्षेत्रों के साथ-साथ बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर गहन हवाई हमले किए।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इस क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के दौरान बढ़ती मानवीय चिंताओं को उजागर करता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इजरायली सेना के दावों पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इजरायली सेना के दावों को खारिज किया है कि एम्बुलेंस का उपयोग सैन्य कार्यों के लिए किया गया था।
इजरायली हमलों में कितने पैरामेडिक्स मारे गए हैं?
मंत्रालय ने कहा कि 2 मार्च से अब तक इजरायली हमलों में 26 पैरामेडिक्स मारे गए हैं।
क्या इजरायल के आरोप अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करते हैं?
हाँ, इजरायल का यह दावा अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और जिनेवा कन्वेंशन के उल्लंघन को सही ठहराने का प्रयास है।
हिजबुल्लाह ने कब रॉकेट दागने की घोषणा की?
हिजबुल्लाह ने 2 मार्च को लेबनान से इजरायल की ओर रॉकेट दागने की घोषणा की।
इस हमले में कितने चिकिताकर्मी मारे गए?
इस हमले में 12 चिकित्साकर्मी मारे गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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