लेबनान में अस्पतालों की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए डब्ल्यूएचओ प्रमुख की अपील

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लेबनान में अस्पतालों की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए डब्ल्यूएचओ प्रमुख की अपील

सारांश

विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख टेड्रोस ने लेबनान में अस्पतालों और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने हमलों में हुई मौतों पर दुख व्यक्त करते हुए सुरक्षा के ठोस कदम उठाने की आवश्यकता बताई है।

Key Takeaways

  • लेबनान में स्वास्थ्य कर्मियों और अस्पतालों पर हमलों की बढ़ती घटनाएं चिंताजनक हैं।
  • डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपील की है।
  • हमलों में 88 लोगों की मौत और 206 घायल हुए हैं।
  • हमलों के कारण स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा है।
  • सुरक्षा के ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

नई दिल्ली, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महासचिव टेड्रोस एडनॉम घ्रेबेयेसस ने लेबनान में स्वास्थ्य कर्मियों और अस्पतालों पर होने वाले हमलों की बढ़ती घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति अत्यंत दुखद है और सभी से अपील की कि जो लोग स्वास्थ्य सेवा में लगे हुए हैं, उनकी सुरक्षा का ख्याल रखा जाए।

टेड्रोस ने लेबनानी अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि अस्पतालों, स्वास्थ्यकर्मियों, एंबुलेंस और मरीजों को तुरंत सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए।

डब्ल्यूएचओ के एक बयान में बताया गया कि टेबनाइन गवर्नमेंट हॉस्पिटल, जो दक्षिण का एक प्रमुख ट्रॉमा अस्पताल है, पर 12 और 14 अप्रैल को लगातार दो हमले हुए।

इन हमलों में 11 स्वास्थ्य कर्मी घायल हुए और आपातकालीन विभाग जिसमें जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं जैसे कि वेंटिलेटर, मॉनिटर, स्ट्रेचर, और ट्रॉली शामिल थे, को भारी नुकसान हुआ। साथ ही, फार्मेसी और आउट-पेशेंट क्लीनिक भी प्रभावित हुए।

बयान के अनुसार, 2 मार्च से अब तक स्वास्थ्य केंद्रों पर 133 हमले हुए हैं, जिससे 88 लोगों की जान गई और 206 घायल हुए हैं। इस दौरान 15 अस्पताल और 7 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को नुकसान हुआ, जबकि 5 अस्पताल और 56 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंद हो गए हैं।

डब्ल्यूएचओ के प्रमुख ने कहा कि इन हमलों के कारण दक्षिणी लेबनान में जरूरतमंद लोगों को मानवीय सहायता प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा आ रही है और लोगों की हेल्थकेयर तक पहुंच सीमित हो गई है।

उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों, एंबुलेंस और मरीजों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की ताकि लेबनान में लोगों की सहायता सुरक्षित और निर्बाध रूप से की जा सके, जिससे जीवन रक्षक सेवाएं बिना किसी खतरे के संचालित हो सकें।

28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हवाई हमले के बाद से पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है। तेहरान पर हमलों के विरुद्ध लेबनान ने इजरायल पर मिसाइलें दागी, जिसके बाद से 2 मार्च को हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायल ने हमलें शुरू किए। हाल ही में 40 दिन बाद ईरान में अस्थायी संघर्ष विराम की घोषणा की गई।

हालांकि, ईरान पर 8 अप्रैल से हमले रुक गए, लेकिन लेबनान के खिलाफ इजरायल की आक्रामकता बढ़ गई। संघर्ष विराम के दिन ही इजरायली रक्षा मंत्री ने 'सरप्राइज अटैक' की योजना का उल्लेख किया और 10 मिनट में लेबनान के दक्षिणी इलाके में 100 बम गिराए गए। इन हमलों में 250 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि भी लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने की।

Point of View

NationPress
16/04/2026

Frequently Asked Questions

लेबनान में हाल के हमलों का कारण क्या है?
लेबनान में हाल के हमले ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हवाई हमलों के प्रतिशोध में किए गए हैं।
डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने अस्पतालों की सुरक्षा के लिए क्या कहा?
डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने अस्पतालों, स्वास्थ्य कर्मियों और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
हमलों में कितने लोग प्रभावित हुए हैं?
हमलों में 88 लोगों की जान गई है और 206 लोग घायल हुए हैं।
क्या अस्पतालों की स्थिति सुधारने के लिए कोई कदम उठाए जा रहे हैं?
डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने सुरक्षा के ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
लेबनान में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति क्या है?
हमलों के कारण स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा उत्पन्न हो रही है और लोगों की हेल्थकेयर तक पहुंच सीमित हो गई है।
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