क्या हिज्बुल्लाह को निरस्त्र करना इजरायल की सुरक्षा और लेबनान के लिए आवश्यक है?: पीएम नेतन्याहू
सारांश
Key Takeaways
- इजरायल ने लेबनान में हिज्बुल्लाह और हमास के ठिकानों पर हवाई हमले किए।
- पीएम नेतन्याहू ने हिज्बुल्लाह के निरस्त्रीकरण को आवश्यक बताया।
- लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी ने हमलों में नुकसान की सूचना दी।
नई दिल्ली, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। इजरायल ने हाल ही में लेबनान के विभिन्न शहरों पर हवाई हमले किए। ये हमले हमास और हिज्बुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाते हुए किए गए। इस संदर्भ में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय से एक बयान जारी किया गया है।
इस बयान में कहा गया है, "अमेरिका की मध्यस्थता से इजरायल और लेबनान के बीच हुए सीजफायर समझौते में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि हिज्बुल्लाह को पूरी तरह से निरस्त्र करना जरूरी है। यह इजरायल की सुरक्षा और लेबनान के भविष्य के लिए आवश्यक है।"
एक अन्य पोस्ट में यह भी कहा गया, "लेबनान सरकार और लेबनानी सैन्य बलों द्वारा उठाए गए कदम एक सकारात्मक शुरुआत हैं, लेकिन यह पर्याप्त नहीं हैं, जैसा कि हिज्बुल्लाह की ईरान के समर्थन से अपने आतंकवादी ढांचे को फिर से हथियारबंद करने की कोशिशों से स्पष्ट होता है।"
इजरायल ने सोमवार को लेबनान में हिज्बुल्लाह और हमास के कई ठिकानों पर हवाई हमले किए। इन हमलों में लेबनान का तीसरा सबसे बड़ा शहर भी शामिल था।
लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी ने कहा कि हमले में सिडोन के एक औद्योगिक क्षेत्र में एक व्यावसायिक इमारत को नष्ट कर दिया गया। इजरायल के सरकारी कन्ना टीवी ने बताया कि कई लोग घायल हुए हैं, लेकिन किसी के मरने की सूचना नहीं आई है।
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने मंगलवार सुबह एक बयान जारी कर कहा कि उसने सोमवार को शुरू हुए हमलों में लेबनान के कई क्षेत्रों में हिज्बुल्लाह और हमास के ठिकानों को निशाना बनाया है।
आईडीएफ ने कहा, "हमलों में जमीन के ऊपर और नीचे कई हथियारों को रखने की जगहों और सैन्य ढांचों को लक्षित किया गया, जिनका उपयोग हिज्बुल्लाह ने आईडीएफ सैनिकों और इजरायली सरकार के खिलाफ हमले करने के लिए किया था।"
लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी ने कहा कि चार घर नष्ट हो गए और वाहनों एवं दुकानों को भारी नुकसान हुआ, जबकि सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। इजरायली सेना ने दावा किया कि लेबनान में किए गए इन हमलों का उद्देश्य हिज्बुल्लाह के खतरों को समाप्त करना है।