लेबनान में इजरायली हमलों से 570 लोगों की जान गई
सारांश
Key Takeaways
- 570 लोगों
- चिकित्सा कार्यकर्ताओं की सुरक्षा पर खतरा।
- अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन हो रहा है।
- हिज्बुल्लाह और इजरायल के बीच संघर्ष बढ़ा है।
- स्वास्थ्य मंत्रालय ने सुरक्षा की अपील की है।
बेरूत, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। लेबनान में इजरायल द्वारा हमले लगातार जारी हैं। हिज्बुल्लाह के खिलाफ चलाए जा रहे इस अभियान की शुरुआत मार्च के पहले सप्ताह से हुई, जिसमें बुधवार तक 570 लोगों की जान चली गई है।
देश के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को एक आंकड़ा जारी किया, जिसमें बताया गया कि हिंसा की शुरुआत के बाद से अब तक कुल 570 लोगों की मृत्यु हो चुकी है।
मंत्रालय के अनुसार, पिछले 24 घंटे में ही 84 लोग हमलों और हवाई हमलों में मारे गए हैं। इसके साथ ही घायलों की संख्या बढ़कर 1,444 हो गई है, जिनमें से 131 लोग मंगलवार को घायल हुए।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि मृतकों में लेबनानी रेड क्रॉस के एक पैरामेडिक, यूसुफ अस्साफ भी शामिल हैं। मंत्रालय ने एक बयान जारी कर एम्बुलेंस और आपातकालीन सेवाओं को निशाना बनाए जाने की कड़ी निंदा की है।
दक्षिणी लेबनान के मजदल जौन शहर में एक अभियान के दौरान उनकी एम्बुलेंस पर हमला किया गया था। यह हमला दो दिन पहले हुआ था; बुधवार की सुबह उनकी मृत्यु हो गई।
यह घटना हिंसा के बीच चिकित्सा कार्यकर्ताओं के लिए जोखिम को उजागर करती है, जहां पिछले साल संघर्ष तेज होने के बाद से लेबनान में 100 से अधिक ऐसे कर्मचारी मारे जा चुके हैं।
अधिकारियों का कहना है कि संघर्ष के दौरान चिकित्सा कर्मियों और राहत कार्यकर्ताओं को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों के खिलाफ है। मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि चिकित्सा सेवाओं और राहत कार्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दबाव बनाया जाए।
ईरान के खिलाफ इजरायल और अमेरिका की कार्रवाई में सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई की मौत के बाद दक्षिण लेबनान स्थित राजनीतिक सशस्त्र संगठन हिज्बुल्लाह ने प्रतिशोध की बात कही थी। हिज्बुल्लाह ने इजरायल पर रॉकेट दागे, जिसके बाद इजरायल डिफेंस फोर्स ने भी जवाबी कार्रवाई की है। 2 मार्च को स्ट्राइक से पहले इजरायल डिफेंस फोर्स ने लेबनान के लोगों को 53 गांव खाली करने के लिए कहा था।