क्या टी20 विश्व कप के आयोजन स्थलों को लेकर बांग्लादेशी खिलाड़ियों ने बहिष्कार की चेतावनी दी?
सारांश
Key Takeaways
- बांग्लादेशी खिलाड़ियों ने बीपीएल मुकाबले का बहिष्कार करने की चेतावनी दी।
- बीसीबी के अधिकारी की विवादास्पद टिप्पणियों ने विवाद को जन्म दिया।
- बोर्ड ने नजमुल इस्लाम की टिप्पणियों से खुद को अलग किया।
- टी20 विश्व कप में भागीदारी पर बांग्लादेश की स्थिति अनिश्चित है।
- खिलाड़ियों की गरिमा की सुरक्षा करना आवश्यक है।
नई दिल्ली, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। टी20 विश्व कप में अपने मैचों के आयोजन स्थलों को लेकर चल रहे गतिरोध के बीच, बांग्लादेश के क्रिकेट खिलाड़ियों ने बांग्लादेश प्रीमियर लीग (बीपीएल) के मैचों के बहिष्कार की चेतावनी दी है। यह कदम बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के एक वरिष्ठ अधिकारी के विवादास्पद टिप्पणियों के खिलाफ उठाया गया है।
क्रिकेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन ऑफ बांग्लादेश ने कहा कि बीसीबी की वित्त समिति के अध्यक्ष एम. नजमुल इस्लाम की टिप्पणियां पूर्णतः अस्वीकार्य हैं और इससे खिलाड़ियों की गरिमा को ठेस पहुंची है।
इससे पहले, नजमुल इस्लाम ने बांग्लादेश के पूर्व कप्तान तमीम इकबाल को “भारतीय एजेंट” करार दिया था। तमीम ने टी20 विश्व कप के आयोजन स्थल विवाद के मद्देनजर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से बातचीत करने का सुझाव दिया था, जिसके बाद यह विवादास्पद टिप्पणी आई।
बुधवार को, नजमुल इस्लाम ने मीडिया से कहा कि यदि बांग्लादेश टी20 विश्व कप में भाग नहीं लेता है, तो बोर्ड को कोई खास नुकसान नहीं होगा, क्योंकि बांग्लादेश टीम भारत जाने के लिए तैयार नहीं है।
उन्होंने कहा, “इससे बोर्ड को कोई मुनाफा या नुकसान नहीं है। बांग्लादेश खेले या न खेले, इस विश्व कप के मामले में बोर्ड को कोई लाभ या हानि नहीं होगी।”
इस विवाद के बाद, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने बुधवार शाम को एक आधिकारिक बयान जारी कर नजमुल इस्लाम की टिप्पणियों से खुद को अलग कर लिया। बीसीबी ने कहा कि यह बयान बोर्ड के मूल्यों और आधिकारिक रुख के अनुरूप नहीं हैं।
बोर्ड ने अपने बयान में कहा, “बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड हाल ही में बोर्ड के एक सदस्य द्वारा की गई टिप्पणियों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करना चाहता है, जिनसे चिंता उत्पन्न हुई है। बोर्ड ऐसे किसी भी बयान पर खेद व्यक्त करता है, जिन्हें अनुचित, आपत्तिजनक या आहत करने वाला माना जा सकता है।”
बयान में आगे कहा गया कि इस तरह की टिप्पणियां न तो बीसीबी के मूल्यों और सिद्धांतों को दर्शाती हैं और न ही बांग्लादेश क्रिकेट की सेवा करने की जिम्मेदारी निभा रहे लोगों से अपेक्षित आचरण के अनुरूप हैं।