पश्चिम एशिया संकट पर सर्वदलीय बैठक आज: भारत की सुरक्षा और आर्थिक चिंताएँ

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पश्चिम एशिया संकट पर सर्वदलीय बैठक आज: भारत की सुरक्षा और आर्थिक चिंताएँ

सारांश

पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट के बीच, भारत सरकार आज सर्वदलीय बैठक का आयोजन कर रही है। यह बैठक राजनीतिक नेताओं को स्थिति की गंभीरता और कूटनीतिक स्थिति के बारे में जानकारी प्रदान करने का महत्वपूर्ण अवसर है।

Key Takeaways

  • पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक का आयोजन।
  • राजनाथ सिंह करेंगे बैठक की अध्यक्षता।
  • विदेश मंत्री से मिलेगी ताज़ा जानकारी।
  • कांग्रेस सहित विपक्षी दलों की भागीदारी।
  • सुरक्षा समीक्षा के बाद की जा रही यह बैठक महत्वपूर्ण है।

नई दिल्ली, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम एशिया में उत्पन्न हो रहे संकट के कारण भारत पर इसके आर्थिक और सुरक्षा पर प्रभावों के बढ़ते चिंताओं को ध्यान में रखते हुए, सरकार बुधवार को सभी राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ एक सर्वदलीय बैठक का आयोजन करेगी।

यह बैठक बुधवार को शाम ५ बजे संसद परिसर के भीतर होगी, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। विदेश मंत्री एस जयशंकर द्वारा पार्टी नेताओं को ताज़ा घटनाक्रम एवं भारत की कूटनीतिक स्थिति की जानकारी देने की अपेक्षा है।

यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसद में दिए गए बयानों के बाद की जा रही है, जिसमें उन्होंने इस स्थिति को 'अभूतपूर्व संकट' बताया, जिसका दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है।

पश्चिम एशिया का यह संघर्ष अब चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है, जिससे प्रमुख समुद्री व्यापार मार्ग, विशेषकर होर्मुज जलडमरूमध्य, बाधित हुए हैं। इन तनावों ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता बढ़ा दी है और सप्लाई चेन तथा महंगाई को लेकर चिंताएँ उत्पन्न की हैं, जिसके चलते सरकार ने राजनीतिक पक्षों के साथ परामर्श तेज कर दिया है।

विपक्षी दल, जिसमें कांग्रेस भी शामिल है, संसद में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की मांग कर रहे हैं। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार के केवल ब्रीफिंग कराने के निर्णय की आलोचना की और कहा कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए व्यापक चर्चा होनी चाहिए।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी सरकार पर आरोप लगाया कि भारत की विदेश नीति 'समझौता कर चुकी है' और राष्ट्रीय हितों के बजाय व्यक्तिगत विचारों से प्रभावित है। हालांकि, सर्वदलीय बैठक का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि वे केरल में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के कारण इसमें शामिल नहीं हो पाएंगे।

यह सर्वदलीय बैठक उस उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा के एक दिन बाद हो रही है, जिसकी अध्यक्षता राजनाथ सिंह ने की थी। इस बैठक में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, तीनों सेनाओं के प्रमुख और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए थे, ताकि क्षेत्रीय स्थिति का आकलन किया जा सके।

भू-राजनीतिक तनाव के बढ़ने और उसके वैश्विक प्रभाव के अधिक स्पष्ट होने के बीच, यह बैठक सरकार के लिए विपक्षी नेताओं को जानकारी देने और इस संकट पर भारत के रुख के लिए व्यापक राजनीतिक सहमति बनाने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हो सकती है।

Point of View

NationPress
25/03/2026

Frequently Asked Questions

पश्चिम एशिया संकट का भारत पर क्या प्रभाव है?
पश्चिम एशिया में संकट से भारत की आर्थिक और सुरक्षा स्थिति पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है, जिससे सरकार चिंतित है।
सर्वदलीय बैठक का उद्देश्य क्या है?
इस बैठक का उद्देश्य राजनीतिक नेताओं को जानकारी प्रदान करना और संकट पर एकजुटता के लिए सहमति बनाना है।
बैठक में कौन-कौन शामिल होगा?
बैठक में रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता शामिल होंगे।
क्यों महत्वपूर्ण है यह बैठक?
यह बैठक भारत की सुरक्षा और कूटनीतिक स्थिति को मजबूत बनाने के लिए महत्वपूर्ण है।
क्या विपक्षी दल इस बैठक में कोई भूमिका निभाएंगे?
हाँ, विपक्षी दल इस बैठक में अपनी चिंताओं को साझा करेंगे और चर्चा में भाग लेंगे।
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