हिमाचल-उत्तराखंड-जम्मू-लद्दाख में भारी बारिश का अलर्ट, भूस्खलन और अचानक बाढ़ का गंभीर खतरा
सारांश
मुख्य बातें
मौसम विभाग ने 11 अगस्त 2025 को हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जहाँ भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। सोमवार रात से जारी तेज बारिश के कारण कांगड़ा में नदी-नाले उफान पर हैं, और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन तथा अचानक बाढ़ का खतरा तेज़ी से बढ़ गया है। साथ ही उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी मौसम विभाग ने सतर्कता के निर्देश जारी किए हैं।
हिमाचल प्रदेश में अलर्ट की स्थिति
कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में ऑरेंज अलर्ट के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, शिमला और सोलन जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार 12 और 13 अगस्त को भी प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 14, 15 और 16 अगस्त को भी अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
मुख्य खतरे और जोखिम
भारी बारिश के कारण पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन तथा मलबा खिसकने का खतरा बढ़ गया है। निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ने की आशंका है। पहाड़ी सड़कों पर फिसलन और कम दृश्यता के कारण यातायात बाधित होने की संभावना है। उत्तराखंड के देहरादून में नदी से सटे दो भवन पहले ही धराशायी हो चुके हैं, और तमक नाले में अचानक उफान आने से मॉड्यूलर पुल बह गया।
उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की स्थिति
उत्तराखंड में पहाड़ से मैदान तक बारिश का दौर जारी है। देहरादून और हरिद्वार में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। पर्वतीय क्षेत्रों में जगह-जगह भूस्खलन से यातायात बाधित हो रहा है। मौसम विभाग ने मंगलवार को उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए यलो अलर्ट जारी किया है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए 13 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट जारी है।
प्रशासन की सलाह और एहतियाती उपाय
मौसम विभाग ने लोगों को भूस्खलन, मलबा खिसकने और अचानक बाढ़ की आशंका वाले संवेदनशील क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी है। नदी, नालों और अन्य जल निकायों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने तथा प्रशासन व यातायात विभाग के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से परहेज़ और मौसम की ताज़ा जानकारी लेते रहने की भी अपील की गई है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति और बिगड़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन और स्थानीय निवासियों को उच्च सतर्कता बरतने की ज़रूरत है।