जम्मू-कश्मीर में 10-12 अगस्त को भारी बारिश का अलर्ट, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा
सारांश
मुख्य बातें
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जम्मू-कश्मीर के लिए 10 से 12 अगस्त 2025 के बीच भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिसके साथ संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और पत्थर गिरने की आशंका भी जताई गई है। 9 अगस्त को श्रीनगर से जारी इस पूर्वानुमान में विभाग ने यात्रियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
मौसम का ताज़ा हाल
IMD श्रीनगर केंद्र के मौसम विज्ञानी बरहम पाल के अनुसार, फिलहाल जम्मू-कश्मीर में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य बना हुआ है। हालांकि आने वाले एक-दो दिनों में दक्षिण कश्मीर, पीर पंजाल क्षेत्र और जम्मू संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। उत्तर और मध्य कश्मीर में भी हल्की बारिश के आसार हैं।
10 अगस्त के बाद नए मौसमी तंत्र का असर
मौसम विभाग की निगाह 10 अगस्त के बाद उभरने वाले एक नए मौसमी तंत्र पर है। इसके प्रभाव से 10 से 12 अगस्त के बीच बारिश की गतिविधियाँ तेज़ हो सकती हैं। दक्षिण कश्मीर, पीर पंजाल क्षेत्र और जम्मू संभाग के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम, जबकि जम्मू संभाग के कुछ इलाकों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है।
सबसे संवेदनशील जिले
विभाग ने कठुआ, रामबन, पीर पंजाल क्षेत्र के साथ-साथ दक्षिण कश्मीर के शोपियाँ, अनंतनाग और पुलवामा जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। इन इलाकों में तेज़ बारिश के कारण निचले क्षेत्रों में अचानक जलस्तर बढ़ने और फ्लैश फ्लड की स्थिति बन सकती है। यह ऐसे समय में आया है जब पिछले कुछ दिनों से पूरे प्रदेश में लगातार बारिश जारी है।
यातायात पर संभावित असर
भारी बारिश का असर सड़क और यातायात व्यवस्था पर भी पड़ सकता है। राष्ट्रीय राजमार्गों और पीर पंजाल क्षेत्र में भूस्खलन, पत्थर गिरने और मलबा आने की आशंका बनी हुई है। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में मानसून के दौरान भूस्खलन से राजमार्ग बाधित होना एक बार-बार दोहराई जाने वाली समस्या है, जो आपूर्ति श्रृंखला और तीर्थयात्राओं को प्रभावित करती है।
यात्रियों के लिए सलाह
मौसम विज्ञानी बरहम पाल ने यात्रियों और आम नागरिकों से अपील की है कि 10 से 12 अगस्त के बीच पहाड़ी इलाकों की यात्रा से पहले ट्रैफिक विभाग से सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य लें। संवेदनशील रास्तों पर बिना पुष्टि के निकलने से बचना ही बेहतर होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल पूरे जम्मू-कश्मीर में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन स्थानीय स्तर पर कुछ स्थानों पर तीव्र वर्षा हो सकती है।