ताशकंद 2027 वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप: 202 मेडल इवेंट्स और क्वालिफिकेशन नियम घोषित
सारांश
मुख्य बातें
वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ने 22 सितंबर 2026 को ताशकंद 2027 वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए मेडल प्रोग्राम और क्वालिफिकेशन मानदंड आधिकारिक रूप से जारी कर दिए हैं। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 19 से 27 जून 2027 तक उज्बेकिस्तान ओलंपिक सिटी स्पोर्ट स्टेडियम, ताशकंद में आयोजित होगी। इस बार के संस्करण में लंदन 2017 के बाद किसी भी वर्ल्ड चैंपियनशिप में सर्वाधिक मेडल इवेंट्स शामिल किए गए हैं।
मेडल प्रोग्राम का विस्तार
ताशकंद 2027 के इवेंट प्रोग्राम में नई दिल्ली 2025 वर्ल्ड चैंपियनशिप के सभी इवेंट्स को बरकरार रखा गया है और उनके साथ 16 अतिरिक्त मेडल इवेंट्स जोड़े गए हैं। इससे कुल मेडल इवेंट्स की संख्या 202 हो गई है — जिसमें 111 पुरुषों के, 90 महिलाओं के और एक मिक्स्ड इवेंट शामिल है। गौरतलब है कि यह आँकड़ा 2017 के लंदन संस्करण के बाद श्रृंखला का सबसे बड़ा मेडल प्रोग्राम है।
इसमें लॉस एंजिल्स 2028 पैरालंपिक गेम्स के सभी 164 मेडल इवेंट्स भी सम्मिलित किए गए हैं, जिससे यह आयोजन LA28 पैरालंपिक चक्र में एथलीटों के लिए सबसे महत्वपूर्ण क्वालिफिकेशन अवसर बन गया है।
नए और पृथक किए गए इवेंट्स
वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ने बताया कि ताशकंद 2027 में पाँच नए मेडल इवेंट्स जोड़े गए हैं, जबकि 11 मेडल इवेंट्स नई दिल्ली 2025 प्रोग्राम के मौजूदा इवेंट्स को अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित करके तैयार किए गए हैं।
नए इवेंट्स:
- पुरुषों की 100 मीटर टी61
- पुरुषों की 200 मीटर टी47
- पुरुषों की डिस्कस थ्रो एफ53
- महिलाओं की 100 मीटर टी61
- महिलाओं की 800 मीटर टी20
पृथक किए गए प्रमुख इवेंट्स: पुरुषों की 100 मीटर टी63 को टी42 और टी63 में विभाजित किया गया है। इसी प्रकार पुरुषों की 400 मीटर टी62, लॉन्ग जंप टी63, हाई जंप टी63, हाई जंप टी64 और शॉट पुट एफ63 को भी अलग-अलग वर्गों में बाँटा गया है। महिलाओं की श्रेणी में 100 मीटर टी63, लॉन्ग जंप टी63, लॉन्ग जंप टी64, डिस्कस थ्रो एफ57 और पुरुषों की जैवलिन थ्रो एफ57 को भी पृथक इवेंट्स में बदला गया है।
भागीदारी और महत्व
वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स के अनुसार, ताशकंद 2027 में 100 से अधिक देशों के 1,300 से अधिक एथलीट्स के भाग लेने की संभावना है। यह आयोजन LA28 तक के पैरालंपिक साइकिल का सबसे बड़ा पैरा स्पोर्ट इवेंट होगा। साथ ही, यह उज्बेकिस्तान में अब तक आयोजित होने वाला सबसे बड़ा खेल आयोजन भी होगा, जो देश के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है।
यह ऐसे समय में आया है जब पैरा खेलों के प्रति वैश्विक स्तर पर रुचि तेज़ी से बढ़ रही है और पेरिस 2024 पैरालंपिक गेम्स की सफलता के बाद एथलीटों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
भारतीय पैरा एथलीटों के लिए अवसर
भारत के लिए यह प्रतियोगिता विशेष महत्व रखती है, क्योंकि नई दिल्ली 2025 की मेज़बानी के बाद भारतीय पैरा एथलेटिक्स दल का प्रदर्शन स्तर काफी ऊँचा हो गया है। ताशकंद 2027 में बेहतर क्वालिफिकेशन नियमों और अधिक इवेंट्स की उपलब्धता से भारतीय एथलीटों को LA28 पैरालंपिक के लिए क्वालिफाई करने के और अधिक मौके मिलेंगे। आगामी महीनों में क्वालिफिकेशन मानदंडों का विस्तृत ब्यौरा जारी किए जाने की उम्मीद है।