नैरोबी को 2029 वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मेजबानी, म्यूनिख 2031 का आयोजन करेगा
सारांश
मुख्य बातें
नैरोबी (केन्या) को 2029 वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मेजबानी सौंपी गई है, जिससे यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता पहली बार किसी अफ्रीकी देश में आयोजित होगी। वहीं, जर्मनी के म्यूनिख शहर को 2031 संस्करण की मेजबानी मिली है। यह ऐतिहासिक निर्णय बुडापेस्ट में हुई 242वीं वर्ल्ड एथलेटिक्स काउंसिल की बैठक में 15 सितंबर 2026 को लिया गया।
मेजबानी के लिए कड़ी स्पर्धा
2029 चैंपियनशिप की दावेदारी के लिए रोम, म्यूनिख, लंदन और नैरोबी — चार शहरों ने बोली लगाई थी। लंदन को शुरुआत में सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा था, क्योंकि लंदन स्टेडियम में आयोजन को लेकर वेस्ट हैम फुटबॉल क्लब के साथ बातचीत भी हुई थी। वेस्ट हैम ने फुटबॉल सीजन के दौरान स्टेडियम पर अपनी प्राथमिकता जताई थी, लेकिन बाद में सहमति बनी — फिर भी 2029 संस्करण के लिए वेन्यू को आधिकारिक मंजूरी नहीं मिल सकी।
अंततः नैरोबी ने इन सभी बड़े यूरोपीय शहरों को पीछे छोड़ते हुए मेजबानी हासिल की — जो अपने आप में एथलेटिक्स की दुनिया में एक बड़ा बदलाव है।
सेबेस्टियन कोए की प्रतिक्रिया
वर्ल्ड एथलेटिक्स के अध्यक्ष सेबेस्टियन कोए ने कहा कि चारों शहरों ने शानदार तैयारी, बड़े लक्ष्य और मजबूत प्रतिबद्धता दिखाई, जिससे फैसला करना आसान नहीं था। उन्होंने कहा, 'आज काउंसिल के इस फैसले के साथ, हम अगले तीन एडिशन में एशिया, अफ्रीका और यूरोप में अपनी वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप की होस्टिंग के साथ दुनिया भर में एथलेटिक्स को बढ़ाने के अपने मिशन को पूरा करना जारी रखेंगे।'
कोए ने आगे कहा, 'नैरोबी और म्यूनिख ने दो शानदार प्रस्ताव पेश किए। वे हमारे खेल के लिए बहुत अलग लेकिन उतने ही रोमांचक अवसर देते हैं, और मुझे खुशी है कि अब हम दोनों शहरों के साथ मिलकर दो वर्ल्ड-क्लास चैंपियनशिप आयोजित कर सकते हैं।'
नैरोबी का ऐतिहासिक महत्व
केन्या वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप के इतिहास में दूसरा सबसे सफल देश है। कोए ने कहा, 'नैरोबी ने एक जबरदस्त और भावुक नीलामी पेश की, और पहली बार वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप को अफ्रीका ले जाना ऐतिहासिक होगा।' उन्होंने फेथ किपयेगॉन, विवियन चेरुइयोट, एलिउड किपचोगे, हेलेन ओबिरी, डेविड रुडिशा, किप कीनो, पॉल टेरगेट और टेगला लोरूपे जैसे केन्याई महान एथलीटों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह खेल देश की रग-रग में बसा हुआ है।
गौरतलब है कि अफ्रीका में इससे पहले भी कई एथलेटिक्स इवेंट आयोजित हो चुके हैं। युगांडा के कंपाला ने 2017 में वर्ल्ड क्रॉस कंट्री चैंपियनशिप होस्ट की थी, और नैरोबी ने उसी साल वर्ल्ड अंडर-18 चैंपियनशिप की मेजबानी की थी। बोत्सवाना के गैबोरोन ने इस वर्ष वर्ल्ड एथलेटिक्स रिलेज होस्ट की, जो अफ्रीका में उस इवेंट का पहला संस्करण था। लेकिन ओलंपिक के बाद एथलेटिक्स का सबसे बड़ा आयोजन — वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप — पहली बार किसी अफ्रीकी धरती पर उतरेगा।
म्यूनिख की खासियत और टिकाऊ विज़न
जर्मनी तीसरी बार इस चैंपियनशिप का आयोजक बनेगा और म्यूनिख का ओलंपियापार्क स्टेडियम 2031 के इवेंट की मेजबानी करेगा। कोए ने कहा, 'बर्लिन 2009 वर्ल्ड चैंपियनशिप के यादगार संस्करणों में से एक है, और तब से हमने यूरोपियन चैंपियनशिप में जबरदस्त सपोर्ट देखा है।' कोए ने 2022 में म्यूनिख में दर्शकों की भारी उपस्थिति का हवाला देते हुए कहा कि यह शहर बड़े इवेंट्स के लिए जर्मनी की प्रचंड ललक को दर्शाता है।
कोए ने यह भी कहा कि ओलंपियापार्क केवल एक खेल परिसर नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास का भी प्रतीक है — और इसी सोच को 2031 चैंपियनशिप की योजना और आयोजन में भी शामिल किया जाएगा।
आगे का कार्यक्रम
वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप का अगला संस्करण 10 से 19 सितंबर 2027 तक बीजिंग (चीन) में आयोजित होगा। इसके बाद सितंबर 2029 में नैरोबी और सितंबर 2031 में म्यूनिख की बारी आएगी। इसका उद्देश्य है कि एथलेटिक्स सीजन का समापन हर बार एक बड़े वैश्विक मंच पर हो और खिलाड़ियों को सीजन के अंत में सर्वश्रेष्ठ अवसर मिले।