BJP अध्यक्ष नितिन नवीन का दावा: यूपी में योगी सरकार के कामों से भाजपा पर जनता का भरोसा बरकरार
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 7 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में एक विशेष बातचीत में कहा कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार द्वारा किए गए कार्यों — विशेष रूप से कानून-व्यवस्था सुधार और केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन — के चलते जनता का भाजपा पर भरोसा और मज़बूत हुआ है। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा की तैयारी, विपक्षी गठबंधन की संभावनाओं और आज़म खान प्रकरण पर भी अपनी स्पष्ट राय रखी।
यूपी चुनाव में भाजपा की स्थिति
नितिन नवीन ने कहा कि गोरखपुर, कानपुर समेत उत्तर प्रदेश के हर ज़िले में लोगों के मन में भाजपा के प्रति सकारात्मक माहौल है। उन्होंने कहा, 'भाजपा नेतृत्व, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिस तरह केंद्र की योजनाओं को राज्य में लागू किया है, उससे लोगों में सकारात्मक माहौल है।' उनके अनुसार, योगी सरकार की सख्त कानून-व्यवस्था नीति के कारण भाजपा को सड़कों पर भी जनसमर्थन साफ़ दिख रहा है।
सपा-कांग्रेस गठबंधन पर तीखी प्रतिक्रिया
समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के बीच संभावित गठबंधन की चर्चा पर नवीन ने कहा कि यह दोनों पहले भी साथ आए हैं, लेकिन 'इस जुगलबंदी पर जनता को कोई भरोसा नहीं है।' उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व को 'उत्तर प्रदेश की जनता से कोई लेना-देना नहीं है' और वे केवल अपने और अपने परिवार के हित में काम करते हैं। नवीन ने दावा किया कि यूपी के युवा, किसान, महिलाएँ और मज़दूर वर्ग इस 'पारिवारिक राजनीति' को भलीभाँति समझते हैं।
आज़म खान और माफिया राज पर बयान
सपा प्रमुख अखिलेश यादव के उस बयान पर — जिसमें उन्होंने आज़म खान को साज़िश के तहत जेल में रखे जाने का आरोप लगाया था — भाजपा अध्यक्ष ने पलटवार किया। नवीन ने कहा, 'ये वो लोग हैं जिन्होंने उत्तर प्रदेश की पहचान 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया' की बनाई थी।' उन्होंने कहा कि पहले हर ज़िले का एक 'छत्रप' होता था, जिसके ज़रिए सत्ता तक पहुँचा जाता था। भाजपा सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री योगी ने इन माफियाओं को जेल में डाला।
उत्तम प्रदेश बनाम बीमारू राज्य
नवीन ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश 'पहले वाला बीमारू राज्य नहीं है।' उनके अनुसार, अब राज्य में 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट' की बात होती है, न कि 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया' की। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव अभी भी वोट बैंक की राजनीति के चलते माफियाओं को पनाह देने का काम कर रहे हैं, जो जनता को स्वीकार नहीं है।
आगे क्या
यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ तेज़ हो रही हैं और विपक्षी दल गठबंधन की रणनीति बना रहे हैं। गौरतलब है कि नवीन के इस बयान से भाजपा की चुनावी रणनीति — जो कानून-व्यवस्था और विकास के ट्रैक रिकॉर्ड पर केंद्रित है — की झलक साफ़ दिखती है। भाजपा का अगला कदम यूपी में जनसंपर्क अभियान तेज़ करना और केंद्रीय योजनाओं के लाभार्थियों को एकजुट करना बताया जा रहा है।