2027 UP चुनाव में BJP को जनता का समर्थन मिलेगा: दिनेश प्रताप सिंह का अखिलेश यादव पर पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने 21 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव के आरोपों पर कड़ा पलटवार किया। उन्होंने दावा किया कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में जो अराजकता थी, वह अब इतिहास बन चुकी है, और 2027 के विधानसभा चुनाव में भी प्रदेश की जनता BJP के साथ खड़ी होगी।
युवा और BJP: दिनेश प्रताप सिंह का दावा
अखिलेश यादव के इस आरोप पर कि उत्तर प्रदेश के युवा वर्ग में BJP सरकार के प्रति नाराज़गी है, दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में बिजली की किल्लत, ध्वस्त कानून-व्यवस्था और 'जंगलराज' की स्थिति थी। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद प्रदेश की तस्वीर बदली है और जनता परेशान नहीं, बल्कि खुशहाल है। BJP प्रवक्ता ने कहा कि अखिलेश यादव को 'मुंगेरीलाल के हसीन सपने' देखना बंद कर देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश का नौजवान पहले भी BJP के साथ था, आज भी है, और 2027 में भी पार्टी को समर्थन देगा।
आजम खान विवाद: जवाबी हमला
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया था कि BJP सरकार ने आजम खान के साथ अन्याय किया। इस पर दिनेश प्रताप सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि आजम खान के साथ असली अन्याय BJP ने नहीं, बल्कि अखिलेश यादव ने किया। उनका आरोप है कि जब आजम खान पर आरोप लगे, तब सपा अध्यक्ष ने उनका साथ छोड़ दिया और उन्हें अलग-थलग कर दिया। BJP प्रवक्ता ने कहा कि अब जब असदुद्दीन ओवैसी की ओर से आजम खान के खिलाफ मामले हटाने की बात आई, तभी अखिलेश यादव को उनकी 'चिंता' सताने लगी। इसे उन्होंने राजनीतिक अवसरवाद करार दिया और कहा कि मुस्लिम समाज अब समझ चुका है कि उसके हित किसके साथ सुरक्षित हैं।
केंद्र सरकार की योजनाओं का हवाला
दिनेश प्रताप सिंह ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने गरीबों के लिए भोजन, स्वास्थ्य, आवास और रसोई गैस जैसी योजनाओं के ज़रिए सभी वर्गों तक लाभ पहुँचाने का प्रयास किया है। उन्होंने यह भी कहा कि BJP चाहती है कि मुस्लिम समुदाय के युवा केवल पारंपरिक कामों तक सीमित न रहें, बल्कि नेतृत्व की भूमिका में आगे आएँ।
धार्मिक आस्था पर विवाद
अखिलेश यादव के इस आरोप पर कि BJP धार्मिक आस्थाओं से खिलवाड़ कर रही है, BJP प्रवक्ता ने कहा कि यह काम सपा ने किया है। उन्होंने सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने एक कार्यक्रम में भगवान राम, भगवान कृष्ण और ब्रह्मा, विष्णु तथा महेश को न मानने की बात कही। दिनेश प्रताप सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि राजकुमार भाटी ने पूर्व में ब्राह्मणों, जाटों और गुर्जरों के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की हैं, और अखिलेश यादव ने इन बयानों पर चुप्पी साध ली।
2027 चुनाव और आगे की राह
BJP प्रवक्ता ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता और सनातन परंपरा में आस्था रखने वाले मतदाता इन विवादित बयानों को ध्यान से देख रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता समाजवादी पार्टी को इसका जवाब देगी, जिससे युवाओं के मुद्दे पर राजनीति करना अखिलेश यादव के लिए मुश्किल हो जाएगा। यह बयानबाज़ी ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश में चुनावी माहौल धीरे-धीरे गर्म होने लगा है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमले तेज़ कर रहे हैं।