अखिलेश यादव को भारत नहीं फ्रांस दिखता है: BJP प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह का तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने 20 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव विजयादशमी के पावन पर्व पर भारत की उपलब्धियों के बजाय फ्रांस में हो रहे विरोध प्रदर्शनों का हवाला दे रहे हैं। साथ ही, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को रावण के रूप में दर्शाने वाले एआई-निर्मित वीडियो पर भी BJP प्रवक्ता ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।
विजयादशमी पर सियासी तल्खी
दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि विजयादशमी का पर्व पूरे देश में उल्लास के साथ मनाया जा रहा है और बाजारों में खुशी का माहौल है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि इस त्योहार पर किसी के चेहरे से खुशी गायब है, तो वे केवल अखिलेश यादव हैं। BJP प्रवक्ता के अनुसार, सपा प्रमुख को भगवान राम के नाम से असुविधा होती है।
ऐतिहासिक आरोपों की झड़ी
सिंह ने सपा और उसके पूर्व नेतृत्व पर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि मुलायम सिंह यादव के शासनकाल में कारसेवकों पर गोली चलवाई गई थी और कांवड़ यात्रा तथा शिव यात्रा में डीजे पर प्रतिबंध लगाया गया था। इन आरोपों को सपा ने अभी तक आधिकारिक तौर पर नहीं नकारा है।
फ्रांस और राहुल गांधी का संदर्भ
अखिलेश यादव की ओर से फ्रांस में जारी प्रदर्शनों का उल्लेख किए जाने पर सिंह ने तंज कसा कि सपा प्रमुख को भारत नहीं बल्कि फ्रांस दिख रहा है। उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और फ्रांस से प्रेरणा मिल रही है। सिंह ने कहा, 'भारत अराजकता से नहीं, बल्कि संविधान से चलता है और देश किसी दूसरे मुल्क के इशारे पर काम नहीं करता।' उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख करते हुए कहा कि वे जनता के व्यापक समर्थन से इस पद पर हैं और उनके नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनेगा।
AI वीडियो पर BJP का पलटवार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को रावण के रूप में प्रस्तुत करने वाले एआई-जनित वीडियो को लेकर सिंह ने आरोप लगाया कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव नजदीक आते देख अखिलेश यादव की निराशा बढ़ रही है। उन्होंने सपा शासनकाल पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उस दौर में माफिया तत्वों को संरक्षण दिया गया और महिलाओं, दलितों एवं पिछड़े वर्गों का अपमान हुआ।
2027 चुनाव की चेतावनी
BJP प्रवक्ता ने दावा किया कि 2017 से समाजवादी पार्टी को जनता के फैसले का सामना करना पड़ रहा है और 2027 में मतदाता पार्टी की बची-खुची राजनीतिक ताकत भी समाप्त कर देंगे। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा और सपा के बीच यह वाकयुद्ध चुनावी वर्ष से पहले तेज होता जा रहा है, जो राज्य की राजनीतिक दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।