राम मंदिर विवाद पर भाजपा का पलटवार: अखिलेश यादव पर राजनीतिकरण का आरोप, SIT जांच का बचाव
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 9 जुलाई 2026 को समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव के हालिया बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। भाजपा नेता रोहन गुप्ता और प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश यादव पर राम मंदिर चंदा विवाद सहित विभिन्न मुद्दों का राजनीतिकरण करने और भ्रामक बयान देने का आरोप लगाया। दोनों नेताओं ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और कहा कि विपक्ष धार्मिक आस्था को राजनीतिक चश्मे से देखता है।
रोहन गुप्ता का अखिलेश पर हमला
अहमदाबाद में पत्रकारों से बातचीत में भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने कहा कि सपा अध्यक्ष हर सुबह किसी न किसी विषय का राजनीतिकरण करने का अवसर तलाशते हैं और केवल सुर्खियों में बने रहने के लिए लगातार बयानबाजी करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव को स्वयं यह स्पष्ट नहीं रहता कि उन्हें किस मुद्दे पर क्या कहना है।
गुप्ता ने ईरान संकट के दौरान एलपीजी की कथित कमी पर अखिलेश यादव के बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय अनावश्यक आशंका और भ्रम फैलाने की कोशिश की गई थी। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि देश में एलपीजी की कोई कमी न हो।
राम मंदिर और कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल
राम मंदिर चंदा विवाद पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया न आने के सवाल पर रोहन गुप्ता ने कहा कि जो लोग भगवान राम को केवल राजनीतिक लाभ के नजरिए से देखते हैं, उनके लिए इस प्रकार की चुप्पी कोई आश्चर्य की बात नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा के लिए भगवान राम चुनावी मुद्दा नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का विषय हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि राम मंदिर से जुड़े किसी मामले में अनियमितता सामने आने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दिनेश प्रताप सिंह का SIT जांच का बचाव
लखनऊ में भाजपा प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने राम मंदिर में चोरी और विशेष जांच दल (SIT) की जांच को लेकर अखिलेश यादव के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मामला सामने आते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर तत्काल SIT का गठन किया गया, प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद FIR दर्ज हुई और जिन लोगों के खिलाफ साक्ष्य मिले उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
सिंह ने सवाल उठाया कि यदि जांच निष्पक्ष तरीके से चल रही है तो अखिलेश यादव को इतनी बेचैनी और जल्दबाजी क्यों है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा प्रमुख पहले चोरी का मुद्दा उठाते हैं और जब आरोपियों की गिरफ्तारी होती है तो पूरे ढांचे पर ही सवाल खड़े कर देते हैं।
संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास का आरोप
दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव को न तो देश की न्यायपालिका पर भरोसा है, न जांच एजेंसियों पर और न ही चुनावी प्रक्रिया पर। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा प्रमुख हर संवैधानिक संस्था पर सवाल खड़े करते हैं और बिना जांच पूरी हुए राजनीतिक बयानबाजी करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार कानून के अनुसार कार्रवाई कर रही है और अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई उसी आधार पर होगी।
आगे क्या होगा
राम मंदिर चोरी मामले में SIT की जांच अभी जारी है और अंतिम रिपोर्ट आने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। यह विवाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में भाजपा और सपा के बीच बढ़ती तल्खी का संकेत है, जो आने वाले चुनावी मौसम में और तेज होने की संभावना है।