राम मंदिर ट्रस्ट विवाद: भाजपा ने सपा पर साधा निशाना, दिनेश शर्मा बोले — SIT रिपोर्ट से पहले बयानबाजी बंद करे विपक्ष
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने 6 जुलाई 2026 को लखनऊ में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में दान-चोरी के कथित विवाद पर समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव की टिप्पणियों का कड़ा जवाब दिया। भाजपा नेताओं ने एकस्वर में माँग की कि SIT की जाँच रिपोर्ट आने से पहले किसी भी दल को राजनीतिक बयानबाजी से परहेज करना चाहिए।
दिनेश शर्मा का बयान: जाँच पर भरोसा रखें
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार के बयान सार्वजनिक हो चुके हैं। उन्होंने कहा, 'इस मामले में पारदर्शी और त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए, सच्चाई सबके सामने आए और दोषियों पर सख्त कदम उठाए जाएँ।' शर्मा ने महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज की चिंता को स्वाभाविक बताते हुए कहा कि सबको सरकार और जाँच प्रक्रिया पर विश्वास रखना चाहिए।
उन्होंने विपक्षी दलों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि SIT की रिपोर्ट आने से पहले किसी भी राजनीतिक दल को इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने से बचना चाहिए।
मंत्री मनोज पांडे का सपा पर पाखंड का आरोप
उत्तर प्रदेश के मंत्री मनोज पांडे ने सपा पर पाखंड का आरोप लगाया। उन्होंने अखिलेश यादव पर सीधा हमला करते हुए सवाल किया कि वे आज तक श्रीराम के दर्शन के लिए अयोध्या क्यों नहीं गए। पांडे ने कहा कि जो लोग सनातन के साथ खिलवाड़ करते रहे हैं, रामचरित मानस को जलाने की बात करते रहे हैं और हिंदू देवी-देवताओं के अस्तित्व को नकारते रहे हैं, उनसे किसी मार्गदर्शन की आवश्यकता नहीं है।
पांडे ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राष्ट्र और सनातन दोनों सुरक्षित हाथों में हैं।
शाहनवाज हुसैन की 2027 चुनाव पर चेतावनी
भाजपा के वरिष्ठ नेता शाहनवाज हुसैन ने विधानसभा चुनाव 2027 का हवाला देते हुए दावा किया कि समाजवादी पार्टी को उत्तर प्रदेश में उतनी ही सीटें मिलेंगी जितनी बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को मिली थीं — अर्थात् 27 से भी कम। उनकी यह टिप्पणी ट्रस्ट विवाद की पृष्ठभूमि में सपा की राजनीतिक विश्वसनीयता पर सीधा प्रहार थी।
विवाद की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में दान-राशि की कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद तब उभरा जब महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज ने सार्वजनिक रूप से चिंता जताई। इसके बाद SIT जाँच के आदेश दिए गए। यह ऐसे समय में आया है जब 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ अपने शुरुआती दौर में हैं और अयोध्या एक बार फिर राजनीतिक केंद्र-बिंदु बन गई है।
आने वाले दिनों में SIT की रिपोर्ट और ट्रस्ट की बैठक के निष्कर्ष इस विवाद की दिशा तय करेंगे।