मेजर केपी सिंह को यूएन मेडल: साइप्रस में भारतीय हाई कमिश्नर ने UNFICYP सेवा पर जताया गर्व
सारांश
मुख्य बातें
साइप्रस की राजधानी निकोसिया में भारत के हाई कमिश्नर मनीष ने सोमवार, 6 जुलाई को संयुक्त राष्ट्र साइप्रस शांति मिशन (यूएनएफआईसीवाईपी) में स्टाफ ऑफिसर के रूप में सेवारत मेजर केपी सिंह को संयुक्त राष्ट्र मेडल प्रदान किए जाने पर बधाई और सराहना दी। यह सम्मान भारत की संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में दशकों पुरानी और गौरवशाली भागीदारी की एक और कड़ी है।
मेडल परेड समारोह: मुख्य घटनाक्रम
हाई कमिश्नर मनीष ने यूएन साइप्रस मुख्यालय में आयोजित यूएनएफआईसीवाईपी मेडल परेड में व्यक्तिगत रूप से भाग लिया। इस समारोह की अध्यक्षता यूएन साइप्रस के फोर्स कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद असदुल्लाह मिन्हाजुल आलम ने की। कार्यक्रम में संयुक्त राष्ट्र महासचिव के विशेष प्रतिनिधि (एसआरएसजी) और मिशन प्रमुख खासिम डायग्ने, सैनिक भेजने वाले देशों के राजनयिक, संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारी और सैनिकों के परिजन भी उपस्थित रहे।
भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी कि हाई कमिश्नर ने मेजर केपी सिंह को यूएनएफआईसीवाईपी में उनकी सेवा और मिशन में दिए गए अहम योगदान के लिए संयुक्त राष्ट्र मेडल मिलने पर बधाई दी।
UNFICYP से भारत का ऐतिहासिक जुड़ाव
भारतीय उच्चायोग के अनुसार, यूएनएफआईसीवाईपी के साथ भारत का संबंध विशेष रूप से गहरा रहा है। इस मिशन में भारत के तीन वरिष्ठ सैन्य अधिकारी — लेफ्टिनेंट जनरल प्रेम सिंह ग्यानी, जनरल केएस थिमैया और लेफ्टिनेंट जनरल देवान प्रेम चंद — फोर्स कमांडर के रूप में अपनी सेवाएँ दे चुके हैं। यह तथ्य इस मिशन में भारत की नेतृत्वकारी भूमिका को रेखांकित करता है।
गौरतलब है कि भारत का दुनिया भर में संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में योगदान का एक लंबा और गौरवशाली इतिहास रहा है, और देश आज भी अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
कांगो में भी भारतीय जवानों को यूएन सम्मान
यह सम्मान ऐसे समय में आया है जब पिछले ही सप्ताह कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) में संयुक्त राष्ट्र मिशन (मोनुस्को) के तहत तैनात भारतीय सेना के 651 जवानों को भी संयुक्त राष्ट्र मेडल से नवाज़ा गया। यह समारोह 3 जुलाई को परमानेंट ऑपरेटिंग बेस साके में आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम में मोनुस्को के वरिष्ठ अधिकारी, फोर्स मुख्यालय के प्रतिनिधि, सैन्य कमांडर और अन्य गणमान्य अतिथि शामिल हुए। समारोह में भारतीय दल की पेशेवर कार्यशैली, उत्कृष्ट प्रदर्शन और समर्पित सेवा की मुक्त कंठ से सराहना की गई।
वैश्विक शांति में भारत की भूमिका
एक ही सप्ताह में साइप्रस और कांगो — दो अलग-अलग महाद्वीपों में भारतीय सैन्यकर्मियों को संयुक्त राष्ट्र सम्मान मिलना, यह दर्शाता है कि भारत वैश्विक शांति स्थापना में एक अग्रणी भूमिका निभा रहा है। आने वाले समय में भारत की इस प्रतिबद्धता के और मज़बूत होने की उम्मीद है।