4 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

डीआर कांगो में भारतीय सेना के 651 शांति सैनिकों को संयुक्त राष्ट्र पदक, साके में भव्य समारोह

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
डीआर कांगो में भारतीय सेना के 651 शांति सैनिकों को संयुक्त राष्ट्र पदक, साके में भव्य समारोह

सारांश

डीआर कांगो के साके में 3 जुलाई को आयोजित भव्य समारोह में भारतीय सेना के 651 शांति सैनिकों को संयुक्त राष्ट्र पदक से नवाज़ा गया। सशस्त्र हिंसा और मानवीय संकट के बीच MONUSCO मिशन में उनकी असाधारण सेवा ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर भारत की साख को पुख्ता किया।

मुख्य बातें

भारतीय सेना के 651 शांति सैनिकों को 3 जुलाई 2026 को संयुक्त राष्ट्र पदक (यूएन मेडल) से सम्मानित किया गया।
समारोह डीआर कांगो के साके स्थित परमानेंट ऑपरेटिंग बेस में आयोजित हुआ।
MONUSCO के वरिष्ठ अधिकारी, फोर्स मुख्यालय प्रतिनिधि और सैन्य कमांडर समारोह में उपस्थित रहे।
सैनिकों ने नागरिक सुरक्षा, मानवीय सहायता और क्षेत्रीय स्थिरता में योगदान दिया — सशस्त्र हिंसा के बीच।
भारतीय सेना ने इसे अंतरराष्ट्रीय शांति के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।

लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो (डीआर कांगो) में तैनात भारतीय सेना के 651 शांति सैनिकों को 3 जुलाई 2026 को उनकी असाधारण सेवा के लिए संयुक्त राष्ट्र पदक (यूएन मेडल) से सम्मानित किया गया। यह सम्मान डीआर कांगो के साके स्थित परमानेंट ऑपरेटिंग बेस में आयोजित एक भव्य पदक परेड समारोह में प्रदान किया गया, जो भारत के वैश्विक शांति अभियानों में निरंतर योगदान की एक और महत्वपूर्ण स्वीकृति है।

समारोह का आयोजन और उपस्थित गणमान्य

इस पदक परेड में डीआर कांगो में संयुक्त राष्ट्र स्थिरीकरण मिशन (MONUSCO) के वरिष्ठ अधिकारी, फोर्स मुख्यालय के प्रतिनिधि, सैन्य कमांडर और अन्य विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। समारोह में भारतीय शांति सैनिकों की पेशेवर दक्षता, परिचालन उत्कृष्टता और समर्पित सेवाओं की विशेष सराहना की गई।

समारोह के अंत में भारतीय दल ने संयुक्त राष्ट्र के नीले ध्वज के तहत सम्मान, साहस और समर्पण के साथ सेवा जारी रखने तथा पेशेवर उत्कृष्टता एवं निस्वार्थ सेवा के सर्वोच्च मानकों का पालन करने की शपथ दोहराई।

चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भारतीय सैनिकों की भूमिका

भारतीय सेना के अनुसार, ये शांति सैनिक संयुक्त राष्ट्र के सबसे चुनौतीपूर्ण और संवेदनशील मिशन क्षेत्रों में से एक में सेवाएँ दे रहे हैं। लगातार जारी सशस्त्र हिंसा और जटिल मानवीय चुनौतियों के बीच इन सैनिकों ने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूत करने, मानवीय सहायता पहुँचाने और संयुक्त राष्ट्र के जनादेश को लागू करने में निर्णायक भूमिका निभाई है।

गौरतलब है कि डीआर कांगो वर्षों से आंतरिक सशस्त्र संघर्ष और मानवीय संकट से जूझ रहा है, जिसके कारण यह मिशन क्षेत्र विश्व के सबसे कठिन शांति अभियानों में गिना जाता है। ऐसे में भारतीय सैनिकों की तैनाती और उनका प्रदर्शन विशेष महत्व रखता है।

भारत की वैश्विक शांति विरासत

भारतीय सेना ने कहा कि यह संयुक्त राष्ट्र पदक भारतीय सेना की उस वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रमाण है, जिसके तहत उसे दुनिया के सबसे विश्वसनीय और प्रभावी शांति मिशन योगदानकर्ताओं में गिना जाता है। यह सम्मान अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता तथा संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में कमज़ोर समुदायों की सुरक्षा के संकल्प को भी दर्शाता है।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में शीर्ष सैन्य योगदानकर्ता देशों में अपनी स्थिति और मज़बूत कर रहा है। सेना ने कहा कि भारतीय दल का यह योगदान न केवल देश का गौरव बढ़ा रहा है, बल्कि विश्व शांति के प्रति भारत की दशकों पुरानी विरासत को और सुदृढ़ कर रहा है।

आगे की राह

भारतीय शांति सैनिकों की MONUSCO मिशन के अंतर्गत तैनाती जारी रहेगी। सेना के अनुसार, इस सम्मान से प्रेरित होकर भारतीय दल अपनी परिचालन प्रतिबद्धताओं को और अधिक दृढ़ता से निभाने के लिए संकल्पित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता की भारत की दावेदारी को भी बल देती है। हालाँकि, यह प्रश्न भी उठता है कि क्या इन मिशनों में तैनात सैनिकों के लिए पर्याप्त संसाधन और सुरक्षा प्रोटोकॉल सुनिश्चित किए जा रहे हैं — एक पहलू जिस पर घरेलू बहस अपेक्षाकृत कम होती है।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीआर कांगो में भारतीय सेना के शांति सैनिकों को संयुक्त राष्ट्र पदक कब और कहाँ मिला?
यह पदक 3 जुलाई 2026 को डीआर कांगो के साके स्थित परमानेंट ऑपरेटिंग बेस में आयोजित भव्य पदक परेड समारोह में प्रदान किया गया। कुल 651 भारतीय सैनिकों को यह सम्मान मिला।
MONUSCO मिशन क्या है और इसमें भारत की क्या भूमिका है?
MONUSCO यानी डीआर कांगो में संयुक्त राष्ट्र स्थिरीकरण मिशन, संयुक्त राष्ट्र के सबसे बड़े और जटिल शांति अभियानों में से एक है। भारतीय सैनिक इसमें नागरिक सुरक्षा, मानवीय सहायता और क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
भारतीय शांति सैनिकों को किस आधार पर यह पदक दिया गया?
सैनिकों को उनकी पेशेवर दक्षता, परिचालन उत्कृष्टता और संयुक्त राष्ट्र के जनादेश के प्रति समर्पित सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। यह सब उन्होंने लगातार सशस्त्र हिंसा और जटिल मानवीय चुनौतियों के बीच किया।
क्या भारत संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों में प्रमुख योगदानकर्ता है?
हाँ, भारतीय सेना के अनुसार भारत को दुनिया के सबसे विश्वसनीय और प्रभावी संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन योगदानकर्ताओं में गिना जाता है। दशकों से भारत विभिन्न संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में अपनी सेना भेजता रहा है।
इस सम्मान का भारत के लिए क्या महत्व है?
भारतीय सेना ने इसे अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया है। यह सम्मान संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में कमज़ोर समुदायों की सुरक्षा के प्रति भारत के संकल्प को भी रेखांकित करता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 दिन पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले