पीयूष गोयल का गूगल से मंत्रणा: एआई और डिजिटल तकनीक से एमएसएमई व स्टार्टअप को मिलेगी नई रफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार, 6 जुलाई को नई दिल्ली में गूगल के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तथा डिजिटल तकनीकें एमएसएमई, स्टार्टअप, निर्यातकों और स्थानीय कारोबारों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को नई ऊँचाई दे सकती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संभावना को साकार करने के लिए सरकार और प्रौद्योगिकी कंपनियों के बीच ठोस और निरंतर सहयोग अनिवार्य है।
बैठक का स्वरूप और प्रतिनिधिमंडल
गूगल के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कंपनी की वाइस प्रेसिडेंट (ऐड एंड कॉमर्स) विध्या श्रीनिवासन और गूगल इंडिया की वाइस प्रेसिडेंट एवं कंट्री मैनेजर प्रीति लोबाना ने किया। बैठक में भारत की अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों में एआई और डिजिटल समाधानों के व्यापक उपयोग की संभावनाओं पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। गोयल ने इस मुलाकात की जानकारी अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर साझा की।
मुख्य चर्चा बिंदु
बैठक में चार प्रमुख विषयों पर सहयोग के नए रास्ते तलाशे गए — एआई को तेज़ी से अपनाना, डिजिटल स्किलिंग को मज़बूत करना, बाज़ार तक पहुँच आसान बनाना और तकनीक-आधारित नवाचार को प्रोत्साहित करना। गोयल ने कहा, 'हमने एआई अपनाने में तेज़ी लाने, डिजिटल स्किलिंग को मज़बूत करने, बाज़ार तक पहुँच बढ़ाने और नवाचार-आधारित, तकनीक-संचालित विकास को प्रोत्साहित करने के लिए सहयोग के नए अवसरों पर विचार किया।'
एमएसएमई और स्टार्टअप पर असर
गोयल ने इस बात पर विशेष बल दिया कि एआई-आधारित समाधान अपनाकर छोटे कारोबारों और स्टार्टअप को डिजिटल बाज़ार में कहीं अधिक प्रतिस्पर्धी बनाया जा सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत में एमएसएमई क्षेत्र देश के कुल निर्यात में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी रखता है और डिजिटल परिवर्तन की राह में तकनीकी अंतराल एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। एक मज़बूत डिजिटल इकोसिस्टम के निर्माण से भारतीय कारोबार उभरती तकनीकों का लाभ उठाकर वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
एफटीए और शिक्षा पर भी बोले गोयल
इसी दिन गोयल ने आईआईएम उदयपुर के ऑनलाइन द्विभाषी बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (बीबीए) कार्यक्रम के उद्घाटन को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि भारत द्वारा किए जा रहे नए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) देश में मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन को नई गति दे रहे हैं। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे व्यावहारिक कौशल विकसित करें और तकनीक-आधारित शिक्षा को अपनाएँ, ताकि वैश्विक अवसरों का अधिकतम लाभ उठाया जा सके।
आगे की राह
गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब केंद्र सरकार डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसी पहलों को अगले चरण में ले जाने की तैयारी कर रही है। सरकार और गूगल जैसी वैश्विक टेक कंपनियों के बीच इस तरह की साझेदारी भारत के डिजिटल परिवर्तन की गति को और तेज़ कर सकती है — बशर्ते कि सहयोग के ये संकल्प ठोस कार्यक्रमों में बदलें।