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पीयूष गोयल: नए एफटीए से मैन्युफैक्चरिंग-इनोवेशन को बढ़ावा, भारतीय युवाओं के लिए वैश्विक दरवाजे खुले

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पीयूष गोयल: नए एफटीए से मैन्युफैक्चरिंग-इनोवेशन को बढ़ावा, भारतीय युवाओं के लिए वैश्विक दरवाजे खुले

सारांश

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने आईआईएम उदयपुर के ऑनलाइन बीबीए लॉन्च पर कहा — नए एफटीए मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन को रफ़्तार दे रहे हैं। 100 करोड़ इंटरनेट उपयोगकर्ताओं वाले भारत में डिजिटल शिक्षा अब भीलवाड़ा से बस्तर तक पहुँचेगी — यह विकसित भारत की दिशा में एक ठोस कदम है।

मुख्य बातें

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि नए एफटीए मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन को नई गति दे रहे हैं।
आईआईएम उदयपुर के ऑनलाइन द्विभाषी बीबीए कार्यक्रम का उद्घाटन हुआ — हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में उपलब्ध।
भारत में लगभग 100 करोड़ इंटरनेट उपयोगकर्ता — एनईपी के अनुरूप डिजिटल शिक्षा विस्तार का बड़ा अवसर।
भीलवाड़ा से बस्तर तक के छात्र स्मार्टफोन व लैपटॉप से आईआईएम स्तर की शिक्षा पा सकेंगे।
ऑनलाइन पढ़ाई, लेकिन पारदर्शिता के लिए परीक्षाएँ ऑफलाइन आयोजित होंगी।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 7 जुलाई 2025 को कहा कि भारत द्वारा संपन्न किए जा रहे नए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) देश के मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन क्षेत्र को नई ऊर्जा दे रहे हैं और भारतीय युवाओं के सामने वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अभूतपूर्व अवसर खोल रहे हैं। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे व्यावहारिक कौशल और तकनीक-आधारित शिक्षा को अपनाकर इन उभरते अवसरों का पूरा लाभ उठाएँ।

आईआईएम उदयपुर के बीबीए कार्यक्रम का उद्घाटन

गोयल भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) उदयपुर के नए ऑनलाइन द्विभाषी बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (बीबीए) कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह को नई दिल्ली से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस कार्यक्रम को एक अनूठी पहल बताते हुए कहा कि यह हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में उपलब्ध है, जिससे देशभर के छात्र अपनी सुविधा की भाषा में आईआईएम स्तर की शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।

एफटीए और युवाओं के लिए वैश्विक अवसर

मंत्री ने स्पष्ट किया कि नए एफटीए न केवल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को सुदृढ़ कर रहे हैं, बल्कि नवाचार को भी नई प्राथमिकता दे रहे हैं। उन्होंने कहा, 'विकसित भारत के लिए दुनिया के दरवाजे छात्रों के लिए खुले हैं।' उनके अनुसार, युवाओं को इन समझौतों से उत्पन्न होने वाले अवसरों के लिए अभी से तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।

गोयल ने छात्रों को सलाह दी कि वे केवल कक्षा की पढ़ाई तक सीमित न रहें, बल्कि व्यावहारिक अनुभव भी अर्जित करें, ताकि तेज़ी से बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था की माँगों के अनुरूप खुद को ढाल सकें।

डिजिटल शिक्षा और 100 करोड़ इंटरनेट उपयोगकर्ता

शिक्षा में तकनीक की भूमिका पर ज़ोर देते हुए गोयल ने कहा कि भारत में लगभग 100 करोड़ इंटरनेट उपयोगकर्ता हैं, और यह संख्या राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप डिजिटल माध्यमों से बड़े पैमाने पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का असाधारण अवसर है। उन्होंने कहा, 'अब आईआईएम की कक्षाएँ स्क्रीन पर दिखाई देंगी।'

उनके अनुसार, भीलवाड़ा के किसी छोटे दुकानदार से लेकर बस्तर जैसे दूरदराज़ के क्षेत्रों में रहने वाले छात्र भी लैपटॉप, स्मार्टफोन या अन्य डिजिटल उपकरणों के ज़रिये इस कार्यक्रम से जुड़ सकेंगे। पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए परीक्षाएँ ऑफलाइन आयोजित की जाएँगी।

हाइब्रिड लर्निंग और नेटवर्किंग पर सुझाव

गोयल ने हाइब्रिड लर्निंग मॉडल को और प्रभावी बनाने के लिए सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि समय-समय पर शिक्षकों और छात्रों के बीच प्रत्यक्ष मुलाकातें होनी चाहिए, क्योंकि प्रबंधन शिक्षा में साथियों के साथ सीखने, विचारों के आदान-प्रदान और मज़बूत नेटवर्किंग की भी अहम भूमिका होती है। यह कार्यक्रम ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच की शैक्षिक खाई को पाटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि एफटीए के रोज़गार-सृजन के वादे ज़मीन पर कितने उतरते हैं। भारत के पिछले व्यापार समझौतों — जैसे आसियान एफटीए — की आलोचना इस बात को लेकर होती रही है कि उनसे घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को उतना फ़ायदा नहीं मिला जितना अपेक्षित था। आईआईएम उदयपुर का द्विभाषी बीबीए निश्चित रूप से पहुँच का विस्तार करता है, पर डिजिटल बुनियादी ढाँचे की असमानता — विशेषकर बस्तर जैसे क्षेत्रों में — एक अनुत्तरित चुनौती बनी हुई है। 100 करोड़ इंटरनेट उपयोगकर्ताओं का आँकड़ा प्रभावशाली है, लेकिन कनेक्टिविटी की गुणवत्ता और शिक्षा तक वास्तविक पहुँच के बीच की खाई को भरे बिना यह संख्या महज़ एक सुर्खी बनकर रह सकती है।
RashtraPress
6 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीयूष गोयल ने नए एफटीए के बारे में क्या कहा?
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत के नए मुक्त व्यापार समझौते मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन को नई गति दे रहे हैं और भारतीय युवाओं के लिए वैश्विक प्रतिस्पर्धा के नए दरवाज़े खोल रहे हैं। उन्होंने युवाओं से व्यावहारिक कौशल विकसित करने की अपील की।
आईआईएम उदयपुर का ऑनलाइन बीबीए कार्यक्रम क्या है?
यह भारतीय प्रबंधन संस्थान उदयपुर द्वारा शुरू किया गया एक ऑनलाइन द्विभाषी बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन कार्यक्रम है, जो हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में उपलब्ध है। इसका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के छात्रों को उनकी भौगोलिक या आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना आईआईएम स्तर की शिक्षा देना है।
इस कार्यक्रम में परीक्षाएँ ऑनलाइन होंगी या ऑफलाइन?
पढ़ाई ऑनलाइन होगी, लेकिन पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए परीक्षाएँ ऑफलाइन आयोजित की जाएँगी। यह हाइब्रिड मॉडल गोयल के सुझाव पर आधारित है।
डिजिटल शिक्षा के विस्तार में 100 करोड़ इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की क्या भूमिका है?
गोयल के अनुसार, भारत में लगभग 100 करोड़ इंटरनेट उपयोगकर्ता राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप डिजिटल माध्यमों से बड़े पैमाने पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का असाधारण अवसर प्रदान करते हैं। इससे भीलवाड़ा से बस्तर तक के छात्र स्मार्टफोन या लैपटॉप से जुड़ सकेंगे।
नए एफटीए से भारतीय युवाओं को कैसे फ़ायदा होगा?
नए मुक्त व्यापार समझौतों से मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन क्षेत्र में वैश्विक बाज़ारों तक पहुँच बढ़ेगी, जिससे रोज़गार और उद्यमिता के नए अवसर उत्पन्न होंगे। गोयल ने युवाओं से कहा कि वे व्यावहारिक अनुभव और तकनीकी शिक्षा के ज़रिये इन अवसरों के लिए अभी से तैयारी करें।
राष्ट्र प्रेस
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