पीयूष गोयल: नए एफटीए से मैन्युफैक्चरिंग-इनोवेशन को बढ़ावा, भारतीय युवाओं के लिए वैश्विक दरवाजे खुले
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 7 जुलाई 2025 को कहा कि भारत द्वारा संपन्न किए जा रहे नए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) देश के मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन क्षेत्र को नई ऊर्जा दे रहे हैं और भारतीय युवाओं के सामने वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अभूतपूर्व अवसर खोल रहे हैं। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे व्यावहारिक कौशल और तकनीक-आधारित शिक्षा को अपनाकर इन उभरते अवसरों का पूरा लाभ उठाएँ।
आईआईएम उदयपुर के बीबीए कार्यक्रम का उद्घाटन
गोयल भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) उदयपुर के नए ऑनलाइन द्विभाषी बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (बीबीए) कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह को नई दिल्ली से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस कार्यक्रम को एक अनूठी पहल बताते हुए कहा कि यह हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में उपलब्ध है, जिससे देशभर के छात्र अपनी सुविधा की भाषा में आईआईएम स्तर की शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
एफटीए और युवाओं के लिए वैश्विक अवसर
मंत्री ने स्पष्ट किया कि नए एफटीए न केवल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को सुदृढ़ कर रहे हैं, बल्कि नवाचार को भी नई प्राथमिकता दे रहे हैं। उन्होंने कहा, 'विकसित भारत के लिए दुनिया के दरवाजे छात्रों के लिए खुले हैं।' उनके अनुसार, युवाओं को इन समझौतों से उत्पन्न होने वाले अवसरों के लिए अभी से तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।
गोयल ने छात्रों को सलाह दी कि वे केवल कक्षा की पढ़ाई तक सीमित न रहें, बल्कि व्यावहारिक अनुभव भी अर्जित करें, ताकि तेज़ी से बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था की माँगों के अनुरूप खुद को ढाल सकें।
डिजिटल शिक्षा और 100 करोड़ इंटरनेट उपयोगकर्ता
शिक्षा में तकनीक की भूमिका पर ज़ोर देते हुए गोयल ने कहा कि भारत में लगभग 100 करोड़ इंटरनेट उपयोगकर्ता हैं, और यह संख्या राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप डिजिटल माध्यमों से बड़े पैमाने पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का असाधारण अवसर है। उन्होंने कहा, 'अब आईआईएम की कक्षाएँ स्क्रीन पर दिखाई देंगी।'
उनके अनुसार, भीलवाड़ा के किसी छोटे दुकानदार से लेकर बस्तर जैसे दूरदराज़ के क्षेत्रों में रहने वाले छात्र भी लैपटॉप, स्मार्टफोन या अन्य डिजिटल उपकरणों के ज़रिये इस कार्यक्रम से जुड़ सकेंगे। पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए परीक्षाएँ ऑफलाइन आयोजित की जाएँगी।
हाइब्रिड लर्निंग और नेटवर्किंग पर सुझाव
गोयल ने हाइब्रिड लर्निंग मॉडल को और प्रभावी बनाने के लिए सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि समय-समय पर शिक्षकों और छात्रों के बीच प्रत्यक्ष मुलाकातें होनी चाहिए, क्योंकि प्रबंधन शिक्षा में साथियों के साथ सीखने, विचारों के आदान-प्रदान और मज़बूत नेटवर्किंग की भी अहम भूमिका होती है। यह कार्यक्रम ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच की शैक्षिक खाई को पाटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।