पीयूष गोयल की ग्रीस के विकास मंत्री से बैठक, मैन्युफैक्चरिंग और उभरती तकनीकों में साझेदारी पर सहमति
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 29 जून 2026 को एथेंस में ग्रीस के विकास मंत्री टाकिस थियोडोरिकाकोस के साथ द्विपक्षीय बैठक की, जिसमें भारत-ग्रीस आर्थिक साझेदारी को नई दिशा देने पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में मैन्युफैक्चरिंग, स्टार्टअप्स और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग के ठोस अवसरों को रेखांकित किया गया।
बैठक में क्या हुई चर्चा
गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'हमने मैन्युफैक्चरिंग, स्टार्टअप्स और उभरती हुई तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर भी चर्चा की, ताकि दोनों देशों की साझा समृद्धि सुनिश्चित की जा सके।' बैठक में व्यापार, निवेश, औद्योगिक सहयोग और मजबूत सप्लाई चेन के माध्यम से द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ करने पर भी विचार-विमर्श हुआ।
प्रतिनिधिमंडल का कार्यक्रम
गोयल एक उच्चस्तरीय भारतीय कारोबारी प्रतिनिधिमंडल के साथ ग्रीस दौरे पर हैं। प्रतिनिधिमंडल एथेंस स्टार्टअप बिजनेस इन्क्यूबेटर (THEA) में आयोजित प्रेजेंटेशन और स्टार्टअप पिच कार्यक्रम में हिस्सा लेगा, जहाँ नई पीढ़ी के स्टार्टअप्स को अपनी क्षमताएँ प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
इसके अतिरिक्त, एथेंस चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (ACCI) में भारतीय और ग्रीक उद्योग जगत के नेताओं के साथ एक विशेष गोलमेज बैठक भी प्रस्तावित है। इन मंचों पर इन्फ्रास्ट्रक्चर, डिजिटलीकरण, रक्षा, खाद्य प्रसंस्करण और कृषि जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विचार होगा।
ब्रिटेन दौरे के बाद ग्रीस की बारी
यह यात्रा गोयल के सफल तीन दिवसीय ब्रिटेन दौरे के तुरंत बाद हो रही है, जिसमें लंदन में आयोजित 'इंडिया-यूके: पार्टनर्स इन प्रोग्रेस बिजनेस प्लेनरी' कार्यक्रम में दोनों देशों के उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने प्रस्तावित भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (CETA) का समर्थन किया। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपने वैश्विक व्यापार नेटवर्क को तेज़ी से विस्तार दे रहा है।
व्यापक रणनीतिक संदर्भ
आधिकारिक बयान के अनुसार, ब्रिटेन के बाद ग्रीस का यह दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार की उस नीति का विस्तार है, जिसके तहत वैश्विक आर्थिक साझेदारियों को सुदृढ़ करना, नवाचार-आधारित विकास को प्रोत्साहित करना और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में भारत की व्यापार एवं निवेश कूटनीति को नई ऊँचाई देना लक्ष्य है। गौरतलब है कि ग्रीस यूरोपीय संघ का सदस्य है और भारत के लिए यूरोपीय बाज़ार में प्रवेश का एक महत्वपूर्ण द्वार भी माना जाता है।
दौरे का समापन ग्रीस के प्रमुख कारोबारी और संस्थागत प्रतिनिधियों के साथ बैठकों के ज़रिए होगा, जिनका उद्देश्य उद्योगों के बीच साझेदारी को और सुदृढ़ करना है। आने वाले हफ्तों में इन बैठकों से निकले निष्कर्षों के आधार पर ठोस कार्ययोजना की घोषणा संभव है।