27 जून 2026
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पीयूष गोयल ने लंदन में भारत के मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को सराहा, 160 कंपनियों के साथ यूके दौरे पर

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पीयूष गोयल ने लंदन में भारत के मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को सराहा, 160 कंपनियों के साथ यूके दौरे पर

सारांश

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल 160 से अधिक भारतीय कंपनियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ लंदन पहुँचे और एशिया हाउस, यूकेआईबीसी तथा लंदन बिजनेस स्कूल में भारत के मैन्युफैक्चरिंग सामर्थ्य का प्रदर्शन किया। 15 जुलाई 2026 से लागू होने वाला भारत-यूके सीईटीए इस दौरे का केंद्रबिंदु रहा।

मुख्य बातें

पीयूष गोयल ने 27 जून 2026 को लंदन में एशिया हाउस के साथ गोलमेज बैठक कर भारत के मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम और निवेश अवसरों को रेखांकित किया।
गोयल के साथ 160 से अधिक अग्रणी भारतीय कंपनियों का प्रतिनिधिमंडल ब्रिटेन पहुँचा, जो भारत के सबसे बड़े कारोबारी प्रतिनिधिमंडलों में से एक है।
भारत-यूके सीईटीए 15 जुलाई 2026 से लागू होगा, जो द्विपक्षीय व्यापार संबंधों में नया अध्याय जोड़ेगा।
यूके-इंडिया बिजनेस काउंसिल (यूकेआईबीसी) के सदस्यों और शीर्ष कंपनियों के सी-सूट प्रतिनिधियों के साथ इंटरैक्टिव लंच बैठक हुई।
गोयल ने लंदन बिजनेस स्कूल में छात्रों और उद्योग जगत को संबोधित किया तथा भारतीय महिला क्रिकेट टीम को टी20 विश्व कप के लिए शुभकामनाएँ दीं।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 27 जून 2026 को लंदन में एशिया हाउस और विश्व की प्रमुख कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण गोलमेज बैठक की, जिसमें भारत के मजबूत मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अपार निवेश अवसरों पर विस्तृत चर्चा हुई। गोयल 160 से अधिक अग्रणी भारतीय कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ ब्रिटेन पहुँचे हैं, जो भारत के अब तक के सबसे बड़े कारोबारी प्रतिनिधिमंडलों में से एक है।

गोलमेज बैठक और भारत-यूके सीईटीए पर जोर

गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की गई एक पोस्ट में बताया कि बैठक का मुख्य एजेंडा आर्थिक साझेदारी को सुदृढ़ करना और भविष्य के अवसरों को रेखांकित करना था। उन्होंने कहा कि भारत-यूके व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (सीईटीए) दोनों देशों की साझेदारी को नई ऊँचाई देने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। गौरतलब है कि यह समझौता 15 जुलाई 2026 से लागू होने जा रहा है, जो भारत-ब्रिटेन व्यापार संबंधों में एक ऐतिहासिक पड़ाव माना जा रहा है।

यूकेआईबीसी लंच और सी-सूट संवाद

वाणिज्य मंत्री ने यूके-इंडिया बिजनेस काउंसिल (यूकेआईबीसी) के सदस्यों के साथ एक इंटरैक्टिव लंच बैठक में भी हिस्सा लिया, जिसमें दुनिया की शीर्ष कंपनियों के सी-सूट प्रतिनिधियों के साथ भारत-यूके आर्थिक सहयोग को गति देने पर विचार-विमर्श किया गया। गोयल ने कहा, "चर्चा का मुख्य उद्देश्य नए अवसरों को खोलना, निवेश में तेज़ी लाना और साझा विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को और मज़बूत करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करना रहा।"

लंदन बिजनेस स्कूल में संबोधन और शिक्षा पर बल

लंदन बिजनेस स्कूल में गोयल ने फैकल्टी, छात्रों, पूर्व छात्रों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को संबोधित किया तथा एक विशेष फायरसाइड चैट में भी भाग लिया। उन्होंने रेखांकित किया कि भारत-ब्रिटेन संबंधों को प्रगाढ़ बनाने में शिक्षा की भूमिका अहम है। उनके अनुसार, छात्र, पेशेवर और उद्यमी दोनों देशों के बीच नवाचार, सहयोग और जन-संपर्क को मज़बूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

भारतीय महिला क्रिकेट टीम को शुभकामनाएँ

लंदन प्रवास के दौरान गोयल ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम के स्वागत समारोह में भी शिरकत की। उन्होंने कहा कि यह टीम अपने शानदार प्रदर्शन, दृढ़ संकल्प और उत्कृष्टता से लाखों युवा लड़कियों और पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है। गोयल ने महिला टी20 विश्व कप के आगामी मुकाबलों के लिए टीम को शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास जताया कि भारतीय टीम विश्व कप ट्रॉफी जीतकर लौटेगी।

आगे क्या

सीईटीए के 15 जुलाई 2026 से लागू होने के साथ ही दोनों देशों के कारोबारियों के लिए नए अवसरों के द्वार खुलने की उम्मीद है। गोयल ने दोनों देशों के उद्योग जगत से अपील की कि वे सहयोग बढ़ाएँ, नवाचार को गति दें और साझा समृद्धि के लिए अधिक निवेश करें। यह दौरा भारत-ब्रिटेन व्यापार संबंधों की नई दिशा तय करने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि लंदन में हुई बैठकें ठोस निवेश प्रतिबद्धताओं में कितनी तब्दील होती हैं। सीईटीए को लेकर उत्साह स्वाभाविक है, परंतु आलोचकों का कहना है कि भारतीय मैन्युफैक्चरिंग की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता तब तक सीमित रहेगी जब तक घरेलू लॉजिस्टिक्स लागत और श्रम कौशल की खाई नहीं पाटी जाती। यह दौरा कूटनीतिक दृष्टि से सफल दिखता है, लेकिन व्यापार घाटे और बाज़ार पहुँच की बाधाओं पर ठोस प्रगति के बिना इसे महज़ एक और उच्च-स्तरीय संवाद के रूप में देखा जाएगा।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीयूष गोयल के लंदन दौरे का मुख्य उद्देश्य क्या था?
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 27 जून 2026 को लंदन में भारत के मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को प्रदर्शित करने और भारत-यूके आर्थिक साझेदारी को गहरा करने के उद्देश्य से पहुँचे। उनके साथ 160 से अधिक भारतीय कंपनियों का प्रतिनिधिमंडल था।
भारत-यूके सीईटीए क्या है और यह कब लागू होगा?
भारत-यूके व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (सीईटीए) दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया द्विपक्षीय समझौता है। यह 15 जुलाई 2026 से लागू होने जा रहा है और इससे विभिन्न क्षेत्रों में नए अवसर खुलने की उम्मीद है।
गोयल ने लंदन में किन-किन संस्थाओं के साथ बैठकें कीं?
गोयल ने एशिया हाउस के साथ गोलमेज बैठक, यूके-इंडिया बिजनेस काउंसिल (यूकेआईबीसी) के सदस्यों के साथ इंटरैक्टिव लंच और लंदन बिजनेस स्कूल में फैकल्टी, छात्रों व उद्योग प्रतिनिधियों को संबोधन किया। इसके अलावा उन्होंने एक फायरसाइड चैट में भी भाग लिया।
इस दौरे में भारतीय महिला क्रिकेट टीम का उल्लेख क्यों हुआ?
गोयल ने लंदन प्रवास के दौरान भारतीय महिला क्रिकेट टीम के स्वागत समारोह में भी शिरकत की और महिला टी20 विश्व कप के लिए टीम को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि यह टीम लाखों युवा लड़कियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
भारत-यूके व्यापार में शिक्षा की क्या भूमिका बताई गई?
गोयल ने लंदन बिजनेस स्कूल में कहा कि शिक्षा भारत-ब्रिटेन संबंधों को प्रगाढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उनके अनुसार, छात्र, पेशेवर और उद्यमी दोनों देशों के बीच नवाचार, सहयोग और जन-संपर्क को मज़बूत कर सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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