पीयूष गोयल ने UK के पीटर काइल से की वर्चुअल बैठक, भारत-UK सीईटीए के तहत व्यापार दोगुना करने पर चर्चा
सारांश
Key Takeaways
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 1 मई 2026 को ब्रिटेन के बिजनेस और ट्रेड राज्य सचिव पीटर काइल के साथ वर्चुअल बैठक की, जिसमें भारत-यूके व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (सीईटीए) का पूरा लाभ उठाने और द्विपक्षीय व्यापार व निवेश को और गति देने के तरीकों पर विस्तृत चर्चा हुई। मंत्री ने इस बैठक की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की।
बैठक में क्या हुई चर्चा
दोनों नेताओं ने भारत-यूके सीईटीए के अंतर्गत व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत करने के व्यावहारिक उपायों पर विचार-विमर्श किया। यह बैठक दोनों देशों के बीच पहले हो चुकी उच्च-स्तरीय वार्ताओं की कड़ी में अगला कदम है। गौरतलब है कि भारत-यूके सीईटीए पर जुलाई 2025 में हस्ताक्षर किए गए थे।
2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य
पिछले वर्ष आयोजित भारत-यूके सीईओ फोरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्वास जताया था कि 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को लगभग 56 अरब डॉलर से दोगुना किया जाएगा। यह महत्वाकांक्षी लक्ष्य ही वर्तमान उच्च-स्तरीय वार्ताओं की बुनियाद है।
भारत का विस्तृत होता एफटीए नेटवर्क
एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत अब उन देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) कर रहा है जहाँ व्यापार और सप्लाई चेन पहले से तेज़ी से विकसित हो रही हैं। वित्त वर्ष 2020-21 से 2024-25 के बीच भारत का अपने प्रमुख एफटीए साझेदार देशों के साथ व्यापार 92 प्रतिशत बढ़ा है, जबकि शेष विश्व के साथ व्यापार वृद्धि केवल 41.5 प्रतिशत रही — यह अंतर एफटीए रणनीति की उपयोगिता को स्पष्ट रूप से रेखांकित करता है।
वर्तमान में भारत 38 देशों के साथ 9 एफटीए के माध्यम से जुड़ा हुआ है। इस नेटवर्क की शुरुआत 2021 में मॉरीशस के साथ समझौते से हुई थी। इसके बाद मई 2022 में यूएई के साथ व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता, दिसंबर 2022 में ऑस्ट्रेलिया के साथ व्यापार समझौता, 10 मार्च 2024 को ईएफटीए समझौते पर हस्ताक्षर (जो 1 अक्टूबर 2025 से लागू हुआ), जुलाई 2025 में भारत-यूके सीईटीए, दिसंबर 2025 में भारत-ओमान सीईपीए, 22 दिसंबर 2025 को भारत-न्यूजीलैंड एफटीए की घोषणा और 27 जनवरी 2026 को भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) एफटीए पर हस्ताक्षर हुए।
वैश्विक व्यापार में भारत की रणनीति
पिछले सप्ताह पीयूष गोयल ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) को अधिक संतुलित और प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया था, ताकि यह विकासशील और कम विकसित देशों की ज़रूरतों को समुचित रूप से पूरा कर सके। वैश्विक व्यापार में बढ़ती अनिश्चितता के बीच भारत की एफटीए-केंद्रित रणनीति को विशेषज्ञ मज़बूत और सुरक्षित मान रहे हैं। आने वाले महीनों में सीईटीए के क्रियान्वयन की दिशा में दोनों देशों के बीच और बैठकें अपेक्षित हैं।