एआई युग में भारतीय बच्चे होंगे 'सीईओ', नौकरी नहीं ढूंढेंगे: शेखर कपूर
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सारांश
निर्देशक शेखर कपूर का दावा: एआई की सबसे बड़ी क्रांति भारत के साधारण घरों से आएगी, जहाँ बच्चे नौकरी ढूंढने की बजाय खुद सीईओ बनेंगे। भारत की बड़ी जनसंख्या, रचनात्मक सोच और संघर्ष से उपजी ज़रूरतें इसे एआई के लिए तैयार बनाती हैं।
Key Takeaways
शेखर कपूर ने इंस्टाग्राम पर एक साधारण भारतीय परिवार की तस्वीर पोस्ट करते हुए एआई के भविष्य पर विचार व्यक्त किए। निर्देशक के अनुसार, एआई क्रांति 'ऊपर' (कॉरपोरेट) से नहीं, बल्कि 'नीचे' (आम जनता) से आएगी। भविष्य में भारतीय बच्चे नौकरी ढूंढने वाले नहीं, बल्कि खुद सीईओ बनेंगे । एआई कोडिंग, डिजाइन, रिसर्च और स्वास्थ्य जैसे तकनीकी काम संभालेगी, जिससे इंसान सोचने और समझने की शक्ति पर ध्यान दे सकेंगे। कपूर के अनुसार, भारत एआई के लिए तैयार है क्योंकि यहाँ बड़ी जनसंख्या, रचनात्मक सोच और संघर्ष से उपजी ज़रूरतें हैं।
मुंबई, 1 मई 2026 — मशहूर फिल्म निर्देशक शेखर कपूर ने शुक्रवार को इंस्टाग्राम पर एक सामान्य भारतीय परिवार की तस्वीर साझा करते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के भविष्य और भारतीय मध्यमवर्गीय परिवारों पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर अपने विचार व्यक्त किए। तस्वीर में माँ खाना बना रही है, पिता टीवी देख रहे हैं और बच्चे लैपटॉप पर काम कर रहे हैं — एक दृश्य जिसे कपूर ने भारत के एआई भविष्य का प्रतीक बताया।
एआई क्रांति 'नीचे से' आएगी
निर्देशक ने तर्क दिया कि जबकि विश्व का ध्यान पश्चिमी देशों के बड़े निवेशों और कंपनियों की वैल्यूएशन पर है, असली एआई क्रांति भारत के साधारण घरों से शुरू होगी। कपूर के अनुसार,
Point of View
लेकिन भारतीय वास्तविकता अधिक जटिल है। उनका दावा कि बच्चे 'सीईओ' बनेंगे, डिजिटल विभाजन और शिक्षा की असमान पहुँच को नज़रअंदाज़ करता है — भारत के 40% से अधिक ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की पहुँच अभी भी सीमित है। यह सच है कि एआई लोकतांत्रिक हो सकती है, लेकिन केवल तभी जब बुनियादी ढाँचा, शिक्षा और सशक्तिकरण समानांतर रूप से बढ़ें। कपूर की कल्पना भारत की संभावना को प्रतिबिंबित करती है, लेकिन उस संभावना को वास्तविकता में बदलने के लिए नीति-निर्माताओं को महिलाओं, दलितों और ग्रामीण समुदायों के लिए लक्षित एआई साक्षरता कार्यक्रमों की ज़रूरत है।
NationPress
01/05/2026
Frequently Asked Questions
शेखर कपूर ने एआई के बारे में क्या कहा है?
निर्देशक का मानना है कि एआई की सबसे बड़ी क्रांति भारत के साधारण घरों से आएगी, न कि बड़ी कंपनियों से। उन्होंने कहा कि भारतीय बच्चे भविष्य में नौकरी ढूंढने की बजाय खुद सीईओ बनेंगे और एआई कोडिंग, डिजाइन और स्वास्थ्य जैसे तकनीकी काम संभालेगी।
कपूर के अनुसार भारत एआई के लिए क्यों तैयार है?
कपूर का मानना है कि भारत एआई के लिए महंगे सिस्टम के कारण नहीं, बल्कि इसलिए तैयार है क्योंकि यहाँ बड़ी जनसंख्या, रचनात्मक सोच और संघर्ष से उपजी ज़रूरतें हैं। उनके अनुसार, जहाँ संघर्ष होता है, वहीं नई सोच पैदा होती है।
शेखर कपूर की पोस्ट में कौन-सी तस्वीर थी?
पोस्ट में एक साधारण भारतीय परिवार की तस्वीर थी, जिसमें माँ खाना बना रही है, पिता टीवी देख रहे हैं और बच्चे लैपटॉप पर काम कर रहे हैं। कपूर ने इसे भारत के एआई भविष्य का प्रतीक बताया।
एआई के दौर में महिलाओं और सेवानिवृत्त लोगों का क्या होगा?
कपूर के अनुसार, एआई रिश्तों और करियर की परिभाषा बदल देगा। सेवानिवृत्त पिता अपने अनुभव को नई तकनीक के ज़रिए फिर से उपयोग कर सकेंगे, और घर की जिम्मेदारियों के बीच माताएं अपनी रचनात्मकता को वैश्विक मंच पर ले जा सकेंगी।