3 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बरगी बांध नाव पलटने से 9 की मौत, सोनू सूद ने लाइफ जैकेट अनिवार्य करने की माँग की

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बरगी बांध नाव पलटने से 9 की मौत, सोनू सूद ने लाइफ जैकेट अनिवार्य करने की माँग की

सारांश

मध्य प्रदेश के बरगी बांध में क्रूज नाव पलटने से 9 लोगों की मौत हुई। सोनू सूद ने तीसरी दुर्घटना से निराश होकर सरकार से लाइफ जैकेट अनिवार्य करने और पोर्टल-आधारित निगरानी तंत्र की माँग की। बिहार और वृंदावन के बाद यह घटना भारत में जल परिवहन सुरक्षा की विफलता को दर्शाती है।

मुख्य बातें

बरगी बांध के पास नर्मदा नदी में क्रूज नाव पलटने से 9 लोगों की मौत , 10+ लापता ।
सोनू सूद ने लाइफ जैकेट अनिवार्य करने की माँग की।
सूद ने सरकारी पोर्टल की माँग की जहाँ हर यात्रा का लाइफ जैकेट प्रमाण अपलोड हो।
यह बिहार और वृंदावन के बाद तीसरी नाव दुर्घटना है।
सूद का कहना है कि 'केवल कड़ी जवाबदेही ही जानें बचा सकती है।'

मुंबई, 1 मई। हिंदी सिनेमा के अभिनेता सोनू सूद ने मध्य प्रदेश के बरगी बांध के पास नर्मदा नदी में हुई क्रूज नाव पलटने की दुर्घटना पर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इस घटना में 9 लोगों की जान चली गई है और 10 से अधिक लोग लापता हैं। सूद ने सोशल मीडिया पर यह कहते हुए अपनी निराशा व्यक्त की कि 'कितनी और जानें जाएंगी?' पहले बिहार और फिर वृंदावन में नाव दुर्घटनाएँ हुई हैं, लेकिन तीसरी घटना भी हो गई।

सोनू सूद की माँग

अभिनेता ने एक्स पर लिखा, 'अब इसे अनिवार्य बनाने का समय आ गया है — कोई भी नाव बिना हर यात्री के लाइफ जैकेट पहने रवाना न हो।' सूद ने एक सरकारी पोर्टल की माँग की है, जहाँ हर यात्रा से पहले सभी यात्रियों के लाइफ जैकेट पहने होने का समय-चिह्नित प्रमाण अपलोड किया जाए। उन्होंने जोर दिया कि 'केवल कड़ी जवाबदेही ही जानें बचा सकती है।'

बरगी बांध की दुर्घटना

गत गुरुवार को मध्य प्रदेश के होशंगाबाद ज़िले के बरगी बांध के पास नर्मदा नदी में क्रूज नाव पलट गई। अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटना में 9 लोग डूब गए, जबकि कुछ लोगों ने तैरकर अपनी जान बचाई। तलाश-बचाव अभियान अभी जारी है, और अनुमान है कि 10 से अधिक यात्री अभी भी लापता हैं।

पिछली दुर्घटनाएँ और सूद की सक्रियता

सोनू सूद पिछली नाव दुर्घटनाओं पर लगातार आवाज़ उठा रहे हैं। मथुरा में हुई वृंदावन की घटना के बाद भी उन्होंने लाइफ जैकेट को अनिवार्य करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था, 'पिछले एक साल में ही दर्जनों निर्दोष लोग इसी तरह की दुर्घटनाओं में मारे गए हैं, जिनमें से अधिकतर को रोका जा सकता था। अधिकतर ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी।'

जनसेवा की विरासत

सोनू सूद को 'जरूरतमंदों का मसीहा' के रूप में जाना जाता है। कोविड-19 महामारी से लेकर आज तक वे गरीब और जरूरतमंद लोगों की मदद करते आ रहे हैं। इस बार उनकी सक्रियता जनसुरक्षा के एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर है, जहाँ वे सरकार से व्यवस्थित कदम उठाने की माँग कर रहे हैं।

सरकार की ज़िम्मेदारी

नाव दुर्घटनाओं की यह श्रृंखला भारत में जल परिवहन सुरक्षा के मानकों पर सवाल खड़े करती है। सूद की माँग है कि लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य किया जाए और इसकी निगरानी के लिए एक पारदर्शी तंत्र स्थापित किया जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे कदम न केवल जीवन बचा सकते हैं, बल्कि लापरवाही को भी हतोत्साहित कर सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

अनिवार्यता नहीं? बिहार, वृंदावन, और अब बरगी बांध — तीन दुर्घटनाएँ, एक ही पैटर्न, कोई नीति परिवर्तन नहीं। सूद की माँग — लाइफ जैकेट अनिवार्य करना और पोर्टल-आधारित निगरानी — तर्कसंगत और कार्यान्वयन योग्य है। लेकिन यह कि तीसरी घटना के बाद भी सरकार कोई तुरंत कदम नहीं उठा रही, यह नीति निर्माण में लापरवाही का संकेत है। जब सेलिब्रिटी को जन सुरक्षा के लिए लड़ना पड़े, तो समझिए कि व्यवस्था कहीं टूट गई है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बरगी बांध में नाव पलटने की दुर्घटना में कितने लोग मारे गए?
9 लोगों की मौत हुई है और 10 से अधिक लोग लापता हैं। तलाश-बचाव अभियान जारी है।
सोनू सूद ने क्या माँग की है?
सूद ने सरकार से लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य करने और एक सरकारी पोर्टल बनाने की माँग की है, जहाँ हर यात्रा से पहले सभी यात्रियों के लाइफ जैकेट पहने होने का समय-चिह्नित प्रमाण अपलोड किया जाए।
क्या यह पहली नाव दुर्घटना है?
नहीं। इससे पहले बिहार और वृंदावन (मथुरा) में भी नाव दुर्घटनाएँ हुई हैं। यह तीसरी ऐसी घटना है, जिसने सोनू सूद को सार्वजनिक रूप से आवाज़ उठाने के लिए प्रेरित किया।
सोनू सूद जनसेवा में क्यों सक्रिय हैं?
सोनू सूद को 'जरूरतमंदों का मसीहा' के रूप में जाना जाता है। कोविड-19 से लेकर आज तक वे गरीब और जरूरतमंद लोगों की मदद करते आ रहे हैं। यह नाव सुरक्षा अभियान उसी सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा है।
लाइफ जैकेट अनिवार्य न होने से क्या खतरा है?
सोनू सूद के अनुसार, पिछले एक साल में दर्जनों निर्दोष लोग नाव दुर्घटनाओं में मारे गए हैं, जिनमें से अधिकतर को रोका जा सकता था। लाइफ जैकेट अनिवार्य न होने से लापरवाही बढ़ती है और जान का खतरा बढ़ता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले