26 जून 2026
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विश्वजीत सहाय ने संभाला रक्षा वित्त सचिव का पदभार, भरत खेड़ा बने एमएसएमई मंत्रालय के नए सचिव

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विश्वजीत सहाय ने संभाला रक्षा वित्त सचिव का पदभार, भरत खेड़ा बने एमएसएमई मंत्रालय के नए सचिव

सारांश

1 मई 2026 को दो अहम प्रशासनिक नियुक्तियाँ हुईं — आईडीएएस के वरिष्ठ अधिकारी विश्वजीत सहाय ने रक्षा वित्त सचिव का पदभार संभाला, जबकि हिमाचल प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी भरत खेड़ा एमएसएमई मंत्रालय के नए सचिव बने। दोनों के पास तीन दशकों से अधिक का अनुभव है और दोनों नियुक्तियाँ 'विकसित भारत 2047' की दिशा में सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाती हैं।

मुख्य बातें

विश्वजीत सहाय (आईडीएएस, 1990 बैच ) ने 1 मई 2026 को रक्षा मंत्रालय में सचिव (रक्षा वित्त) का पदभार संभाला।
सहाय इससे पहले रक्षा लेखा महानियंत्रक (सीजीडीए) के पद पर कार्यरत थे और उनके पास 30 वर्षों से अधिक का रक्षा वित्त अनुभव है।
भरत खेड़ा (आईएएस, हिमाचल प्रदेश कैडर, 1995 बैच ) ने एमएसएमई मंत्रालय में सचिव पद की जिम्मेदारी संभाली।
खेड़ा इससे पहले उपभोक्ता मामले विभाग में अतिरिक्त सचिव थे और नवंबर 2014 से फरवरी 2020 तक रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव रहे।
एमएसएमई क्षेत्र वर्तमान में भारत की जीडीपी में 30 प्रतिशत से अधिक का योगदान देता है।

भारतीय रक्षा लेखा सेवा (आईडीएएस) के 1990 बैच के वरिष्ठ अधिकारी विश्वजीत सहाय ने रक्षा मंत्रालय में सचिव (रक्षा वित्त) का पदभार ग्रहण कर लिया है। 1 मई 2026 को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इसके साथ ही भरत खेड़ा ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय में सचिव पद की जिम्मेदारी संभाल ली है। दोनों नियुक्तियाँ भारत सरकार के प्रमुख मंत्रालयों में वरिष्ठ प्रशासनिक नेतृत्व को नई दिशा देती हैं।

विश्वजीत सहाय: रक्षा वित्त में तीन दशकों का अनुभव

इससे पहले विश्वजीत सहाय रक्षा लेखा महानियंत्रक (सीजीडीए) के पद पर कार्यरत थे। वे सेंट स्टीफंस कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र हैं और कानून की डिग्री भी रखते हैं। मंत्रालय के अनुसार, उनके पास रक्षा वित्त और लोक प्रशासन में 30 वर्षों से अधिक का अनुभव है।

अपने करियर में उन्होंने विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग में अतिरिक्त सचिव एवं वित्तीय सलाहकार, भारी उद्योग विभाग में संयुक्त सचिव, रक्षा मंत्रालय में फाइनेंस मैनेजर (अधिग्रहण शाखा) और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में निदेशक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएँ दी हैं।

रक्षा लेखा विभाग में उन्होंने प्रयागराज में रक्षा लेखा के प्रधान नियंत्रक (पेंशन), संयुक्त सीजीडीए और विशेष सीजीडीए जैसी अहम जिम्मेदारियाँ भी निभाई हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय (यूके) और जॉर्ज सी. मार्शल यूरोपियन सेंटर फॉर सिक्योरिटी स्टडीज (जर्मनी) में प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेकर भारत का प्रतिनिधित्व किया है।

भरत खेड़ा: एमएसएमई मंत्रालय की कमान

हिमाचल प्रदेश कैडर के 1995 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी भरत खेड़ा के पास केंद्र और राज्य सरकार में 30 वर्षों से अधिक का प्रशासनिक अनुभव है। इससे पहले वे उपभोक्ता मामले विभाग में अतिरिक्त सचिव के पद पर कार्यरत थे।

उन्होंने नवंबर 2014 से फरवरी 2020 तक रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव (एयर) के रूप में भारतीय वायु सेना से जुड़े मामलों को संभाला। इस दौरान उन्होंने 2017 से 2020 तक लगातार चार वर्षों तक गणतंत्र दिवस समारोह जैसे राष्ट्रीय आयोजनों के समन्वय की जिम्मेदारी भी निभाई। रक्षा मंत्रालय में उन्होंने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से संबंधित मामलों की भी देखरेख की।

इसके बाद खेड़ा ने लगभग दो वर्षों तक कैबिनेट सचिवालय में संयुक्त सचिव के रूप में वाणिज्य, उद्योग और प्रौद्योगिकी से जुड़े मामले संभाले और कोविड-19 महामारी के दौरान नीतिगत निर्णयों में योगदान दिया।

एमएसएमई क्षेत्र की अहमियत और आगे की राह

वर्तमान में एमएसएमई क्षेत्र भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 30 प्रतिशत से अधिक का योगदान दे रहा है और रोजगार सृजन, विनिर्माण तथा निर्यात में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को साकार करने के लिए एमएसएमई क्षेत्र को रणनीतिक रूप से सशक्त बनाने पर जोर दे रही है।

एमएसएमई सचिव के रूप में भरत खेड़ा इस क्षेत्र को और मजबूत बनाने तथा 'विकसित भारत 2047' के विजन में एमएसएमई की भागीदारी को विस्तार देने के प्रति प्रतिबद्धता जता चुके हैं। दोनों नई नियुक्तियाँ संकेत देती हैं कि सरकार रक्षा वित्त प्रबंधन और एमएसएमई नीति — दोनों मोर्चों पर अनुभवी प्रशासनिक नेतृत्व को प्राथमिकता दे रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विश्वजीत सहाय कौन हैं और उन्होंने कौन सा नया पद संभाला है?
विश्वजीत सहाय भारतीय रक्षा लेखा सेवा (आईडीएएस) के 1990 बैच के वरिष्ठ अधिकारी हैं, जिन्होंने 1 मई 2026 को रक्षा मंत्रालय में सचिव (रक्षा वित्त) का पदभार संभाला। इससे पहले वे रक्षा लेखा महानियंत्रक (सीजीडीए) के पद पर कार्यरत थे और उनके पास रक्षा वित्त में 30 वर्षों से अधिक का अनुभव है।
भरत खेड़ा को एमएसएमई मंत्रालय का सचिव क्यों नियुक्त किया गया?
भरत खेड़ा हिमाचल प्रदेश कैडर के 1995 बैच के आईएएस अधिकारी हैं, जिनके पास केंद्र और राज्य सरकार में 30 वर्षों से अधिक का प्रशासनिक अनुभव है। उन्होंने रक्षा मंत्रालय, कैबिनेट सचिवालय और उपभोक्ता मामले विभाग में महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई हैं, जो उन्हें एमएसएमई नीति के लिए उपयुक्त बनाती हैं।
एमएसएमई क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था में कितना महत्वपूर्ण है?
एमएसएमई क्षेत्र वर्तमान में भारत की जीडीपी में 30 प्रतिशत से अधिक का योगदान देता है और रोजगार सृजन, विनिर्माण तथा निर्यात में भी अहम भूमिका निभाता है। सरकार इस क्षेत्र को 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य की प्राप्ति में एक प्रमुख स्तंभ मानती है।
भरत खेड़ा ने रक्षा मंत्रालय में क्या भूमिका निभाई थी?
भरत खेड़ा ने नवंबर 2014 से फरवरी 2020 तक रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव (एयर) के रूप में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने भारतीय वायु सेना से जुड़े मामले, सीमा सड़क संगठन (बीआरओ), अंतरराष्ट्रीय सहयोग और 2017 से 2020 तक गणतंत्र दिवस समारोह के समन्वय की जिम्मेदारी संभाली।
विश्वजीत सहाय ने किन अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में प्रशिक्षण लिया है?
विश्वजीत सहाय ने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय (यूके) और जॉर्ज सी. मार्शल यूरोपियन सेंटर फॉर सिक्योरिटी स्टडीज (जर्मनी) में प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लिया है। इन कार्यक्रमों में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया।
राष्ट्र प्रेस
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