लातेहार में नाबालिग प्रेमी युगल के शव रेलवे ट्रैक पर मिले, परिजनों को हत्या की आशंका

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लातेहार में नाबालिग प्रेमी युगल के शव रेलवे ट्रैक पर मिले, परिजनों को हत्या की आशंका

सारांश

झारखंड के लातेहार में रेलवे ट्रैक पर दो नाबालिग प्रेमियों — 16 वर्षीया सिंधु और 15 वर्षीय शत्रुघ्न — के शव मिले हैं। दोनों के शरीर पर गंभीर चोट के निशान हैं। परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं, जबकि पुलिस हर पहलू से जाँच कर रही है।

Key Takeaways

1 मई को झारखंड के लातेहार में बरवाडीह-बरकाकाना रेलखंड पर दो नाबालिगों के शव बरामद हुए। मृतका सिंधु कुमारी (16 वर्ष) लातेहार गर्ल्स स्कूल की कक्षा 11 की छात्रा थी; मृतक शत्रुघ्न कुमार (15 वर्ष) खर्चा हाई स्कूल में कक्षा 9 का छात्र था। दोनों के शरीर पर गंभीर चोट के निशान; सिंधु के दोनों पैर कटे हुए, शत्रुघ्न के पैर भी क्षतिग्रस्त। शत्रुघ्न के चाचा शंकर सिंह ने आशंका जताई — हत्या कर शवों को ट्रैक पर रखकर आत्महत्या का रूप दिया गया। दोनों शव सदर अस्पताल पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे गए; लातेहार थाना पुलिस सभी पहलुओं से जाँच कर रही है।

झारखंड के लातेहार जिले में शुक्रवार, 1 मई को एक नाबालिग प्रेमी युगल के शव बरवाडीह-बरकाकाना रेलखंड पर रिचुघूटा रेलवे स्टेशन के निकट बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, दोनों के शरीर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं और परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है, हालाँकि घटना के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है।

शव कहाँ और कैसे मिले

दोनों शव धरधरी पुल के पास पोल संख्या 201/08 से 201/10 के बीच पाए गए। मृतकों की पहचान लातेहार के घोड़ाबर गाँव निवासी किरानी उरांव की 16 वर्षीया पुत्री सिंधु कुमारी और छिपादोहार निवासी मंटू सिंह के 15 वर्षीय पुत्र शत्रुघ्न कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, सिंधु के दोनों पैर कटे हुए थे, जबकि शत्रुघ्न के पैर भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त पाए गए। दोनों के सिर पर भी गंभीर चोट के निशान मिले हैं।

पीड़ितों की पृष्ठभूमि

सिंधु कुमारी लातेहार गर्ल्स स्कूल में कक्षा 11 की छात्रा थी। शत्रुघ्न कुमार छिपादोहर स्थित खर्चा हाई स्कूल में कक्षा 9 में पढ़ता था। सिंधु के पिता किरानी उरांव ने बताया कि उनकी बेटी 29 अप्रैल को रिचुघूटा गाँव में आयोजित एक शादी समारोह में गई थी, जिसके बाद वह अचानक लापता हो गई। परिजनों ने आसपास के रिश्तेदारों में खोजबीन की, किन्तु कोई जानकारी नहीं मिल सकी।

परिजनों की आशंका

मृतक शत्रुघ्न के चाचा शंकर सिंह ने आशंका जताई है कि दोनों के बीच प्रेम प्रसंग था और उनकी हत्या कर शवों को रेलवे ट्रैक पर रखकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई है। यह आशंका परिवार की ओर से जताई गई है और इसकी पुष्टि अभी जाँच के बाद ही होगी।

पुलिस की जाँच और आगे की कार्रवाई

सूचना मिलते ही लातेहार थाना पुलिस मौके पर पहुँची और दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। पुलिस यह भी जाँच कर रही है कि कहीं दोनों ने ट्रैक पर लेटकर आत्महत्या तो नहीं की। मामले की सभी पहलुओं से जाँच जारी है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से घटना की वास्तविक प्रकृति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

Point of View

जब शव की बरामदगी से पहले परिवार को दो दिन तक कोई सुराग नहीं मिला। परिजनों की हत्या की आशंका और पुलिस की आत्महत्या की संभावना वाली जाँच के बीच जो अंतर है, वह इस मामले की संवेदनशीलता को दर्शाता है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट निर्णायक होगी, लेकिन इससे भी बड़ा सवाल यह है कि क्या स्थानीय प्रशासन ने लापता बच्चों की शिकायत पर समय रहते कार्रवाई की।
NationPress
01/05/2026

Frequently Asked Questions

लातेहार में नाबालिग युगल के शव कहाँ मिले?
दोनों शव झारखंड के लातेहार जिले में बरवाडीह-बरकाकाना रेलखंड पर रिचुघूटा रेलवे स्टेशन के निकट धरधरी पुल के पास पोल संख्या 201/08 से 201/10 के बीच 1 मई को बरामद हुए।
मृतक नाबालिग कौन थे?
मृतका सिंधु कुमारी (16 वर्ष) लातेहार के घोड़ाबर गाँव निवासी किरानी उरांव की पुत्री थी और लातेहार गर्ल्स स्कूल में कक्षा 11 की छात्रा थी। मृतक शत्रुघ्न कुमार (15 वर्ष) छिपादोहार निवासी मंटू सिंह का पुत्र था और खर्चा हाई स्कूल में कक्षा 9 में पढ़ता था।
परिजनों को हत्या की आशंका क्यों है?
शत्रुघ्न के चाचा शंकर सिंह के अनुसार, दोनों के बीच प्रेम प्रसंग था और उनकी हत्या कर शवों को रेलवे ट्रैक पर रखकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई है। दोनों के शरीर पर गंभीर चोट के निशान इस आशंका को बल देते हैं।
पुलिस इस मामले में क्या जाँच कर रही है?
लातेहार थाना पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जाँच कर रही है — जिसमें हत्या और आत्महत्या दोनों संभावनाएँ शामिल हैं। दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है और रिपोर्ट से घटना की वास्तविक प्रकृति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
सिंधु कुमारी आखिरी बार कब और कहाँ देखी गई थी?
सिंधु के पिता किरानी उरांव के अनुसार, वह 29 अप्रैल को रिचुघूटा गाँव में आयोजित एक शादी समारोह में गई थी और उसके बाद अचानक लापता हो गई। परिजनों की खोजबीन के बावजूद 1 मई तक कोई जानकारी नहीं मिली।
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