आईसीसी टेस्ट रैंकिंग: सालाना अपडेट में भारत तीसरे पायदान पर, ऑस्ट्रेलिया शीर्ष पर बरकरार
सारांश
Key Takeaways
नई दिल्ली, 1 मई 2026। भारतीय क्रिकेट टीम ने आईसीसी के सालाना रैंकिंग अपडेट में तीसरा स्थान हासिल किया है, जिससे वह इंग्लैंड को पीछे छोड़ गई है। नई रैंकिंग में भारत के पास 104 रेटिंग अंक हैं, जबकि इंग्लैंड 102 अंकों के साथ चौथे पायदान पर खिसक गया है।
रैंकिंग अपडेट की व्यवस्था
आईसीसी की सालाना रैंकिंग अपडेट प्रणाली में मई 2025 के बाद खेले गए सभी टेस्ट मुकाबलों को पूरा वेटेज दिया जाता है, जबकि उससे पहले के मैचों के परिणामों का असर 50 प्रतिशत तक घटा दिया जाता है। इस व्यवस्था के कारण टॉप-2 टीमों के नीचे की रैंकिंग में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। ऑस्ट्रेलिया अपने 131 रेटिंग अंकों के साथ शीर्ष पर मजबूती से कायम है, जबकि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियन दक्षिण अफ्रीका 119 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर स्थिर रहा है।
इंग्लैंड की गिरावट के कारण
इंग्लैंड का एक पायदान नीचे लुढ़कना पुरानी सीरीज़ों के नतीजों के वेटेज में कमी का परिणाम है। न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध घरेलू जीत, तथा पाकिस्तान में हासिल की गई सीरीज़ जीत — ये सभी मैच अब पूरे वेटेज की समय-सीमा से बाहर हो गए हैं। इसका सीधा असर इंग्लैंड की रैंकिंग पर पड़ा है।
शीर्ष 10 में अन्य बदलाव
न्यूजीलैंड अपने 101 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर बना रहा है। पाकिस्तान ने एक स्थान की छलांग लगाते हुए छठा पायदान हासिल किया है, जिसे पुरानी हारों के असर में कमी का लाभ मिला। श्रीलंका एक स्थान नीचे खिसककर सातवें स्थान पर पहुंचा है। वेस्टइंडीज (8वां), बांग्लादेश (9वां) और आयरलैंड (10वां) अपने-अपने स्थान पर बने हुए हैं।
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में भारत की स्थिति
भारत को सालाना रैंकिंग में तीसरा स्थान मिलने के बावजूद, आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025–27 की तालिका में वह छठे स्थान पर है। भारत का प्वाइंट्स प्रतिशत (पीसीटी) 48.15 प्रतिशत है, जो इस चक्र में दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध घरेलू सीरीज़ की हार और ऑस्ट्रेलिया दौरे पर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में पराजय के कारण है। इसके विपरीत, ऑस्ट्रेलिया 87.50 पीसीटी के साथ शीर्ष पर है, और न्यूजीलैंड 77.78 पीसीटी के साथ दूसरे स्थान पर है।
आगे का रास्ता
भारत को अपनी टेस्ट रैंकिंग में और सुधार के लिए आने वाले मैचों में सुसंगत प्रदर्शन करना होगा। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में छठे स्थान से ऊपर उठने के लिए घरेलू और विदेशी मैदानों पर जीत दर्ज करना आवश्यक है।