ओडिशा में पीएमजीएसवाई-4 लॉन्च: ₹1,700 करोड़ से 8 जिलों के 898 गाँवों में 1,702 किमी सड़कें बनेंगी
सारांश
Key Takeaways
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में रायगड़ा में 1 मई 2026 को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण (पीएमजीएसवाई-4) का ओडिशा में औपचारिक शुभारंभ किया गया। ₹1,700 करोड़ से अधिक की इस पहल के तहत राज्य के 8 जिलों के 898 गाँवों को 1,702 किलोमीटर लंबी बारहमासी सड़कों से जोड़ा जाएगा। यह ओडिशा के दूरस्थ और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में ग्रामीण संपर्क को मज़बूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
योजना का विस्तार और वित्त पोषण
पीएमजीएसवाई-4 के तहत ओडिशा में कुल 827 नई सड़कें बनाई जाएंगी। इस योजना का वित्त पोषण केंद्र और राज्य के बीच 60:40 के अनुपात में होगा। जिन 8 जिलों को इसमें शामिल किया गया है, वे हैं — कंधमाल, क्योंझर, खुर्दा, कोरापुट, मलकानगिरी, नबरंगपुर, रायगड़ा और संबलपुर। गौरतलब है कि इनमें से अधिकांश जिले आदिवासी बहुल और नक्सल-प्रभावित क्षेत्र रहे हैं, जहाँ बुनियादी संपर्क की लंबे समय से कमी रही है।
रायगड़ा और मलकानगिरी पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री माझी ने बताया कि अकेले रायगड़ा और मलकानगिरी जिलों में 442 नई सड़कों का निर्माण किया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब इन दोनों जिलों में विकास और कनेक्टिविटी की माँग लंबे समय से उठती रही है। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने रायगड़ा जिले में पेयजल और बुनियादी ढाँचे से जुड़ी ₹200 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया, जिसमें ₹104.56 करोड़ की 13 नई परियोजनाओं का शिलान्यास भी शामिल है।
केंद्र की ओर से अतिरिक्त वित्तीय सहायता
पीएमजीएसवाई-4 के अलावा केंद्र सरकार ने ओडिशा के लिए कई अन्य योजनाओं के तहत भी वित्तीय सहायता की घोषणा की। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत ₹630 करोड़ और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के जलसंभर विकास घटक (डब्ल्यूडीसी-पीएमकेएसवाई 2.0) के तहत ₹30 करोड़ अतिरिक्त आवंटित किए गए हैं। 2026-27 के बजट में सड़क रखरखाव के लिए ₹550 करोड़ का प्रावधान है, साथ ही पुरानी सड़कों की मरम्मत के लिए केंद्र की ओर से ₹150 करोड़ का अतिरिक्त प्रोत्साहन भी दिया गया है।
मिशन पवार और निगरानी प्रणाली
मुख्यमंत्री माझी ने 'मिशन पवार' (बिजली-पानी-सड़क) की भी घोषणा की, जिसका उद्देश्य 50 से अधिक आबादी वाली छोटी बस्तियों में बिजली, पेयजल और सड़क संपर्क सुनिश्चित करना है। राज्य ने चालू बजट में पंचायती राज विभाग के लिए ₹34,104 करोड़ और ग्रामीण विकास विभाग के लिए ₹10,204 करोड़ आवंटित किए हैं। सड़क निर्माण की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए त्रिस्तरीय निगरानी प्रणाली लागू की जाएगी। राज्य ने इस वर्ष 9,700 किलोमीटर सड़कों और 350 पुलों के निर्माण का लक्ष्य भी रखा है।
नेताओं के वक्तव्य और आगे की राह
केंद्रीय मंत्री चौहान ने कार्यक्रम में कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल गाँवों को सड़कों से जोड़ना नहीं, बल्कि लोगों के दिलों को भी जोड़ना है और उन्होंने आश्वासन दिया कि कोई भी गाँव बुनियादी सुविधाओं से वंचित नहीं रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि एकीकृत कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए कृषि वैज्ञानिकों की एक टीम ओडिशा का दौरा करेगी और राज्य भर में 'बीज ग्राम' विकसित किए जाएंगे। पंचायती राज एवं पेयजल मंत्री रवि नारायण नाइक ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में 26 वर्ष पहले शुरू हुई पीएमजीएसवाई की विरासत को याद किया। कार्यक्रम में रायगड़ा विधायक अप्पाला स्वामी कद्रका, गुनूपुर विधायक सत्यजीत गमंगो और बिसम कटक विधायक नीलामाधव हिकाका सहित ग्रामीण विकास मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। आने वाले महीनों में निर्माण कार्य की गति और त्रिस्तरीय निगरानी की प्रभावशीलता ही इस महत्वाकांक्षी योजना की असली कसौटी होगी।