26 जून 2026
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ओडिशा में पीएमजीएसवाई-4 लॉन्च: ₹1,700 करोड़ से 8 जिलों के 898 गाँवों में 1,702 किमी सड़कें बनेंगी

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ओडिशा में पीएमजीएसवाई-4 लॉन्च: ₹1,700 करोड़ से 8 जिलों के 898 गाँवों में 1,702 किमी सड़कें बनेंगी

सारांश

₹1,700 करोड़ से अधिक की पीएमजीएसवाई-4 योजना ओडिशा के 8 जिलों के 898 गाँवों को 1,702 किमी सड़कों से जोड़ेगी — यह सिर्फ सड़क परियोजना नहीं, बल्कि राज्य के सबसे पिछड़े आदिवासी और दूरस्थ इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ने का दीर्घकालिक दांव है।

मुख्य बातें

पीएमजीएसवाई-4 का ओडिशा में 1 मई 2026 को रायगड़ा में औपचारिक शुभारंभ हुआ।
₹1,700 करोड़ से अधिक की परियोजना के तहत 8 जिलों के 898 गाँवों में 1,702 किमी बारहमासी सड़कें और 827 नई सड़कें बनेंगी।
अकेले रायगड़ा और मलकानगिरी में 442 सड़कें बनाई जाएंगी; वित्त पोषण केंद्र-राज्य के बीच 60:40 के अनुपात में।
केंद्र ने पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के तहत ₹630 करोड़ और पीएमकेएसवाई के तहत ₹30 करोड़ अतिरिक्त आवंटित किए।
CM माझी ने ' मिशन पवार ' की घोषणा की — 50+ आबादी वाली बस्तियों में बिजली, पानी और सड़क सुनिश्चित करने का लक्ष्य।
सड़क निर्माण के लिए त्रिस्तरीय निगरानी प्रणाली ; रखरखाव हेतु ₹550 करोड़ का बजट प्रावधान।

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में रायगड़ा में 1 मई 2026 को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण (पीएमजीएसवाई-4) का ओडिशा में औपचारिक शुभारंभ किया गया। ₹1,700 करोड़ से अधिक की इस पहल के तहत राज्य के 8 जिलों के 898 गाँवों को 1,702 किलोमीटर लंबी बारहमासी सड़कों से जोड़ा जाएगा। यह ओडिशा के दूरस्थ और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में ग्रामीण संपर्क को मज़बूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

योजना का विस्तार और वित्त पोषण

पीएमजीएसवाई-4 के तहत ओडिशा में कुल 827 नई सड़कें बनाई जाएंगी। इस योजना का वित्त पोषण केंद्र और राज्य के बीच 60:40 के अनुपात में होगा। जिन 8 जिलों को इसमें शामिल किया गया है, वे हैं — कंधमाल, क्योंझर, खुर्दा, कोरापुट, मलकानगिरी, नबरंगपुर, रायगड़ा और संबलपुर। गौरतलब है कि इनमें से अधिकांश जिले आदिवासी बहुल और नक्सल-प्रभावित क्षेत्र रहे हैं, जहाँ बुनियादी संपर्क की लंबे समय से कमी रही है।

रायगड़ा और मलकानगिरी पर विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री माझी ने बताया कि अकेले रायगड़ा और मलकानगिरी जिलों में 442 नई सड़कों का निर्माण किया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब इन दोनों जिलों में विकास और कनेक्टिविटी की माँग लंबे समय से उठती रही है। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने रायगड़ा जिले में पेयजल और बुनियादी ढाँचे से जुड़ी ₹200 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया, जिसमें ₹104.56 करोड़ की 13 नई परियोजनाओं का शिलान्यास भी शामिल है।

केंद्र की ओर से अतिरिक्त वित्तीय सहायता

पीएमजीएसवाई-4 के अलावा केंद्र सरकार ने ओडिशा के लिए कई अन्य योजनाओं के तहत भी वित्तीय सहायता की घोषणा की। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत ₹630 करोड़ और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के जलसंभर विकास घटक (डब्ल्यूडीसी-पीएमकेएसवाई 2.0) के तहत ₹30 करोड़ अतिरिक्त आवंटित किए गए हैं। 2026-27 के बजट में सड़क रखरखाव के लिए ₹550 करोड़ का प्रावधान है, साथ ही पुरानी सड़कों की मरम्मत के लिए केंद्र की ओर से ₹150 करोड़ का अतिरिक्त प्रोत्साहन भी दिया गया है।

मिशन पवार और निगरानी प्रणाली

मुख्यमंत्री माझी ने 'मिशन पवार' (बिजली-पानी-सड़क) की भी घोषणा की, जिसका उद्देश्य 50 से अधिक आबादी वाली छोटी बस्तियों में बिजली, पेयजल और सड़क संपर्क सुनिश्चित करना है। राज्य ने चालू बजट में पंचायती राज विभाग के लिए ₹34,104 करोड़ और ग्रामीण विकास विभाग के लिए ₹10,204 करोड़ आवंटित किए हैं। सड़क निर्माण की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए त्रिस्तरीय निगरानी प्रणाली लागू की जाएगी। राज्य ने इस वर्ष 9,700 किलोमीटर सड़कों और 350 पुलों के निर्माण का लक्ष्य भी रखा है।

नेताओं के वक्तव्य और आगे की राह

केंद्रीय मंत्री चौहान ने कार्यक्रम में कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल गाँवों को सड़कों से जोड़ना नहीं, बल्कि लोगों के दिलों को भी जोड़ना है और उन्होंने आश्वासन दिया कि कोई भी गाँव बुनियादी सुविधाओं से वंचित नहीं रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि एकीकृत कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए कृषि वैज्ञानिकों की एक टीम ओडिशा का दौरा करेगी और राज्य भर में 'बीज ग्राम' विकसित किए जाएंगे। पंचायती राज एवं पेयजल मंत्री रवि नारायण नाइक ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में 26 वर्ष पहले शुरू हुई पीएमजीएसवाई की विरासत को याद किया। कार्यक्रम में रायगड़ा विधायक अप्पाला स्वामी कद्रका, गुनूपुर विधायक सत्यजीत गमंगो और बिसम कटक विधायक नीलामाधव हिकाका सहित ग्रामीण विकास मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। आने वाले महीनों में निर्माण कार्य की गति और त्रिस्तरीय निगरानी की प्रभावशीलता ही इस महत्वाकांक्षी योजना की असली कसौटी होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या इस बार निर्माण की गुणवत्ता और समयसीमा पर अमल होगा — पिछले चरणों में ओडिशा के दूरस्थ जिलों में कई सड़कें मानसून की पहली बारिश में ही क्षतिग्रस्त हो जाती थीं। त्रिस्तरीय निगरानी प्रणाली की घोषणा सकारात्मक है, लेकिन इसकी स्वतंत्रता और पारदर्शिता पर स्पष्टता अभी नहीं दी गई है। रायगड़ा और मलकानगिरी जैसे जिलों में 442 सड़कों का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, पर इन क्षेत्रों में भू-राजनीतिक जटिलताएँ और भौगोलिक चुनौतियाँ निर्माण को कठिन बनाती हैं। 'मिशन पवार' की घोषणा नई उम्मीद जगाती है, लेकिन 26 साल पुरानी पीएमजीएसवाई की विरासत बताती है कि घोषणाओं और ज़मीनी बदलाव के बीच की खाई को पाटना अभी भी सबसे बड़ी चुनौती है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएमजीएसवाई-4 क्या है और ओडिशा में इसका क्या महत्व है?
पीएमजीएसवाई-4 प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का चौथा चरण है, जिसे 1 मई 2026 को ओडिशा में लॉन्च किया गया। इसके तहत ₹1,700 करोड़ से अधिक की लागत से 8 जिलों के 898 गाँवों में 1,702 किमी बारहमासी सड़कें बनाई जाएंगी, जो राज्य के सबसे पिछड़े और दूरस्थ इलाकों को जोड़ेंगी।
ओडिशा में पीएमजीएसवाई-4 के तहत कौन-से जिले शामिल हैं?
इस योजना में 8 जिले शामिल हैं — कंधमाल, क्योंझर, खुर्दा, कोरापुट, मलकानगिरी, नबरंगपुर, रायगड़ा और संबलपुर। इनमें से अधिकांश आदिवासी बहुल और दूरस्थ क्षेत्र हैं जहाँ बुनियादी संपर्क की लंबे समय से कमी रही है।
पीएमजीएसवाई-4 के लिए केंद्र और राज्य के बीच वित्त पोषण का अनुपात क्या है?
इस योजना का वित्त पोषण केंद्र और राज्य सरकार के बीच 60:40 के अनुपात में होगा। कुल ₹1,700 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है और 827 नई सड़कें बनाई जाएंगी।
'मिशन पवार' क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
'मिशन पवार' (बिजली-पानी-सड़क) ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी द्वारा घोषित एक नई पहल है। इसका उद्देश्य 50 से अधिक आबादी वाली छोटी बस्तियों में बिजली, पेयजल और सड़क संपर्क सुनिश्चित करके ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करना है।
ओडिशा को केंद्र सरकार से और कौन-सी वित्तीय सहायता मिली है?
पीएमजीएसवाई-4 के अलावा केंद्र ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत ₹630 करोड़ और पीएमकेएसवाई जलसंभर विकास घटक के तहत ₹30 करोड़ अतिरिक्त आवंटित किए हैं। 2026-27 बजट में सड़क रखरखाव के लिए ₹550 करोड़ और पुरानी सड़कों की मरम्मत के लिए ₹150 करोड़ का प्रावधान भी किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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