पंजाब विधानसभा में सियासी तूफान: भगवंत मान पर विपक्ष के तीखे आरोप, AAP सरकार बोली — माहौल बिगाड़ने की साज़िश
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सारांश
पंजाब विधानसभा सत्र में कांग्रेस और विपक्ष ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखे आरोप लगाए — नशे की समस्या से लेकर विश्वास प्रस्ताव की वापसी तक। AAP सरकार ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष जानबूझकर माहौल बिगाड़ रहा है। सदन की गरिमा और स्पीकर की भूमिका पर भी सवाल उठे।
Key Takeaways
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वारिंग ने 1 मई 2025 को मुख्यमंत्री भगवंत मान की कार्यशैली और सरकार के फैसलों पर सवाल उठाए। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने पूरे सदन का डोप टेस्ट कराने की माँग की, जिसे मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने खारिज किया। वारिंग ने आरोप लगाया कि विश्वास प्रस्ताव को पहले लाना और फिर वापस लेना सरकार की सोची-समझी रणनीति हो सकती है। बाजवा ने दावा किया कि आज़ादी के बाद पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने सदन के चुने हुए नेता पर आरोप लगाकर उसे स्वीकार करने से इनकार किया। AAP मंत्री गोयल ने कहा कि विधानसभा सत्र सुचारू रूप से चल रहा है और विपक्ष जानबूझकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है।
पंजाब विधानसभा सत्र में 1 मई 2025 को राजनीतिक घमासान तेज हो गया, जब पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की कार्यशैली और सरकार के निर्णयों पर कड़े सवाल उठाए। जवाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने विपक्ष पर जानबूझकर सदन का माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया।
मुख्य घटनाक्रम
कांग्रेस अध्यक्ष राजा वारिंग ने मुख्यमंत्री मान पर निशाना साधते हुए कहा,
Point of View
लेकिन विश्वास प्रस्ताव को लाने और फिर वापस लेने का घटनाक्रम AAP सरकार की आंतरिक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करता है। बाजवा का यह दावा कि 'आज़ादी के बाद पहली बार' ऐसा हुआ, अतिशयोक्ति हो सकती है — लेकिन इसकी जाँच ज़रूरी है। नशे की समस्या पर कांग्रेस का हमला तब और धारदार लगता है जब AAP ने 2022 में इसी मुद्दे पर सत्ता हासिल की थी। सदन की गरिमा और स्पीकर की निष्पक्षता पर उठे सवाल लोकतांत्रिक संस्थाओं की साख के लिए दीर्घकालिक चिंता का विषय हैं।
NationPress
01/05/2026
Frequently Asked Questions
पंजाब विधानसभा में 1 मई 2025 को क्या हुआ?
1 मई 2025 को पंजाब विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस और विपक्षी नेताओं ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की कार्यशैली, नशे की समस्या और विश्वास प्रस्ताव की वापसी पर तीखे आरोप लगाए। AAP सरकार के मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने विपक्ष पर माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाकर पलटवार किया।
प्रताप सिंह बाजवा की डोप टेस्ट माँग क्या थी?
नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने पूरे सदन — सभी विधायकों — का डोप टेस्ट कराने की माँग की। मंत्री गोयल ने इसे खारिज करते हुए कहा कि सदन स्पीकर के दिशा-निर्देशों और स्थापित नियमों के अनुसार चलता है, किसी एक नेता की माँग पर नहीं।
विश्वास प्रस्ताव विवाद क्या है?
कांग्रेस अध्यक्ष राजा वारिंग ने आरोप लगाया कि AAP सरकार ने विश्वास प्रस्ताव पहले सदन में लाया और फिर उसे रद्द कर दिया, जो उनके अनुसार सरकार की सोची-समझी रणनीति और राजनीतिक अस्थिरता का संकेत है।
पंजाब में नशे की समस्या पर विपक्ष ने क्या कहा?
कांग्रेस अध्यक्ष वारिंग ने कहा कि पंजाब में नशे की समस्या जगजाहिर है और केवल अभियान चलाने की घोषणा से काम नहीं चलेगा — सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे। यह आरोप इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि AAP ने 2022 के चुनाव में नशामुक्ति को प्रमुख वादा बनाया था।
स्पीकर की भूमिका पर क्या सवाल उठे?
नेता प्रतिपक्ष बाजवा ने कहा कि स्पीकर का कर्तव्य सदन की परंपराओं, मूल्यों और गरिमा की रक्षा करना है। उनके अनुसार यदि स्पीकर यह जिम्मेदारी निभाने में असफल रहते हैं, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक स्थिति होगी।