'ऑपरेशन व्हाइट स्ट्राइक': एनसीबी ने मुंबई में ₹1,745 करोड़ की 349 किलो कोकीन जब्त की, अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह का पर्दाफाश
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने 1 मई 2026 को मुंबई और उससे जुड़े लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर में 'ऑपरेशन व्हाइट स्ट्राइक' के तहत अंतरराष्ट्रीय कोकीन तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 349 किलोग्राम हाई-ग्रेड कोकीन जब्त की, जिसकी अंतरराष्ट्रीय अवैध बाज़ार में अनुमानित कीमत ₹1,745 करोड़ आँकी गई है। यह ऑपरेशन छह महीने से अधिक की खुफिया निगरानी और सूचनाओं के आधार पर अंजाम दिया गया, जो इसे हाल के वर्षों की सबसे बड़ी एकल कोकीन बरामदगियों में से एक बनाता है।
ऑपरेशन का मुख्य घटनाक्रम
एनसीबी की कई टीमों ने एक साथ नवी मुंबई के कलंबोली से लेकर ठाणे जिले के भिवंडी तक फैले लॉजिस्टिक्स नेटवर्क पर छापेमारी की। ऑपरेशन के पहले चरण में एनसीबी अधिकारियों ने कलंबोली स्थित केडब्ल्यूसी वेयरहाउसिंग कॉम्प्लेक्स के पास एक मारुति सुजुकी सुपर कैरी (सीएनजी) वाहन को रोका। तलाशी के दौरान वाहन से 136 पैकेट कोकीन बरामद हुई — प्रत्येक पैकेट का वजन लगभग 1 किलोग्राम था।
चौंकाने वाली बात यह रही कि इन पैकेट्स को क्रिकेट पैड और ग्लव्स के अंदर छिपाकर कार्टन में रखा गया था। मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के बाद एनसीबी को भिवंडी में एक और बड़े कंसाइनमेंट की जानकारी मिली, जिसके आधार पर रेहनाल गाँव के लक्ष्मण कंपाउंड में छापा मारा गया और वहाँ से 213 और पैकेट कोकीन बरामद की गई।
तस्करी का तरीका: मशीनरी में छिपाई गई ड्रग्स
प्रारंभिक जाँच में सामने आया कि यह कोकीन भारत में आयात की गई मशीनरी के अंदर बनी विशेष कैविटी में छिपाकर लाई गई थी। हर पैकेट को पॉलीथीन की 9 परतों में पैक किया गया था, जिनमें एक परत काले चिकने पदार्थ की भी थी — ताकि स्कैनिंग उपकरणों की पकड़ में न आए। भिवंडी के वेयरहाउस नेटवर्क के इस्तेमाल से यह स्पष्ट होता है कि तस्करी नेटवर्क मशीनों के आयात से लेकर गोदामों में भंडारण और फिर सप्लाई तक की पूरी आपूर्ति श्रृंखला के साथ अत्यंत संगठित था।
सरकार और एनसीबी की प्रतिक्रिया
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा,