26 जून 2026
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भारत-यूके CETA 15 जुलाई 2026 से लागू: पीयूष गोयल बोले — इनोवेशन और निवेश का नया युग शुरू

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भारत-यूके CETA 15 जुलाई 2026 से लागू: पीयूष गोयल बोले — इनोवेशन और निवेश का नया युग शुरू

सारांश

भारत-यूके CETA और DCC 15 जुलाई 2026 से लागू होने जा रहे हैं — और लंदन में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल का संदेश साफ था: यह महज एक व्यापार समझौता नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी, रक्षा और रणनीतिक खनिजों तक फैली एक नई आर्थिक साझेदारी की नींव है।

मुख्य बातें

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 26 जून 2026 को लंदन में भारत-यूके आर्थिक सहयोग पर अहम बयान दिया।
भारत-यूके CETA और डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन (DCC) 15 जुलाई 2026 से प्रभावी होंगे।
गोयल ने CETA को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए 'फोर्स मल्टीप्लायर' बताया।
द्विपक्षीय संबंध अब टेक्नोलॉजी, रक्षा और जरूरी खनिजों तक विस्तृत हुए।
इंडिया ग्लोबल फोरम के यूके-इंडिया वीक 2026 में दोनों देशों के बिजनेस लीडर्स और निवेशकों को CETA का लाभ उठाने का आग्रह किया गया।

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 26 जून 2026 को लंदन में कहा कि भारत और यूनाइटेड किंगडम 15 जुलाई 2026 से लागू होने वाले कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (CETA) और डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन (DCC) के ज़रिए एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो दोनों देशों में इनोवेशन, निवेश और व्यापक विकास को गति दे। यूके के बिजनेस और ट्रेड सेक्रेटरी पीटर काइल के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद गोयल ने इस साझेदारी को दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए ऐतिहासिक मोड़ बताया।

CETA और DCC: समझौते में क्या है

भारत-यूके CETA दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, टेक्नोलॉजी और रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग को संस्थागत रूप देता है। 15 जुलाई 2026 से इसके लागू होने के साथ ही डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन (DCC) भी प्रभावी होगा, जो दोनों देशों में काम करने वाले पेशेवरों के सामाजिक सुरक्षा योगदान की दोहरी गणना समाप्त करेगा। गोयल ने इसे 'फोर्स मल्टीप्लायर' बताते हुए कहा कि यह वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत और यूके की स्थिति को और मज़बूत करेगा।

लंदन में व्यापार जगत को संबोधन

इंडिया ग्लोबल फोरम के यूके-इंडिया वीक 2026 में गोयल ने दोनों देशों के बिजनेस लीडर्स और निवेशकों को CETA का पूरा लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह समझौता व्यापार और निवेश बढ़ाने के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में इनोवेशन को प्रोत्साहित करने का अवसर है। गौरतलब है कि इस कार्यक्रम में भारत और यूके, दोनों देशों के प्रमुख उद्योगपति और निवेशक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

द्विपक्षीय संबंधों की बदलती तस्वीर

गोयल ने रेखांकित किया कि भारत-यूके संबंध अब केवल पारंपरिक व्यापारिक ढाँचे तक सीमित नहीं रहे — यह साझेदारी अब टेक्नोलॉजी, रक्षा, जरूरी खनिज और निवेश जैसे रणनीतिक क्षेत्रों तक विस्तृत हो चुकी है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के पुनर्गठन और भू-राजनीतिक बदलावों के बीच भारत अपने व्यापारिक गठबंधनों को विविध बना रहा है।

पीटर काइल के साथ वार्ता का स्वर

यूके के बिजनेस और ट्रेड सेक्रेटरी पीटर काइल के साथ बैठक के बाद गोयल ने कहा कि वार्ता में 'आत्मीयता, भरोसा और भविष्य की सोच' स्पष्ट दिखी। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया कि CETA और DCC के लागू होने के साथ दोनों देश एक नए आर्थिक युग में प्रवेश कर रहे हैं। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब भारत कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है।

आगे की राह

15 जुलाई 2026 से CETA के लागू होने के बाद दोनों देशों के व्यापारिक और निवेश संबंधों में ठोस बदलाव की उम्मीद है। उद्योग जगत की नज़रें अब इस बात पर हैं कि समझौते के क्रियान्वयन में किन क्षेत्रों को प्राथमिकता मिलती है और वास्तविक व्यापार वृद्धि किस गति से आती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और 15 जुलाई 2026 की तारीख एक ठोस प्रतिबद्धता है — लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी। समझौते में टेक्नोलॉजी, रक्षा और खनिजों को शामिल करना भारत की 'चाइना-प्लस-वन' रणनीति का हिस्सा दिखता है, जो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पुनर्गठन के बीच यूके को एक विश्वसनीय साझेदार के रूप में स्थापित करता है। DCC का लागू होना भारतीय पेशेवरों के लिए व्यावहारिक राहत है, पर व्यापार वृद्धि के वास्तविक आँकड़े ही बताएँगे कि यह साझेदारी कागज़ से ज़मीन पर कितनी उतरती है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-यूके CETA क्या है और यह कब लागू होगा?
भारत-यूके कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (CETA) दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, टेक्नोलॉजी और रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग को संस्थागत रूप देने वाला समझौता है। यह 15 जुलाई 2026 से प्रभावी होगा।
डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन (DCC) से किसे फायदा होगा?
DCC उन पेशेवरों को राहत देगा जो भारत और यूके दोनों देशों में काम करते हैं और अभी तक दोनों जगह सामाजिक सुरक्षा योगदान देने के लिए बाध्य थे। 15 जुलाई 2026 से यह दोहरा बोझ समाप्त होगा।
पीयूष गोयल ने लंदन में क्या कहा?
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 26 जून 2026 को लंदन में यूके-इंडिया वीक 2026 के दौरान कहा कि CETA दोनों देशों में विकास और समृद्धि के बड़े अवसर पैदा करेगा। उन्होंने CETA को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए 'फोर्स मल्टीप्लायर' बताया।
भारत-यूके साझेदारी अब किन नए क्षेत्रों तक फैली है?
गोयल के अनुसार, भारत-यूके संबंध अब पारंपरिक व्यापार से आगे बढ़कर टेक्नोलॉजी, रक्षा, जरूरी खनिज और निवेश जैसे रणनीतिक क्षेत्रों तक विस्तृत हो चुके हैं। यह बदलाव दोनों देशों की बढ़ती रणनीतिक नज़दीकी को दर्शाता है।
यूके-इंडिया वीक 2026 में किन लोगों ने हिस्सा लिया?
इंडिया ग्लोबल फोरम द्वारा आयोजित यूके-इंडिया वीक 2026 में भारत और यूके दोनों देशों के प्रमुख बिजनेस लीडर्स और निवेशकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इस कार्यक्रम को संबोधित किया और यूके के बिजनेस सेक्रेटरी पीटर काइल से द्विपक्षीय वार्ता भी की।
राष्ट्र प्रेस
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