10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दल-बदल की अटकलें बेबुनियाद: राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने सीएम सम्राट से मुलाकात पर दी सफाई

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दल-बदल की अटकलें बेबुनियाद: राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने सीएम सम्राट से मुलाकात पर दी सफाई

सारांश

राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने साफ किया कि सीएम सम्राट चौधरी से उनकी मुलाकात पौने दो महीने पहले क्षेत्र विकास के लिए हुई थी। दल-बदल की हर अटकल को उन्होंने नकारा और तेजस्वी यादव को बिहार का मुख्यमंत्री बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

मुख्य बातें

राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने 10 अगस्त को पटना में स्पष्ट किया कि सीएम सम्राट चौधरी से मुलाकात पौने दो महीने पहले विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए हुई थी।
उन्होंने दल-बदल की सभी अटकलों को सिरे से खारिज किया और कहा कि विपक्षी विधायक का मुख्यमंत्री से मिलना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
लोकसभा चुनाव लड़ने सहित कई राजनीतिक प्रस्ताव मिलने की बात स्वीकार की, लेकिन कहा कि सभी को अस्वीकार किया।
आरोप लगाया कि कुछ लोग खुद की जाँच-संबंधी मुश्किलों से ध्यान हटाने के लिए उन्हें बदनाम कर रहे हैं।
तेजस्वी यादव को बिहार का मुख्यमंत्री बनाना ही उनका एकमात्र राजनीतिक लक्ष्य — प्रतिबद्धता दोहराई।

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायक भाई वीरेंद्र ने 10 अगस्त को पटना में स्पष्ट किया कि बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से उनकी मुलाकात पूरी तरह अपने विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों को लेकर थी, न कि किसी राजनीतिक दल-बदल की तैयारी के रूप में। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह मुलाकात करीब पौने दो महीने पहले हुई थी और इसे हालिया राजनीतिक उठापटक से जोड़ना तथ्यों के साथ खिलवाड़ है।

मुलाकात की असली वजह

भाई वीरेंद्र ने कहा, 'मैं विधायक हूँ — मुख्यमंत्री तो सबका होता है।' उनके अनुसार RJD के कई विधायक अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं और विकास परियोजनाओं को लेकर मुख्यमंत्री से मिलते रहते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि मुख्यमंत्री किसी एक राजनीतिक दल के प्रतिनिधि नहीं, बल्कि पूरे बिहार के प्रशासनिक प्रमुख होते हैं, इसलिए विपक्षी विधायक का उनसे मिलना स्वाभाविक लोकतांत्रिक प्रक्रिया है।

दल-बदल की संभावना को नकारा

भाई वीरेंद्र ने दोटूक शब्दों में कहा कि उन्हें राजनीतिक रूप से 'तोड़ने' की कोशिशें पहले भी होती रही हैं। उनके अनुसार लोकसभा चुनाव लड़ने जैसे प्रस्ताव सहित कई तरह के राजनीतिक ऑफर उनके सामने आ चुके हैं, लेकिन उन्होंने हर बार इनकार किया। उन्होंने कहा, 'हमारा एक ही लक्ष्य है — तेजस्वी यादव को बिहार का मुख्यमंत्री बनाना।'

पार्टी के भीतर से ही साजिश का आरोप

विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग — जो खुद जाँच या मजिस्ट्रेट-स्तरीय कार्रवाई जैसी मुश्किलों में फँसे हैं — उनका ध्यान भटकाने के लिए दूसरों को बदनाम करने की रणनीति अपना रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में अगले विधानसभा चुनाव से पहले दलों के भीतर गुटबाजी और विधायकों की वफादारी को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।

RJD के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई

भाई वीरेंद्र ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि वह दृढ़ संकल्पित हैं और पार्टी नेतृत्व इन कोशिशों से भलीभाँति परिचित है। गौरतलब है कि RJD नेता तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री पद के लिए पार्टी के प्रमुख दावेदार हैं और पार्टी अगले चुनाव की तैयारियों में जुटी है। भाई वीरेंद्र ने कहा कि वह किसी के खिलाफ बोलने में विश्वास नहीं रखते, लेकिन अपनी राजनीतिक स्थिति पर कायम रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह बिहार की उस पुरानी परंपरा की याद दिलाती है जहाँ विपक्षी विधायकों की सत्तापक्ष से मुलाकातें अक्सर चुनाव-पूर्व 'प्रबंधन' का हिस्सा होती हैं। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में अगले विधानसभा चुनाव की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है और RJD के भीतर गुटीय खींचतान की खबरें सतह पर आ रही हैं। मुख्यधारा की कवरेज इस बयान को महज सफाई के रूप में देख रही है, लेकिन असली सवाल यह है कि पार्टी के भीतर से 'तोड़ने' की कोशिश का आरोप किस पर है — और क्यों यह बात अभी सामने आई। जवाबदेही तब तक अधूरी है जब तक वे नाम लेने से बचते रहेंगे।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाई वीरेंद्र और सीएम सम्राट चौधरी की मुलाकात क्यों हुई थी?
भाई वीरेंद्र के अनुसार यह मुलाकात उनके विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों और स्थानीय समस्याओं को लेकर हुई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मुलाकात करीब पौने दो महीने पहले हुई थी और इसका मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम से कोई संबंध नहीं है।
क्या भाई वीरेंद्र RJD छोड़ने वाले हैं?
नहीं — भाई वीरेंद्र ने दल-बदल की सभी अटकलों को सिरे से नकारा है। उन्होंने कहा कि उनका एकमात्र लक्ष्य तेजस्वी यादव को बिहार का मुख्यमंत्री बनाना है और वह अपने राजनीतिक रुख पर दृढ़ हैं।
भाई वीरेंद्र को किस तरह के राजनीतिक प्रस्ताव मिले थे?
उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें लोकसभा चुनाव लड़ने जैसे प्रस्ताव सहित कई तरह के राजनीतिक ऑफर मिले हैं। हालाँकि उन्होंने इन सभी प्रस्तावों को अस्वीकार कर दिया और RJD के साथ बने रहने की बात कही।
भाई वीरेंद्र ने पार्टी के भीतर किस पर आरोप लगाए?
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग — जो खुद जाँच या मजिस्ट्रेट-स्तरीय कार्रवाई जैसी मुश्किलों में फँसे हैं — उनसे ध्यान हटाने के लिए दूसरों को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया।
विपक्षी विधायक का मुख्यमंत्री से मिलना क्या उचित है?
भाई वीरेंद्र के अनुसार मुख्यमंत्री किसी एक दल के नहीं, बल्कि पूरे बिहार के प्रशासनिक प्रमुख होते हैं। इसलिए किसी भी विधायक या सांसद का क्षेत्र विकास के मुद्दों पर मुख्यमंत्री से मिलना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का स्वाभाविक हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले