तेलंगाना में TG-TMARS गठन: डीजीपी सीवी आनंद बोले — सड़क दुर्घटनाएँ और मौतें होंगी कम
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक सीवी आनंद ने 25 सितंबर 2026 को तेलंगाना यातायात प्रबंधन, सड़क और रेल सुरक्षा ब्यूरो (TG-TMARS) के गठन को राज्य सरकार का एक अत्यंत सकारात्मक कदम बताया और कहा कि यह नया ब्यूरो हैदराबाद सहित पूरे तेलंगाना में सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मौतों को कम करने की दिशा में प्रभावी ढंग से काम करेगा। डीजीपी आनंद ने इस सुधार को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी का आभार भी व्यक्त किया।
TG-TMARS का उद्देश्य और संरचना
डीजीपी आनंद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा जानकारी में बताया कि TG-TMARS ब्यूरो का संचालन अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक/पुलिस महानिरीक्षक रैंक के एक निदेशक के अधीन होगा। ब्यूरो के चार विभाग होंगे — (1) प्रवर्तन और शिक्षा के माध्यम से यातायात प्रबंधन, (2) सड़क और रेल सुरक्षा विभाग, (3) प्रशासनिक विभाग, तथा (4) सतर्कता एवं मानक विभाग।
ब्यूरो का प्रमुख लक्ष्य राज्यभर में मानकीकृत यातायात प्रवर्तन, इंजीनियरिंग, जनशिक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था स्थापित करना है। इसके अतिरिक्त सभी राजमार्गों और आउटर रिंग रोड (ओआरआर) पर गश्त तथा सुरक्षा इंतज़ाम को भी सुदृढ़ किया जाएगा।
ट्रैफिक मैनेजमेंट फंड और सुप्रीम कोर्ट का निर्देश
डीजीपी आनंद ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में एक ट्रैफिक मैनेजमेंट फंड गठित किया गया है। इस फंड में पुलिस द्वारा वसूले गए यातायात जुर्माने की राशि का 40 प्रतिशत जमा किया जाएगा। यह राशि यातायात सुरक्षा उपायों को वित्त-पोषित करने के लिए उपयोग होगी।
गौरतलब है कि जिलों और कमिश्नरेटों के मौजूदा यातायात विभाग अपने-अपने परिचालन नियंत्रण अधिकारियों के अधीन काम करते रहेंगे, लेकिन राज्यव्यापी मानकीकृत नीतियों के लिए वे TG-TMARS ब्यूरो के निर्देशों का पालन करने के लिए बाध्य होंगे।
पुलिस पुनर्गठन की व्यापक प्रक्रिया
TG-TMARS का गठन तेलंगाना पुलिस विभाग की एक बड़ी पुनर्गठन प्रक्रिया का हिस्सा है। माओवादी समस्या के काफी हद तक समाप्त हो जाने के बाद, विभाग अपने जनबल का युक्तिकरण कर रहा है। डीजीपी आनंद ने जुलाई में घोषणा की थी कि ग्रेहाउंड्स, ऑक्टोपस और एसआईबी जैसी विशेष इकाइयों के 513 कर्मियों को परिचालन आवश्यकताओं के आधार पर आठ विभागों में स्थानांतरित किया जा रहा है।
डीजीपी ने स्पष्ट किया कि दशकों में पुलिसिंग का स्वरूप बदल चुका है। 1980, 1990 और 2000 के दशकों में जहाँ वामपंथी उग्रवाद और आतंकवाद प्रमुख चुनौतियाँ थीं, वहीं आज मादक पदार्थों की तस्करी, साइबर अपराध, ऑनलाइन सट्टेबाजी, निवेश धोखाधड़ी, यातायात प्रबंधन, सड़क सुरक्षा और खाद्य मिलावट जैसी समस्याएँ प्रमुखता पा रही हैं।
सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता
डीजीपी आनंद ने जुलाई में भी यह स्पष्ट किया था कि तेलंगाना पुलिस के लिए सड़क सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। TG-TMARS के गठन को इसी प्रतिबद्धता की औपचारिक परिणति के रूप में देखा जा रहा है।
आनंद ने कहा, 'हम चारों कमिश्नरेटों और पूरे राज्य में यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने और सड़क दुर्घटनाओं तथा मौतों को कम करने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे।' अब देखना यह होगा कि यह नव-गठित ब्यूरो जमीनी स्तर पर किस गति से काम शुरू करता है और इसके पहले परिणाम कब सामने आते हैं।