तेलंगाना सरकार द्वारा सीएसआर फंड में वृद्धि के लिए नई नीति और पोर्टल की योजना
सारांश
Key Takeaways
- सीएसआर फंड में वृद्धि के लिए नई नीति विकसित की जा रही है।
- हर साल सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे।
- एक अलग सीएसआर सेल स्थापित किया जा रहा है।
- 'तेलंगाना सीएसआर पोर्टल' का निर्माण किया जाएगा।
- राज्य में सीएसआर योगदान में वृद्धि की आवश्यकता है।
हैदराबाद, २६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने गुरुवार को यह जानकारी दी कि राज्य सरकार कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) फंड को आकर्षित करने और इसके प्रभावी उपयोग के लिए एक नई नीति विकसित करेगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जो कंपनियां राज्य में सबसे अधिक सीएसआर फंड का योगदान करती हैं, उनके प्रबंधन और प्रतिनिधियों को हर साल सम्मानित करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह कार्यक्रम राज्य स्थापना दिवस पर आयोजित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, राज्य स्तर पर एक अलग सीएसआर सेल स्थापित करने का निर्णय लिया गया है, जो राज्य में चल रही सीएसआर गतिविधियों का समन्वय करेगा और विभिन्न सरकारी विभागों की उन परियोजनाओं की जानकारी जुटाएगा, जिन्हें सीएसआर फंडिंग के माध्यम से पूरा किया जा सकता है।
इसके अतिरिक्त, 'तेलंगाना सीएसआर पोर्टल' बनाने की भी स्वीकृति दी गई है। यह पोर्टल राज्य सरकार और कॉरपोरेट कंपनियों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करेगा। इसमें विभिन्न विभागों की परियोजनाओं का विस्तृत विवरण होगा, जिनमें कंपनियां सीएसआर के तहत निवेश कर सकेंगी।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि पोर्टल को यूजर-फ्रेंडली और आकर्षक बनाया जाए, ताकि कंपनियां आसानी से अपनी रुचि के अनुसार परियोजनाएं चुन सकें।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि देश में कुल सीएसआर योगदान में तेलंगाना की हिस्सेदारी वर्तमान में केवल ३ प्रतिशत है। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को सीएसआर फंड में अधिक हिस्सा मिलना चाहिए और इसके बेहतर उपयोग की आवश्यकता है।
उन्होंने अधिकारियों को सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए, ताकि राज्य की कंपनियां और उद्योग अधिक सीएसआर फंड दें और इसे तेलंगाना में ही खर्च करें।
मुख्यमंत्री ने अन्य राज्यों की नीतियों का अध्ययन करने और ऐसी नीति बनाने पर जोर दिया, जिससे अधिक से अधिक कंपनियां सीएसआर के लिए आकर्षित हो सकें।