तेलंगाना के निवर्तमान DGP बी. शिवधर रेड्डी बने राज्य सुरक्षा सलाहकार, ₹2.25 लाख मासिक वेतन मंजूर
सारांश
Key Takeaways
तेलंगाना सरकार ने 30 अप्रैल 2026 को निवर्तमान पुलिस महानिदेशक (DGP) बी. शिवधर रेड्डी को राज्य सुरक्षा सलाहकार (SSA) नियुक्त किया। यह नियुक्ति उसी दिन प्रभावी हुई जब रेड्डी सेवानिवृत्त हुए। मुख्य सचिव के. रामकृष्ण राव द्वारा जारी सरकारी आदेश (GO) में उनकी नई भूमिका, वेतन और सुविधाओं का विस्तृत ब्यौरा दिया गया है।
नई भूमिका और जिम्मेदारियाँ
सरकारी आदेश के अनुसार, बी. शिवधर रेड्डी पदभार ग्रहण करने की तारीख से तीन वर्षों तक पुलिस, कानून-व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा, अपराध नियंत्रण, नशीले पदार्थों के नियंत्रण और सड़क सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर राज्य सरकार को सलाह देंगे। उन्हें मुख्य सचिव का दर्जा और रैंक प्रदान किया गया है।
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार ने पहले ही सी.वी. आनंद को तेलंगाना का अगला DGP नियुक्त कर दिया है, जिससे शीर्ष पुलिस नेतृत्व में सुचारु बदलाव सुनिश्चित हुआ है।
वेतन और सुविधाएँ
GO के अनुसार, शिवधर रेड्डी को प्रति माह ₹2.25 लाख का निश्चित वेतन मिलेगा। आवास के संदर्भ में वे कार्यालय आवास के हकदार हैं, अथवा किराए के या अपने घर के बदले में ₹50,000 का मकान किराया भत्ता (HRA) प्राप्त कर सकते हैं।
इसके अतिरिक्त, गृह विभाग उन्हें एक सरकारी वाहन, एक OSD, एक निजी सचिव, एक निजी सहायक, दो ड्राइवर और चार कार्यालय सहायक उपलब्ध कराएगा।
हनुमंत राव की नियुक्ति
इसी क्रम में, तेलंगाना सरकार ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता वी. हनुमंत राव को पिछड़े वर्गों (BC) के कल्याण और विकास के लिए सरकारी सलाहकार नियुक्त किया है। उन्हें राज्य मंत्री का दर्जा और रैंक प्राप्त होगा।
गौरतलब है कि पूर्व सांसद हनुमंत राव तेलंगाना से राज्यसभा की दो सीटों के लिए हाल ही में हुए चुनावों में एक प्रबल दावेदार थे। हालाँकि, कांग्रेस पार्टी ने अभिषेक मनु सिंघवी और वेम नरेंद्र रेड्डी को प्राथमिकता दी, जो सर्वसम्मति से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए। सिंघवी दूसरी बार चुने गए, जबकि मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के करीबी नरेंद्र रेड्डी ने सांसद के रूप में अपना पहला कार्यकाल आरंभ किया।
वरीयता क्रम में स्थान
सरकारी आदेश के अनुसार, हनुमंत राव को 'वारंट ऑफ प्रेसिडेंस' (वरीयता क्रम) के अनुच्छेद 18 में स्थान दिया जाएगा। यह व्यवस्था केवल उनके कार्यकाल की अवधि तक लागू रहेगी और इसके लिए 'राज्य वरीयता क्रम तालिका' में किसी औपचारिक संशोधन की आवश्यकता नहीं होगी।
आगे क्या
इन दोनों नियुक्तियों से स्पष्ट है कि तेलंगाना की कांग्रेस सरकार अपने वरिष्ठ और अनुभवी चेहरों को संस्थागत ढाँचे में शामिल कर रही है। शिवधर रेड्डी की तीन वर्षीय नियुक्ति राज्य की सुरक्षा नीति में निरंतरता सुनिश्चित करेगी, जबकि हनुमंत राव की भूमिका पिछड़े वर्गों से जुड़े राजनीतिक संतुलन को दर्शाती है।