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तेलंगाना DGP सीवी आनंद ने SHO और यूनिट अधिकारियों को दिए प्रत्यक्ष पुलिसिंग के सख्त निर्देश

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तेलंगाना DGP सीवी आनंद ने SHO और यूनिट अधिकारियों को दिए प्रत्यक्ष पुलिसिंग के सख्त निर्देश

सारांश

तेलंगाना के DGP सीवी आनंद ने हैदराबाद में राज्यभर के SHO और यूनिट अधिकारियों को प्रत्यक्ष पुलिसिंग, नियमित फील्ड दौरे और CCTNS-ई-साक्ष्य जैसी डिजिटल प्रणालियों के अधिकतम उपयोग के सख्त निर्देश दिए। पुलिसकर्मियों के आचरण पर शिकायतों को गंभीरता से लेने और भूमि विवादों में अनावश्यक हस्तक्षेप से बचने की चेतावनी भी दी गई।

मुख्य बातें

DGP सीवी आनंद ने हैदराबाद में राज्यभर के यूनिट अधिकारियों और SHO के साथ उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
सभी अधिकारियों को अपने अधिकार क्षेत्र के थानों का नियमित फील्ड दौरा करने और शिविर कार्यालयों की बजाय निर्धारित कार्यालयों से काम करने का निर्देश।
CCTNS , ई-साक्ष्य पोर्टल और ICJS एप्लिकेशन के अधिकतम उपयोग पर जोर; FIR दर्ज होते ही डिजिटल साक्ष्य अपलोड करने का आदेश।
पुलिसकर्मियों के आचरण से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से निपटाने और भूमि विवादों में अनावश्यक हस्तक्षेप से बचने की चेतावनी।
सोशल मीडिया पर गलत सूचनाओं और अफवाहों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश।

तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (DGP) सीवी आनंद ने शुक्रवार, 4 जुलाई 2025 को हैदराबाद स्थित पुलिस महानिदेशक कार्यालय में राज्यभर के यूनिट अधिकारियों और थाना प्रभारियों (SHO) के साथ एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्यक्ष और प्रभावी पुलिसिंग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, ताकि आम जनता का पुलिस पर भरोसा मजबूत हो और पुलिस-जनता संबंध बेहतर बनें।

बैठक में क्या हुआ

DGP सीवी आनंद ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने अधिकार क्षेत्र के थानों का नियमित फील्ड दौरा करें। उन्होंने कहा कि जमीनी दौरों से अधिकारियों को स्थानीय समस्याओं की सटीक पहचान होती है और त्वरित सुधारात्मक कदम उठाना संभव होता है। पुलिस स्टेशनों में आने-जाने के समय का कड़ाई से पालन करने पर भी जोर दिया गया।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अधिकारियों को शिविर कार्यालयों की बजाय अपने निर्धारित कार्यालयों से काम करना होगा, जिससे जवाबदेही और सुलभता दोनों सुनिश्चित हों। कानून व्यवस्था, अपराध अनुसंधान की गुणवत्ता और स्थानीय जन-मुद्दों के आकलन को प्राथमिकता देने का निर्देश भी दिया गया।

पुलिसकर्मियों के आचरण पर चेतावनी

DGP ने स्पष्ट चेतावनी दी कि पुलिसकर्मियों के आचरण से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और सभी अधिकारियों से उच्चतम व्यावसायिकता की अपेक्षा की गई। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस को नागरिक विवादों — विशेष रूप से भूमि संबंधी मामलों — में अनावश्यक हस्तक्षेप से बचना चाहिए।

सोशल मीडिया पर फैल रही गलत सूचनाओं और अफवाहों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए, जो सांप्रदायिक तनाव या कानून व्यवस्था की स्थिति को प्रभावित कर सकती हैं।

प्रौद्योगिकी और डिजिटल पुलिसिंग पर जोर

आधुनिक पुलिसिंग में तकनीक की भूमिका को रेखांकित करते हुए DGP आनंद ने अधिकारियों को सीसीटीवी निगरानी प्रणाली (CCTNS), ई-साक्ष्य पोर्टल, ICJS एप्लिकेशन और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म का अधिकतम उपयोग करने का निर्देश दिया। SHO को विशेष रूप से कहा गया कि FIR दर्ज होते ही सभी प्रासंगिक डिजिटल साक्ष्य ई-साक्ष्य पोर्टल पर अपलोड किए जाएं, ताकि जांच और अभियोजन प्रक्रिया तेज और प्रभावी हो।

किन पहलुओं की हुई समीक्षा

बैठक में CCTNS निगरानी, फील्ड विजिट, थाना निरीक्षण, वाहन चेकिंग, नशीले पदार्थों और गांजा नियंत्रण, साइबर अपराध जांच, सड़क सुरक्षा और अपराध अनुसंधान सहित समग्र पुलिसिंग मानकों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। यह समीक्षा बैठक तेलंगाना पुलिस की जन-केंद्रित कार्यप्रणाली को संस्थागत रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

आगे क्या

DGP के इन निर्देशों के अनुपालन की निगरानी के लिए नियमित समीक्षा तंत्र स्थापित किए जाने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि फील्ड दौरे और डिजिटल साक्ष्य संग्रह को व्यवस्थित रूप से लागू किया जाए, तो तेलंगाना में जांच की गुणवत्ता और नागरिक संतुष्टि दोनों में सुधार हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा अनुपालन की निगरानी में होगी — क्योंकि फील्ड दौरे और डिजिटल साक्ष्य अपलोडिंग जैसे आदेश तेलंगाना पुलिस में पहले भी जारी हो चुके हैं। भूमि विवादों में पुलिस के अनावश्यक हस्तक्षेप की शिकायतें राज्य में लंबे समय से चर्चा में रही हैं, और इस पर स्पष्ट रेखा खींचना सकारात्मक है। हालांकि, बिना जवाबदेही तंत्र और स्वतंत्र निगरानी के, ये निर्देश केवल कागज़ी अभ्यास बनकर रह सकते हैं।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना DGP सीवी आनंद ने क्या निर्देश दिए?
DGP सीवी आनंद ने राज्यभर के SHO और यूनिट अधिकारियों को प्रत्यक्ष पुलिसिंग को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, नियमित फील्ड दौरे करने और CCTNS व ई-साक्ष्य जैसी डिजिटल प्रणालियों का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिसकर्मियों के आचरण पर शिकायतों को गंभीरता से लेने की भी चेतावनी दी।
यह समीक्षा बैठक कहाँ और कब हुई?
यह उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक हैदराबाद स्थित पुलिस महानिदेशक कार्यालय में शुक्रवार, 4 जुलाई 2025 को हुई। इसमें तेलंगाना के विभिन्न जिलों के यूनिट अधिकारी और थाना प्रभारी (SHO) शामिल हुए।
CCTNS और ई-साक्ष्य पोर्टल का पुलिसिंग में क्या महत्व है?
CCTNS (Crime and Criminal Tracking Network and Systems) एक राष्ट्रीय डिजिटल निगरानी प्रणाली है जो अपराध डेटा को केंद्रीकृत करती है। ई-साक्ष्य पोर्टल पर FIR दर्ज होते ही डिजिटल साक्ष्य अपलोड करने से जांच तेज होती है और अभियोजन प्रक्रिया मजबूत बनती है।
भूमि विवादों में पुलिस हस्तक्षेप को लेकर DGP ने क्या कहा?
DGP आनंद ने स्पष्ट किया कि पुलिस को नागरिक विवादों, विशेष रूप से भूमि संबंधी मामलों में अनावश्यक रूप से हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। ऐसे मामले सिविल न्यायालयों या राजस्व विभाग के दायरे में आते हैं।
तेलंगाना पुलिस में सुधार के लिए और क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
बैठक में साइबर अपराध जांच, सड़क सुरक्षा, नशीले पदार्थों पर नियंत्रण और सोशल मीडिया अफवाहों की निगरानी सहित कई पहलुओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों को शिविर कार्यालयों की बजाय निर्धारित कार्यालयों से काम करने और समय-पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
राष्ट्र प्रेस
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